2. भारतीय इतिहास PYQ — RAS Pre 2016-2024 (55 प्रश्न)

55 प्रश्न · उत्तर व व्याख्या सहित · RAS / RTS · PYQ (RAS Pre 2016-2024)

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प्रश्न 1
निम्न में से भारत सरकार अधिनियम 1919 के बारे में असत्य कथन को चिह्नित कीजिये [RAS प्री 2016]
(A) भारत सरकार अधिनियम, 1919, 1921 में लागू हुआ
(B) यह अधिनियम मोर्ले-मिन्टो सुधार अधिनियम के नाम से भी जाना जाता है
(C) मोन्टेग्यू भारत के राज्य सचिव एवं लॉर्ड चेम्सफोर्ड भारत के वायसराय थे
(D) इस अधिनियम में केन्द्रीय एवं प्रान्तीय विषयों को अलग कर दिया गया था
व्याख्या: विकल्प 2 असत्य कथन है — 1919 का अधिनियम मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार कहलाता है, मोर्ले-मिन्टो नहीं; मोर्ले-मिन्टो सुधार 1909 का अधिनियम था। शेष तीनों कथन सही हैं — यह अधिनियम 1921 में लागू हुआ, मॉन्टेग्यू भारत सचिव व चेम्सफोर्ड वायसराय थे, तथा इसने केन्द्रीय एवं प्रान्तीय विषयों का पृथक्करण कर प्रान्तों में द्वैध शासन लागू किया।
प्रश्न 2
निम्न में से एक कथन असत्य है, बताइये [RAS प्री 2016]
(A) बम्बई राज्य गुजरात एवं महाराष्ट्र में विभाजित किया गया
(B) मैसूर राज्य का नया नाम तमिलनाडु रखा गया
(C) हिमाचल प्रदेश पहले संघ शासित प्रदेश की सूची में था
(D) गोवा को दमन एवं दीव से अलग किया गया
व्याख्या: विकल्प 2 असत्य कथन है — मैसूर राज्य का नाम बदलकर कर्नाटक रखा गया (1973), तमिलनाडु नहीं; तमिलनाडु मद्रास राज्य का नया नाम है। शेष तीनों कथन सही हैं — बम्बई राज्य 1960 में गुजरात एवं महाराष्ट्र में विभाजित हुआ, हिमाचल प्रदेश पहले संघ शासित प्रदेश था (1971 में राज्य बना) तथा गोवा को 1987 में दमन व दीव से अलग कर राज्य बनाया गया।
प्रश्न 3
निम्न में से एक भारत सरकार अधिनियम, 1935 की मुख्य विशेषताओं में से नहीं थी [RAS प्री 2016]
(A) यह प्रान्तीय स्वायत्तता के सूत्रपात का संकेत था
(B) इस अधिनियम में अखिल भारतीय महासंघ का प्रावधान था
(C) इसने प्रान्तीय स्तर पर द्वैध शासन प्रणाली को समाप्त कर केन्द्र में लागू किया
(D) अवशिष्ट विषय प्रांतीय विधायिकाओं को आवंटित किए गए थे
व्याख्या: विकल्प 4 सही उत्तर है — 1935 के अधिनियम में अवशिष्ट विषय गवर्नर जनरल (वायसराय) को सौंपे गए थे, प्रान्तीय विधायिकाओं को नहीं। शेष तीनों कथन इस अधिनियम की मान्य विशेषताएँ हैं — प्रान्तीय स्वायत्तता का सूत्रपात, अखिल भारतीय महासंघ का प्रावधान (जो कभी लागू नहीं हुआ) तथा प्रान्तों से द्वैध शासन हटाकर उसे केन्द्र में लागू करना।
प्रश्न 4
निम्न में से किन ग्रन्थों में प्राचीन भारत के सोलह महा-जनपदों (षोड्श महा-जनपद) की सूची मिलती है - (i) अर्थशास्त्र (ii) अंगुत्तर निकाय (iii) दीघ निकाय (iv) भगवती सूत्र [RAS प्री 2016]
(A) (i) और (ii)
(B) (ii) और (iv)
(C) (i), (ii) और (iii)
(D) (ii), (iii) और (iv)
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — सोलह महाजनपदों की सूची बौद्ध ग्रन्थ 'अंगुत्तर निकाय' (ii) तथा जैन ग्रन्थ 'भगवती सूत्र' (iv) में मिलती है। कथन (i) अर्थशास्त्र कौटिल्य का राजनीति-अर्थनीति विषयक ग्रन्थ है, जिसमें ऐसी सूची नहीं है। कथन (iii) दीघ निकाय में भी यह पूर्ण सूची नहीं मिलती — यही दोनों निर्णायक अपवाद हैं, जिनसे विकल्प 1, 3 एवं 4 निरस्त हो जाते हैं।
प्रश्न 5
सत्यकाम जाबाल की कथा, जो अनब्याही माँ होने के लांछन को चुनौती देती है, उल्लेखित है [RAS प्री 2016]
(A) छान्दोग्य उपनिषद्
(B) जाबाल उपनिषद्
(C) कठोपनिषद्
(D) प्रश्नोपनिषद्
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — सत्यकाम जाबाल की प्रसिद्ध कथा छान्दोग्य उपनिषद् में वर्णित है, जिसमें वह अपनी माता जबाला के कहने पर सत्य बोलकर गुरु गौतम का शिष्यत्व प्राप्त करता है; यह कथा जन्म के स्थान पर सत्यनिष्ठा को श्रेष्ठ मानने का उदाहरण है। विकल्प 2 'जाबाल उपनिषद्' नाम की समानता के कारण सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है, किन्तु यह कथा उसमें नहीं है। विकल्प 3 व 4 के उपनिषदों का विषय भिन्न है।
प्रश्न 6
संस्कृत की निम्नलिखित में से कौन सी रचनाओं ने महाभारत से अपना कथासूत्र लिया है - (i) नैषधीयचरित (ii) किरातार्जुनीयम् (iii) शिशुपालवध (iv) दशकुमारचरित [RAS प्री 2016]
(A) (i) और (iii)
(B) (ii) और (iii)
(C) (i), (ii) और (iii)
(D) (ii), (iii) और (iv)
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — 'किरातार्जुनीयम्' (भारवि) महाभारत के अर्जुन-किरात प्रसंग पर तथा 'शिशुपालवध' (माघ) शिशुपाल-वध प्रसंग पर आधारित है, अतः दोनों ने महाभारत से कथासूत्र लिया। कथन (i) 'नैषधीयचरित' (श्रीहर्ष) नल-दमयन्ती कथा पर आधारित है, जो यद्यपि महाभारत में आती है, किन्तु आयोग की कुंजी के अनुसार उसे सम्मिलित नहीं किया गया। कथन (iv) 'दशकुमारचरित' (दण्डी) एक स्वतंत्र गद्य कथा-कृति है।
प्रश्न 7
निम्नलिखित सूर्य मन्दिरों में कौन सा पाटन, गुजरात में स्थित है [RAS प्री 2016]
(A) कोणार्क
(B) मोढेरा
(C) मार्तण्ड
(D) दक्षिणार्क
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — मोढेरा का सूर्य मन्दिर गुजरात के पाटन जिले में स्थित है, जिसका निर्माण सोलंकी शासक भीमदेव प्रथम ने कराया; यह अपने सूर्यकुण्ड एवं सभामण्डप के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प 1 कोणार्क का सूर्य मन्दिर ओडिशा में, विकल्प 3 मार्तण्ड सूर्य मन्दिर कश्मीर में तथा विकल्प 4 दक्षिणार्क गया (बिहार) में स्थित है — चारों सूर्य मन्दिर होने से राज्य-मिलान ही निर्णायक है।
प्रश्न 8
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है [RAS प्री 2016]
(A) रजिया सुल्तान - दिल्ली
(B) बहादुर शाह - गुजरात
(C) बाज बहादुर - मालवा
(D) चाँद बीबी - अवध
व्याख्या: विकल्प 4 अभीष्ट (असुमेलित) युग्म है — चाँद बीबी का सम्बन्ध अहमदनगर से था, अवध से नहीं; उन्होंने अकबर की सेनाओं के विरुद्ध अहमदनगर की रक्षा की थी। शेष तीनों युग्म सही हैं — रज़िया सुल्तान दिल्ली की, बहादुर शाह गुजरात के तथा बाज बहादुर मालवा के शासक थे। ध्यान दें कि अवध का स्वतंत्र नवाबी अस्तित्व अठारहवीं शताब्दी में आया, चाँद बीबी के काल से बहुत बाद।
प्रश्न 9
नवीं शताब्दी ई. में निम्नलिखित में से किसके द्वारा चोल साम्राज्य की नींव डाली गयी [RAS प्री 2016]
(A) विजयालय
(B) कृष्ण I
(C) परांतक
(D) राजराज चोल
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — नवीं शताब्दी में विजयालय ने तंजौर पर अधिकार कर चोल साम्राज्य की नींव डाली और इसी से चोलों का पुनरुत्थान आरम्भ हुआ। विकल्प 3 परांतक तथा विकल्प 4 राजराज चोल परवर्ती एवं अधिक प्रसिद्ध शासक हैं — राजराज ने बृहदेश्वर मन्दिर बनवाया, इसीलिए वे सर्वाधिक भ्रामक विकल्प हैं; किन्तु प्रश्न 'नींव डालने' का है, विस्तार का नहीं। विकल्प 2 कृष्ण प्रथम राष्ट्रकूट शासक थे।
प्रश्न 10
16वीं शताब्दी में संपन्न महाभारत का फारसी अनुवाद कहलाता है [RAS प्री 2016]
(A) हमज़ानामा
(B) आलमगीरनामा
(C) बादशाहनामा
(D) रज्मनामा
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — महाभारत का फारसी अनुवाद 'रज़्मनामा' (युद्धों की पुस्तक) कहलाता है, जो अकबर के आदेश पर सोलहवीं शताब्दी में मकतबखाना में तैयार हुआ। विकल्प 1 'हमज़ानामा' अमीर हमज़ा की साहसिक कथाओं का सचित्र ग्रन्थ है। विकल्प 2 'आलमगीरनामा' औरंगजेब का तथा विकल्प 3 'बादशाहनामा' शाहजहाँ का दरबारी इतिहास है — तीनों मुगलकालीन ग्रन्थ होने से यह प्रश्न सावधानी माँगता है।
प्रश्न 11
निम्न में से कौन चिश्ती सिलसिले से संबद्ध नहीं है [RAS प्री 2016]
(A) शेख मुइनुद्दीन
(B) ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी
(C) शेख निजामुद्दीन औलिया
(D) शेख अब्दुल जिलानी
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — शेख अब्दुल कादिर जिलानी चिश्ती नहीं, बल्कि कादिरी सिलसिले के प्रवर्तक थे। शेष तीनों चिश्ती सिलसिले के प्रमुख सन्त हैं — शेख मुइनुद्दीन चिश्ती (अजमेर), ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी (दिल्ली) तथा शेख निजामुद्दीन औलिया (दिल्ली)। चिश्ती सिलसिला राज्याश्रय से दूर रहा और भारत में सर्वाधिक लोकप्रिय हुआ।
प्रश्न 12
निम्नलिखित में से कौन सा एक युग्म सुमेलित नहीं है [RAS प्री 2016]
(A) रिंग फेंस की नीति - वारेन हेस्टिंग्ज
(B) ठगी का दमन - विलियम बैंटिक
(C) वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट - कर्ज़न
(D) इल्बर्ट बिल - रिपन
व्याख्या: विकल्प 3 अभीष्ट (असुमेलित) युग्म है — वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट 1878 लॉर्ड लिटन के काल में लाया गया, कर्ज़न के नहीं; कर्ज़न का सम्बन्ध बंग-भंग (1905) से है। शेष तीनों युग्म सही हैं — रिंग फेंस की नीति वारेन हेस्टिंग्ज की, ठगी का दमन विलियम बैंटिक के काल में तथा इल्बर्ट बिल लॉर्ड रिपन के समय आया।
प्रश्न 13
कथन (A): 19वीं सदी के सामाजिक धार्मिक आन्दोलनों के कारण भारत का आधुनिकीकरण हुआ। कारण (R): सामाजिक, धार्मिक आन्दोलनों के मूल में बुद्धिवाद, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा अन्य ऐसे विचार थे जो आधुनिकता के आधार माने जाते हैं। [RAS प्री 2016]
(A) (A) सही है, किन्तु (R) गलत है
(B) (R) सही है, किन्तु (A) गलत है
(C) (A) व (R) दोनों सही हैं, किन्तु (A) की सही व्याख्या (R) नहीं करता
(D) (A) व (R) दोनों सही हैं और (A) की सही व्याख्या (R) है
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — दोनों कथन सही हैं और कारण (R) दावे (A) की उचित व्याख्या करता है। 19वीं सदी के सामाजिक-धार्मिक आन्दोलनों का मूल आधार बुद्धिवाद, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं मानवतावाद रहा; यही तत्त्व आधुनिकता के आधार माने जाते हैं, अतः इन्हीं के कारण भारत का आधुनिकीकरण हुआ। विकल्प 3 इस कारण-कार्य सम्बन्ध को नकारता है, तथा विकल्प 1 व 2 किसी एक कथन को गलत मान लेने से अशुद्ध हैं।
प्रश्न 14
निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/कौन से सत्य है/हैं - (A) कांग्रेस के नागपुर सत्र (1920) के पश्चात प्रांतीय कांग्रेस समितियों का गठन भाषायी आधार पर किया गया था (B) 1948 में कांग्रेस ने भाषायी आधार पर प्रान्तों के गठन की माँग को अस्वीकार कर दिया [RAS प्री 2018]
(A) केवल (A)
(B) केवल (B)
(C) ना तो (A) ना ही (B)
(D) (A) और (B) दोनों
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — दोनों कथन सत्य हैं। नागपुर अधिवेशन (1920) के बाद कांग्रेस ने अपनी प्रान्तीय समितियाँ भाषायी आधार पर पुनर्गठित कीं, जो भाषायी पुनर्गठन के सिद्धांत की स्वीकृति थी; किन्तु स्वतंत्रता के तुरन्त बाद 1948 में, विभाजन की पृष्ठभूमि में एकता को प्राथमिकता देते हुए (धर आयोग एवं जे.वी.पी. समिति के मत पर) कांग्रेस ने भाषायी प्रान्तों की माँग अस्वीकार कर दी। यही सैद्धांतिक स्वीकृति और व्यावहारिक अस्वीकृति का अन्तर प्रश्न का मर्म है।
प्रश्न 15
केन्द्रीय विधानसभा का/के निम्नांकित में से कौन सा/से निर्वाचन भारत शासन अधिनियम, 1919 के तहत हुआ/हुए - (A) 1926 (B) 1937 (C) 1945 [RAS प्री 2018]
(A) केवल (A)
(B) (B) और (C)
(C) (A) और (C)
(D) (A), (B) और (C)
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — भारत शासन अधिनियम 1919 के तहत केन्द्रीय विधानसभा के निर्वाचन 1926 (A) एवं 1945 (C) में हुए। कथन (B) 1937 का चुनाव भारत शासन अधिनियम 1935 के अन्तर्गत हुआ था, जो प्रान्तीय स्वायत्तता का चुनाव था — यही एकमात्र निर्णायक अपवाद है, जिससे विकल्प 2 एवं 4 निरस्त हो जाते हैं तथा विकल्प 1 अधूरा रह जाता है।
प्रश्न 16
गांधियन कॉन्स्टीट्यूशन फॉर फ्री इण्डिया किसने लिखी [RAS प्री 2018]
(A) अरुणा आसफ अली
(B) अच्युत पटवर्धन
(C) श्रीमन नारायण अग्रवाल
(D) हुमायूँ कबीर
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — 'गांधियन कॉन्स्टीट्यूशन फॉर फ्री इण्डिया' के लेखक श्रीमन नारायण अग्रवाल थे, जिसमें गांधीवादी विकेन्द्रीकृत ग्राम-स्वराज आधारित संविधान की रूपरेखा प्रस्तुत की गई थी। विकल्प 1 अरुणा आसफ अली 1942 आन्दोलन की नेत्री, विकल्प 2 अच्युत पटवर्धन समाजवादी नेता तथा विकल्प 4 हुमायूँ कबीर शिक्षाविद् एवं मंत्री रहे — तीनों का इस कृति से सम्बन्ध नहीं।
प्रश्न 17
निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए (राजवंश - राजधानी) - A. शुंग B. सातवाहन C. कदम्ब D. चन्देल / i. महोबा ii. बनवासी iii. पैठन iv. पाटलीपुत्र [RAS प्री 2018]
(A) A-iv, B-iii, C-ii, D-i
(B) A-iv, B-ii, C-iii, D-i
(C) A-i, B-iv, C-ii, D-iii
(D) A-i, B-ii, C-iii, D-iv
व्याख्या: सही सुमेलन — शुंग वंश की राजधानी पाटलीपुत्र (iv), सातवाहन की पैठन/प्रतिष्ठान (iii), कदम्ब की बनवासी (ii) तथा चन्देल की महोबा (i)। यह क्रम विकल्प 1 में है। सबसे सरल जाँच शुंग-पाटलीपुत्र से होती है, क्योंकि शुंगों ने मौर्यों की ही राजधानी बनाए रखी — इसे पहचानते ही विकल्प 3 व 4 तत्काल निरस्त हो जाते हैं, और सातवाहन-पैठन की जाँच से विकल्प 2 भी।
प्रश्न 18
मंदिर स्थापत्य के बारे में निम्नलिखित में से कौन से कथन सत्य हैं - (i) स्वतंत्र आधार (चूना-पत्थर) के मंदिरों का उद्भव गुप्तकाल में माना जाता है (ii) लाडखां, जो कि एक प्रारंभिक मंदिर है, बादामी के चालुक्यों से संबद्ध है (iii) खजुराहों के मंदिरों में, मंदिर के समस्त खण्ड आंतरिक और बाह्य रूप से जुड़े हुए हैं (iv) कांची का कैलाशनाथ मंदिर द्रविड़ शैली का सबसे प्रारंभिक स्वतंत्र आधार का मंदिर है [RAS प्री 2018]
(A) (i), (iii) एवं (iv)
(B) (i) एवं (ii)
(C) (i), (ii) एवं (iv)
(D) (i), (ii) एवं (iii)
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — कथन (i), (ii) एवं (iii) सत्य हैं: स्वतंत्र आधार वाले मन्दिरों का उद्भव गुप्तकाल में माना जाता है, बादामी के चालुक्यों से सम्बद्ध लाडखां एक प्रारम्भिक मन्दिर है, तथा खजुराहो के मन्दिरों में सभी खण्ड आन्तरिक एवं बाह्य रूप से जुड़े हुए हैं। कथन (iv) अशुद्ध है क्योंकि द्रविड़ शैली का प्रारम्भिकतम स्वतंत्र आधार वाला मन्दिर महाबलिपुरम का तटीय मन्दिर माना जाता है, कांची का कैलाशनाथ नहीं — वह परवर्ती है।
प्रश्न 19
निम्नलिखित में से कौन सा एक कथन प्राचीन भारत की श्रेणी व्यवस्था के बारे में असत्य है [RAS प्री 2018]
(A) श्रेणी व्यापारियों और कारीगरों का संगठन थी
(B) उत्पादित वस्तुओं की गुणवत्ता और कीमत संबंधित श्रेणी द्वारा निर्धारित की जाती थी
(C) श्रेणी अपने सदस्यों के आचरण पर भी नियंत्रण रखती थी
(D) श्रेणी व्यवस्था मात्र उत्तर भारत में प्रचलित थी
व्याख्या: विकल्प 4 असत्य कथन है — श्रेणी व्यवस्था केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं थी; दक्षिण भारत में भी 'मणिग्रामम्' एवं 'अय्यावोले' जैसी सुसंगठित व्यापारिक श्रेणियाँ अत्यन्त सक्रिय थीं। शेष तीनों कथन सही हैं — श्रेणी व्यापारियों एवं शिल्पियों का संगठन थी, वह उत्पादों की गुणवत्ता एवं कीमत निर्धारित करती थी तथा अपने सदस्यों के आचरण पर भी नियंत्रण रखती थी।
प्रश्न 20
दिल्ली सल्तनत में दीवान-ए-अर्ज विभाग की स्थापना किसने की [RAS प्री 2018]
(A) बलबन
(B) इल्तुतमिश
(C) अलाउद्दीन खिलजी
(D) फिरोज तुग़लक
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — दिल्ली सल्तनत में सैन्य विभाग 'दीवान-ए-अर्ज' की स्थापना बलबन ने की, जिसका प्रमुख 'आरिज़-ए-मुमालिक' कहलाता था। विकल्प 3 अलाउद्दीन खिलजी ने इसी विभाग को सुदृढ़ करते हुए दाग एवं हुलिया प्रथा लागू की — यही सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है, क्योंकि 'स्थापना' और 'सुधार' का अन्तर यहाँ निर्णायक है। विकल्प 2 इल्तुतमिश ने इक्ता व्यवस्था तथा विकल्प 4 फिरोज तुगलक ने दीवान-ए-खैरात आरम्भ किया।
प्रश्न 21
वरकरी संप्रदाय की मुख्य पीठ अवस्थित है [RAS प्री 2018]
(A) शृंगेरी में
(B) पंढ़रपुर में
(C) नदिया में
(D) वाराणसी में
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — वरकरी सम्प्रदाय की मुख्य पीठ महाराष्ट्र के पंढ़रपुर में स्थित है, जहाँ विठोबा (विट्ठल) का प्रसिद्ध मन्दिर है; ज्ञानेश्वर, नामदेव एवं तुकाराम इसी परम्परा के सन्त रहे। विकल्प 1 शृंगेरी शंकराचार्य के अद्वैत मठ का केन्द्र है। विकल्प 3 नदिया (नवद्वीप) चैतन्य महाप्रभु से तथा विकल्प 4 वाराणसी कबीर एवं रामानन्द परम्परा से जुड़ा है।
प्रश्न 22
निम्नलिखित घटनाओं का सही कालक्रम चुनिए - (i) लखनऊ समझौता (ii) स्वराज दल की स्थापना (iii) जलियांवाला हत्याकाण्ड (iv) बाल गंगाधर तिलक की मृत्यु [RAS प्री 2018]
(A) (i), (iv), (iii) एवं (ii)
(B) (iv), (iii), (i) एवं (ii)
(C) (i), (iii), (iv) एवं (ii)
(D) (i), (ii), (iii) एवं (iv)
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — सही कालक्रम है लखनऊ समझौता (i, 1916), जलियांवाला हत्याकाण्ड (iii, 1919), बाल गंगाधर तिलक की मृत्यु (iv, 1920) तथा स्वराज दल की स्थापना (ii, 1923)। स्मरण-सूत्र यह है कि तिलक की मृत्यु असहयोग आन्दोलन के आरम्भ वर्ष 1920 में हुई और स्वराज दल की स्थापना असहयोग की समाप्ति के बाद हुई — इन दो को स्थिर करते ही शेष विकल्प निरस्त हो जाते हैं।
प्रश्न 23
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है (संस्था - प्रवर्तक) [RAS प्री 2018]
(A) सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसायटी - जी.के. गोखले
(B) सोशल सर्विस लीग - एन.एम. जोशी
(C) सेवा समिति - एच.एन. कुंजरू
(D) सोशल रिफॉर्म एसोसिएशन - श्रीराम बाजपेयी
व्याख्या: विकल्प 4 अभीष्ट (असुमेलित) युग्म है — 'सोशल रिफॉर्म एसोसिएशन' के प्रवर्तक श्रीराम बाजपेयी नहीं थे। शेष तीनों युग्म सही हैं — सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसायटी के जी.के. गोखले (1905), सोशल सर्विस लीग के एन.एम. जोशी तथा सेवा समिति के एच.एन. कुंजरू। ये तीनों संस्थाएँ बीसवीं शताब्दी के आरम्भ में समाज सेवा एवं रचनात्मक कार्य की प्रमुख संस्थाएँ रहीं।
प्रश्न 24
क्रांतिकारी, जो हार्डिंग बम काण्ड में शामिल नहीं था [RAS प्री 2018]
(A) मास्टर अमीर चंद
(B) भगवती चरण वोहरा
(C) भाई बालमुकुन्द
(D) अवध बिहारी
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — भगवती चरण वोहरा हार्डिंग बम काण्ड (1912) में सम्मिलित नहीं थे; वे बाद की पीढ़ी के क्रांतिकारी थे और हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन से जुड़े रहे। शेष तीनों — मास्टर अमीर चंद, भाई बालमुकुन्द एवं अवध बिहारी — इस काण्ड में अभियुक्त बनाए गए और उन्हें फाँसी दी गई। यह घटना वायसराय लॉर्ड हार्डिंग के दिल्ली प्रवेश के अवसर पर हुई थी।
प्रश्न 25
गांधी-इरविन समझौते में किसने मध्यस्थ की भूमिका अदा की [RAS प्री 2018]
(A) मोतीलाल नेहरू
(B) तेज बहादुर सप्रू
(C) एनी बेसेन्ट
(D) चिन्तामणि
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — गांधी-इरविन समझौते (1931) में तेज बहादुर सप्रू ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई; उदारवादी नेताओं के इसी प्रयास से कांग्रेस एवं सरकार के बीच वार्ता सम्भव हुई। विकल्प 1 मोतीलाल नेहरू का 1931 से पूर्व ही निधन हो चुका था, अतः वह विकल्प तिथि की दृष्टि से ही निरस्त हो जाता है। विकल्प 3 एनी बेसेन्ट एवं विकल्प 4 चिन्तामणि की इस विशिष्ट वार्ता में मध्यस्थ भूमिका नहीं रही।
प्रश्न 26
निम्नलिखित में से कौन–कौन से सिद्धांत जैन धर्म से संबंधित हैं? (i) अनेकान्तवाद (ii) सर्वस्तिवाद (iii) शून्यवाद (iv) स्यादवाद [RAS प्री 2021]
(A) (i) एवं (iv)
(B) (ii) एवं (iv)
(C) (i), (ii) एवं (iii)
(D) (ii) एवं (iii)
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — अनेकान्तवाद (सत्य के अनेक पक्ष) एवं स्यादवाद/सप्तभंगी नय दोनों जैन दर्शन के मूल सिद्धांत हैं। शेष दो बौद्ध दर्शन से हैं — सर्वस्तिवाद हीनयान की एक शाखा का सिद्धांत है तथा शून्यवाद नागार्जुन प्रवर्तित माध्यमिक (महायान) सिद्धांत है। इसी कारण विकल्प 2, 3 एवं 4 अशुद्ध हैं, क्योंकि प्रत्येक में कम से कम एक बौद्ध सिद्धांत सम्मिलित है।
प्रश्न 27
सूची–I एवं सूची–II को सुमेलित कीजिए — (A) हावड़ा षड्यंत्र केस (B) लाहौर षड्यंत्र केस (C) दिल्ली षड्यंत्र केस (D) अलीपुर षड्यंत्र केस; (i) मास्टर अमीचंद (अमीरचंद) (ii) अरविन्द घोष (iii) जतिन्द्रनाथ मुखर्जी (iv) राजगुरु [RAS प्री 2021]
(A) A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i)
(B) A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv)
(C) A-(iii), B-(iv), C-(i), D-(ii)
(D) A-(ii), B-(iii), C-(iv), D-(i)
व्याख्या: सही सुमेलन — हावड़ा षड्यंत्र केस में जतिन्द्रनाथ मुखर्जी (बाघा जतिन) (iii), लाहौर षड्यंत्र केस में राजगुरु (iv), दिल्ली षड्यंत्र (दिल्ली-लाहौर बम) केस में मास्टर अमीरचंद (i) तथा अलीपुर बम केस में अरविन्द घोष (ii) अभियुक्त थे। यह क्रम विकल्प 3 में है। विकल्प 1 पूर्णतः उल्टा क्रम देता है। विकल्प 2 क्रमिक (i-ii-iii-iv) होने से आकर्षक लगता है पर प्रत्येक युग्म गलत है। विकल्प 4 में अलीपुर के साथ अमीरचंद जोड़ा गया है, जो अशुद्ध है।
प्रश्न 28
विधवा पुनर्विवाह को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 1871 ई. में राजमुन्द्री सोशल रिफॉर्म एसोसिएशन स्थापित किया गया था — [RAS प्री 2021]
(A) वीरेशलिंगम द्वारा
(B) के. रामकृष्ण पिल्लई द्वारा
(C) के. टी. तेलंग द्वारा
(D) गोपालाचारियार द्वारा
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — कंदुकुरी वीरेशलिंगम पंतुलु ने 1871 ई. में राजमुन्द्री सोशल रिफॉर्म एसोसिएशन की स्थापना की और आन्ध्र में विधवा पुनर्विवाह का अभियान चलाया; उन्हें 'आन्ध्र का विद्यासागर' कहा जाता है। विकल्प 2 के. रामकृष्ण पिल्लई मलयालम पत्रकार एवं 'स्वदेशाभिमानी' के सम्पादक थे। विकल्प 3 के. टी. तेलंग मुम्बई के विधिवेत्ता एवं कांग्रेस के आरम्भिक नेता थे। विकल्प 4 गोपालाचारियार का सम्बन्ध इस संस्था से नहीं है।
प्रश्न 29
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइन्स की स्थापना बैंगलोर में कब और किनके प्रयासों से हुई? [RAS प्री 2021]
(A) 1917, प्रफुल्ल चंद राय
(B) 1930, जे. सी. बोस
(C) 1909, जमशेदजी टाटा
(D) 1911, मेघनाद साहा
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) की स्थापना 1909 ई. में बैंगलोर में हुई, जिसकी परिकल्पना एवं आर्थिक आधार जमशेदजी टाटा ने दिया; मैसूर रियासत ने भूमि उपलब्ध कराई। शेष तीनों विकल्प वर्ष तथा व्यक्ति दोनों में अशुद्ध हैं — विकल्प 1 के प्रफुल्ल चंद राय ने बंगाल केमिकल्स की स्थापना की, विकल्प 2 के जे. सी. बोस ने 1917 में बोस इंस्टिट्यूट (कलकत्ता) खोला, तथा विकल्प 4 के मेघनाद साहा साहा आयनन समीकरण के लिए विख्यात खगोल-भौतिकीविद् थे।
प्रश्न 30
सूची–I (तीर्थंकर) एवं सूची–II (उनके संज्ञान/चिह्न) को सुमेलित कीजिए — (A) पार्श्वनाथ (B) आदिनाथ (C) महावीर (D) शांतिनाथ; (i) वृषभ (ii) सिंह (iii) सर्प (iv) हिरण [RAS प्री 2021]
(A) A-(ii), B-(iii), C-(iv), D-(i)
(B) A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i)
(C) A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv)
(D) A-(iii), B-(i), C-(ii), D-(iv)
व्याख्या: सही सुमेलन — पार्श्वनाथ का चिह्न सर्प (iii), आदिनाथ/ऋषभदेव का वृषभ (i), महावीर का सिंह (ii) तथा शांतिनाथ का हिरण (iv) है। यह क्रम केवल विकल्प 4 में है। शेष तीनों विकल्पों में सबसे सरलता से पहचाने जाने वाले दो युग्म — आदिनाथ–वृषभ (नाम 'ऋषभ' से ही संकेत) तथा महावीर–सिंह — गलत बैठ रहे हैं, अतः वे तत्काल निरस्त किए जा सकते हैं।
प्रश्न 31
मौर्य कालीन मूर्तियों में, मणिभद्र (यक्ष) नाम से अंकित मूर्ति किस स्थान से प्राप्त हुई है? [RAS प्री 2021]
(A) झींग–का–नगरा
(B) नोह ग्राम
(C) बेसनगर
(D) परखम
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — मणिभद्र यक्ष की मौर्यकालीन विशाल प्रतिमा परखम (मथुरा, उत्तर प्रदेश) से प्राप्त हुई, जिस पर 'मणिभद्र' नाम अंकित है; यह मथुरा संग्रहालय में सुरक्षित है। विकल्प 1 झींग-का-नगरा (भरतपुर) से भी यक्ष प्रतिमा मिली है, किन्तु उस पर मणिभद्र नाम अंकित नहीं — यही इस प्रश्न का प्रमुख विभेदक बिन्दु है। विकल्प 2 नोह (भरतपुर) से जाखबाबा यक्ष मूर्ति प्राप्त हुई। विकल्प 3 बेसनगर (विदिशा) हेलियोडोरस के गरुड़ स्तम्भ के लिए प्रसिद्ध है।
प्रश्न 32
भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान, कनकलता बरुआ नामक एक कन्या ने जनता का एक जुलूस निकाला और पुलिस की परवाह न करते हुए थाने में घुसने के प्रयास में गोली खाई। यह घटना किस स्थान की है? [RAS प्री 2021]
(A) सोनितपुर
(B) मिदनापुर
(C) कोरापुर
(D) गोहपुर
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — 20 सितम्बर 1942 को असम के गोहपुर (तत्कालीन दरंग जिला) थाने पर तिरंगा फहराने के प्रयास में 17 वर्षीय कनकलता बरुआ पुलिस गोली से शहीद हुईं। विकल्प 1 सोनितपुर असम का ही जिला है और गोहपुर आज उसी क्षेत्र में आता है, इसलिए यह सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है — किन्तु घटनास्थल विशेष रूप से गोहपुर थाना था। विकल्प 2 मिदनापुर (बंगाल) तथा विकल्प 3 कोरापुर (ओडिशा) में भी 1942 की घटनाएँ हुईं, पर वे कनकलता से सम्बन्धित नहीं।
प्रश्न 33
सूची–I एवं सूची–II को सुमेलित कीजिए — (A) ब्रीही (B) मुद्ग (C) यव (D) इक्षु; (i) गन्ना (ii) चावल (iii) मूंग (iv) जौ [RAS प्री 2021]
(A) A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv)
(B) A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i)
(C) A-(iii), B-(iv), C-(i), D-(ii)
(D) A-(ii), B-(iii), C-(iv), D-(i)
व्याख्या: वैदिक/संस्कृत नामों का सही अर्थ — ब्रीही = चावल (ii), मुद्ग = मूंग (iii), यव = जौ (iv) तथा इक्षु = गन्ना (i)। यह क्रम विकल्प 4 में है। विकल्प 2 निकटतम भ्रम उत्पन्न करता है क्योंकि उसमें केवल A और C परस्पर बदल गए हैं। विकल्प 1 व 3 में इक्षु का गन्ने से सम्बन्ध ही टूट रहा है, अतः वे शीघ्र निरस्त हो जाते हैं। संकेत: 'यव' शब्द से ही 'जौ' व्युत्पन्न है — यह स्मरण-सूत्र पूरे प्रश्न को हल कर देता है।
प्रश्न 34
सेन्ट्रल इलेक्ट्रोकेमिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट की स्थापना अलगप्पा चेटियार, डॉ. शांति स्वरूप भटनागर एवं पं. जवाहरलाल नेहरू के प्रयासों से कहाँ और कब की गई? [RAS प्री 2021]
(A) लखनऊ, 1951
(B) कराईकुड़ी, 1953
(C) चेन्नई, 1948
(D) शिवगंगा, 1953
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — CECRI की स्थापना 1953 ई. में कराईकुड़ी (तमिलनाडु) में हुई; यह CSIR की प्रयोगशाला है। विकल्प 4 सर्वाधिक भ्रामक है क्योंकि वर्ष 1953 तो सही है और कराईकुड़ी शिवगंगा जिले में ही स्थित है, किन्तु संस्थान का स्थान-नाम कराईकुड़ी है, शिवगंगा नहीं। विकल्प 1 में लखनऊ CSIR के CDRI/CSIR-IITR से सम्बद्ध है तथा वर्ष भी गलत है। विकल्प 3 में स्थान व वर्ष दोनों अशुद्ध हैं।
प्रश्न 35
निम्न कथनों पर विचार कीजिये — कथन 1: विजयनगर के शासक कृष्णदेवराय ने अमुक्तमाल्यद ग्रंथ की रचना की। कथन 2: कृष्णदेवराय को आन्ध्र भोज के नाम से भी जाना जाता है। कथन 3: उनके दरबार को अल्लसानी पेड्डना नामक राजकवि सुशोभित करता था, जो संस्कृत एवं तमिल दोनों भाषाओं का ज्ञाता था। [RAS प्री 2021]
(A) कथन 1 सही है
(B) कथन 2 सही है
(C) कथन 1 और 2 दोनों सही हैं
(D) सभी तीनों कथन सही हैं
व्याख्या: विकल्प 3 सही है क्योंकि केवल कथन 3 अशुद्ध है। कथन 1 सत्य है — कृष्णदेवराय ने तेलुगु में 'अमुक्तमाल्यद' की रचना की। कथन 2 भी सत्य है — साहित्य-संरक्षण के कारण उन्हें 'आन्ध्र भोज' कहा गया। कथन 3 में त्रुटि भाषा को लेकर है — अल्लसानी पेड्डना उनके 'अष्टदिग्गज' कवियों में अग्रणी अवश्य थे और उन्हें 'आन्ध्र कवितापितामह' कहा गया, किन्तु उनकी विशेषज्ञता तेलुगु एवं संस्कृत में थी, तमिल में नहीं। विकल्प 1 व 2 अधूरे हैं तथा विकल्प 4 असत्य कथन 3 को भी सम्मिलित कर लेता है।
प्रश्न 36
निम्नलिखित में से किसके द्वारा 'सुरकोटड़ा' नामक हड़प्पा संस्कृति के स्थल की खोज की गई थी? [RAS प्री 2023]
(A) बी.बी. लाल
(B) एस.आर. राव
(C) वाई.डी. शर्मा
(D) जगपति जोशी
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — गुजरात के कच्छ में स्थित सुरकोटड़ा की खोज 1964 में जगपति जोशी ने की; यह स्थल घोड़े की अस्थियों के अवशेष तथा विशिष्ट कब्रगाह के लिए विशेष महत्त्व रखता है। विकल्प 1 बी.बी. लाल ने कालीबंगा एवं हस्तिनापुर पर कार्य किया। विकल्प 2 एस.आर. राव ने लोथल की खोज की। विकल्प 3 वाई.डी. शर्मा ने रोपड़ का उत्खनन किया — चारों नाम हड़प्पा पुरातत्त्व से जुड़े होने के कारण यह प्रश्न सावधानी माँगता है।
प्रश्न 37
चन्द्रगुप्त द्वितीय ने अपनी पुत्री प्रभावती का विवाह किस राजवंश में कर अपनी स्थिति को सुदृढ़ बनाया? [RAS प्री 2023]
(A) लिच्छवी वंश
(B) कदम्ब वंश
(C) वाकाटक वंश
(D) नाग वंश
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — चन्द्रगुप्त द्वितीय ने अपनी पुत्री प्रभावतीगुप्ता का विवाह वाकाटक शासक रुद्रसेन द्वितीय से किया, जिससे दक्षिण-पश्चिम में सामरिक सहयोग मिला और शक विजय में सहायता हुई; रुद्रसेन की मृत्यु के बाद प्रभावतीगुप्ता ने संरक्षिका के रूप में शासन किया। विकल्प 1 लिच्छवी वंश से चन्द्रगुप्त प्रथम का विवाह-सम्बन्ध (कुमारदेवी) था — यही सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है, अतः पीढ़ी का भेद ध्यान रखें।
प्रश्न 38
भरहुत का स्तूप किस राजवंश की कला का सुन्दर उदाहरण है? [RAS प्री 2023]
(A) चोल स्थापत्य
(B) कुषाणयुगीन स्थापत्य
(C) गुप्तकाल के स्थापत्य
(D) शुंगकालीन स्थापत्य
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — मध्य प्रदेश स्थित भरहुत स्तूप की वेदिका एवं तोरण शुंगकालीन कला के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिन पर जातक कथाओं का अंकन मिलता है; मूल स्तूप मौर्यकालीन था, किन्तु उसकी प्रसिद्ध वेदिका शुंग काल में बनी। विकल्प 2 कुषाण काल गांधार एवं मथुरा शैली के लिए, विकल्प 3 गुप्तकाल देवगढ़ के दशावतार मंदिर के लिए तथा विकल्प 1 चोल स्थापत्य बृहदेश्वर मंदिर के लिए जाना जाता है।
प्रश्न 39
कृष्णदेव राय द्वारा निम्नलिखित किस कवि को 'आन्ध्र कविता पितामह' की उपाधि दी गयी थी? [RAS प्री 2023]
(A) अल्लसानी पेड्डना
(B) भट्टुमूर्ति
(C) तेनाली रामकृष्ण
(D) पिंगली सूरन्ना
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — कृष्णदेवराय ने अपने 'अष्टदिग्गज' कवियों में अग्रणी अल्लसानी पेड्डना को 'आन्ध्र कविता पितामह' की उपाधि दी; उनकी प्रसिद्ध कृति 'मनुचरितम्' है। शेष तीनों भी अष्टदिग्गज मंडली के ही सदस्य थे, इसीलिए वे अत्यन्त भ्रामक विकल्प हैं — तेनाली रामकृष्ण अपनी विनोदप्रियता के लिए, पिंगली सूरन्ना 'राघवपाण्डवीयम्' के लिए तथा भट्टुमूर्ति (रामराज भूषण) अपनी अलंकारप्रियता के लिए जाने जाते हैं।
प्रश्न 40
अकबर द्वारा फतेहपुर सीकरी में निर्मित किस इमारत में बौद्ध स्थापत्य कला का अनुसरण किया गया है? [RAS प्री 2023]
(A) शेख सलीम चिश्ती का मकबरा
(B) बुलन्द दरवाजा
(C) पंचमहल
(D) तुर्की सुल्ताना का महल
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — फतेहपुर सीकरी का पंचमहल पाँच मंजिला स्तम्भ-आधारित संरचना है, जो ऊपर की ओर क्रमशः छोटी होती जाती है; इसकी यह सोपानाकार योजना बौद्ध विहार स्थापत्य से प्रेरित मानी जाती है। विकल्प 1 शेख सलीम चिश्ती का मकबरा श्वेत संगमरमर एवं जालीदार कार्य के लिए, विकल्प 2 बुलन्द दरवाजा गुजरात विजय की स्मृति में तथा विकल्प 4 तुर्की सुल्ताना का महल अपनी काष्ठ-सदृश नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।
प्रश्न 41
गोपाल कृष्ण गोखले ने भारत सेवक समाज (Servants of India Society) की स्थापना किस वर्ष में की? [RAS प्री 2023]
(A) 1907 ई.
(B) 1906 ई.
(C) 1904 ई.
(D) 1905 ई.
व्याख्या: विकल्प 4 (1905 ई.) सही है — गोपाल कृष्ण गोखले ने 1905 में पुणे में भारत सेवक समाज की स्थापना की, जिसका उद्देश्य निःस्वार्थ भाव से देश-सेवा हेतु कार्यकर्ता तैयार करना था। शेष विकल्प निकटवर्ती वर्ष देकर भ्रम उत्पन्न करते हैं; स्मरण-सूत्र यह है कि 1905 बंग-भंग का भी वर्ष है और इसी वर्ष गोखले कांग्रेस के अध्यक्ष भी बने — तीनों घटनाओं को साथ जोड़कर याद रखें।
प्रश्न 42
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का सितम्बर 1920 में कलकत्ता में जो विशेष अधिवेशन आयोजित किया गया था और जिसमें असहयोग आन्दोलन का प्रस्ताव पारित किया गया, उसके अध्यक्ष कौन थे? [RAS प्री 2023]
(A) दादाभाई नौरोजी
(B) मौलाना अबुल कलाम आजाद
(C) लाला लाजपत राय
(D) विजय राघवाचारी
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — सितम्बर 1920 के कलकत्ता विशेष अधिवेशन की अध्यक्षता लाला लाजपत राय ने की, जिसमें गांधीजी द्वारा प्रस्तुत असहयोग आन्दोलन का प्रस्ताव पारित हुआ। विकल्प 4 विजय राघवाचारी उसी वर्ष दिसम्बर के नागपुर अधिवेशन के अध्यक्ष थे, जहाँ इस प्रस्ताव की पुष्टि की गई — यही सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है, अतः 'विशेष अधिवेशन' और 'वार्षिक अधिवेशन' का भेद ध्यान रखें।
प्रश्न 43
अगस्त 1953 में भारत सरकार द्वारा गठित किये गये राज्य पुनर्गठन आयोग के निम्नलिखित में से कौन सदस्य थे? (i) सर तेज बहादुर सप्रू (ii) जस्टिस फजल अली (iii) के.एम. पन्निकर (iv) हृदयनाथ कुंजरू [RAS प्री 2023]
(A) (ii) एवं (iii)
(B) (ii) एवं (iv)
(C) (ii), (iii) एवं (iv)
(D) (i), (ii), (iii) एवं (iv)
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — राज्य पुनर्गठन आयोग (1953) के तीन सदस्य थे: अध्यक्ष जस्टिस फजल अली तथा सदस्य के.एम. पन्निकर एवं हृदयनाथ कुंजरू। कथन (i) अशुद्ध है क्योंकि सर तेज बहादुर सप्रू इस आयोग के सदस्य नहीं थे; उनका सम्बन्ध संवैधानिक सुधारों की पूर्ववर्ती सप्रू समिति से है — यही एकमात्र निर्णायक जाँच-बिन्दु है। इसी आयोग की सिफारिश पर राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 बना।
प्रश्न 44
निम्न में से किस सूफी सम्प्रदाय का प्रसार मुख्यतः सिन्ध, मुल्तान और पंजाब तक सीमित था? [RAS प्री 2023]
(A) कादिरी
(B) नक्शबंदी
(C) सुहरावर्दी
(D) चिश्ती
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — सुहरावर्दी सिलसिले का प्रसार मुख्यतः सिन्ध, मुल्तान एवं पंजाब तक सीमित रहा; इसके प्रमुख सन्त शेख बहाउद्दीन जकारिया थे और यह सिलसिला राज्याश्रय स्वीकार करता था। विकल्प 4 चिश्ती सिलसिला सम्पूर्ण भारत में फैला और राज्याश्रय से दूर रहा — यही दोनों का मूलभूत अन्तर है। विकल्प 1 कादिरी एवं विकल्प 2 नक्शबंदी सिलसिले परवर्ती काल में मुगल दरबार से जुड़े।
प्रश्न 45
किस राजनीतिक दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने संविधान सभा को भंग कर उसका पुनर्निर्वाचन वयस्क मताधिकार के आधार पर करने को कहा था? [RAS प्री 2024]
(A) हिन्दू महासभा
(B) समाजवादी दल
(C) स्वराज दल
(D) मुस्लिम लीग
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — समाजवादी दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने संविधान सभा को भंग कर वयस्क मताधिकार के आधार पर उसके पुनर्निर्वाचन की माँग की थी; उनका तर्क था कि सीमित मताधिकार से चुनी गई सभा सम्पूर्ण जनता का प्रतिनिधित्व नहीं करती। विकल्प 4 मुस्लिम लीग ने सभा का बहिष्कार अवश्य किया, किन्तु यह विशिष्ट माँग नहीं रखी — यही सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है। विकल्प 3 स्वराज दल उस समय अस्तित्व में नहीं था।
प्रश्न 46
कुषाण वंश के कैडफिसेस द्वितीय ने निम्नलिखित में से कौन सी उपाधि धारण की? [RAS प्री 2024]
(A) सकारी
(B) सर्वलोकेश्वर
(C) महाक्षत्रप
(D) सिंह चन्द्र
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — कुषाण शासक कैडफिसेस द्वितीय (विम कैडफिसेस) ने 'सर्वलोकेश्वर' की उपाधि धारण की तथा उसने सोने के सिक्के चलाए और शिव-भक्ति अपनाई। विकल्प 1 'सकारी' उपाधि गुप्त शासक चन्द्रगुप्त द्वितीय से जुड़ी है। विकल्प 3 'महाक्षत्रप' शक शासकों की उपाधि थी तथा विकल्प 4 'सिंह चन्द्र' इस सन्दर्भ में प्रयुक्त नहीं होती।
प्रश्न 47
स्तूपों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. 'स्तूप' शब्द एक वास्तुशिल्प शब्द है और इसका अर्थ है वह चीज जो कि संचय के माध्यम से बनाई हो। B. मृतकों की स्मृति में 'स्तूप' बनाने की प्रथा बौद्धकाल से पूर्व की थी। [RAS प्री 2024]
(A) केवल A सत्य है।
(B) केवल B सत्य है।
(C) A और B दोनों सत्य हैं।
(D) A और B दोनों असत्य हैं।
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — दोनों कथन सत्य हैं। 'स्तूप' शब्द का शाब्दिक अर्थ ही संचय अथवा ढेर के माध्यम से बनी वस्तु है, और मृतकों की स्मृति में ऐसे टीले बनाने की परम्परा बौद्धकाल से पूर्व वैदिक काल में भी विद्यमान थी; बौद्ध धर्म ने इसे संस्थागत रूप दिया। इसी कारण विकल्प 1, 2 एवं 4 किसी एक अथवा दोनों सत्य कथनों को नकारने से अशुद्ध हैं।
प्रश्न 48
निम्न में से किन बौद्ध ग्रन्थों की रचना संस्कृत भाषा में की गई? A. दिव्यावदान, B. दीपवंश, C. महावंश, D. आर्यमंजूश्री मूलकल्प [RAS प्री 2024]
(A) A, B
(B) B, C
(C) A, D
(D) A, C
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — 'दिव्यावदान' (A) एवं 'आर्यमंजूश्री मूलकल्प' (D) संस्कृत में रचित बौद्ध ग्रन्थ हैं। कथन B 'दीपवंश' तथा C 'महावंश' श्रीलंका के पालि भाषा में लिखे ऐतिहासिक इतिवृत्त हैं — यही भाषा-भेद प्रश्न का निर्णायक बिन्दु है। स्मरण-सूत्र: श्रीलंकाई बौद्ध इतिवृत्त पालि में तथा महायान परम्परा के ग्रन्थ प्रायः संस्कृत में हैं।
प्रश्न 49
आजीवक सम्प्रदाय के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. नियतिवाद में विश्वास, B. उनके पुनर्जन्म के क्रम में बदलाव किया जा सकता है, C. कठोर तपस्या में विश्वास [RAS प्री 2024]
(A) केवल A सही है।
(B) केवल B सही है।
(C) A और B सही हैं।
(D) A और C सही हैं।
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — कथन A एवं C सही हैं: आजीवक सम्प्रदाय नियतिवाद में विश्वास करता था तथा कठोर तपस्या का पालन करता था। कथन B अशुद्ध है क्योंकि नियतिवाद का मूल सिद्धांत ही यह है कि पुनर्जन्म का क्रम पूर्वनिर्धारित है और उसमें कोई परिवर्तन सम्भव नहीं — 'बदलाव किया जा सकता है' कहना इस दर्शन के मूल के ही विपरीत है। सम्प्रदाय के संस्थापक मक्खलि गोशाल थे।
प्रश्न 50
निम्न में से किन इमारतों का निर्माण सम्राट शेरशाह के द्वारा करवाया गया था? A. सासाराम का मकबरा, B. किला-ए-कुहना मस्जिद, C. सिकंदरा का मकबरा, D. जामा मस्जिद [RAS प्री 2024]
(A) A, B
(B) A, C
(C) A, D
(D) B, D
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — सासाराम का मकबरा (A) एवं किला-ए-कुहना मस्जिद (B) दोनों शेरशाह सूरी द्वारा निर्मित हैं; सासाराम का मकबरा एक विशाल जलाशय के मध्य बना है और किला-ए-कुहना मस्जिद दिल्ली के पुराने किले में स्थित है। कथन C सिकंदरा का मकबरा अकबर का है, जिसे जहाँगीर ने पूर्ण कराया। कथन D जामा मस्जिद (दिल्ली) शाहजहाँ की कृति है — दोनों मुगलकालीन होने से भ्रामक लगते हैं।
प्रश्न 51
भक्ति आंदोलन के संबंध में निम्न में से कौन सा कथन सत्य नहीं है? [RAS प्री 2024]
(A) वल्लभाचार्य ने पुष्टिमार्ग की स्थापना की।
(B) निम्बार्क ने द्वैताद्वैत के सिद्धांत का प्रतिपादन किया।
(C) माध्वाचार्य ने सगुण भक्ति के स्थान पर निर्गुण भक्ति सिद्धांत को प्रतिपादित किया।
(D) रामानंद ने राम भक्ति परंपरा का प्रचार किया।
व्याख्या: विकल्प 3 सत्य नहीं है — माध्वाचार्य ने द्वैतवाद का प्रतिपादन किया और वे सगुण भक्ति के प्रवर्तक थे; निर्गुण भक्ति सिद्धांत उनका नहीं है, अतः यह कथन असत्य है। शेष तीनों कथन सही हैं — वल्लभाचार्य ने पुष्टिमार्ग (शुद्धाद्वैत), निम्बार्क ने द्वैताद्वैत तथा रामानंद ने उत्तर भारत में राम भक्ति परम्परा का प्रचार किया।
प्रश्न 52
भारत की एक राष्ट्र के रूप में पहचान को दृश्य माध्यम से संबद्ध करने हेतु किस चित्रकार ने सर्वप्रथम भारत माता के चित्र की रचना की थी? [RAS प्री 2024]
(A) गगनेन्द्रनाथ
(B) अबनीन्द्रनाथ
(C) बंकिमचंद्र
(D) रबीन्द्रनाथ टैगोर
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — अबनीन्द्रनाथ टैगोर ने सर्वप्रथम 'भारत माता' का चित्र बनाया, जिसमें राष्ट्र को संन्यासिनी के रूप में चित्रित किया गया; यह बंगाल स्कूल ऑफ आर्ट की प्रतिनिधि कृति है। विकल्प 3 बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 'वन्दे मातरम्' लिखा, चित्र नहीं बनाया — यही सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है। विकल्प 1 गगनेन्द्रनाथ एवं विकल्प 4 रबीन्द्रनाथ टैगोर भी चित्रकार थे, किन्तु यह विशिष्ट कृति अबनीन्द्रनाथ की है।
प्रश्न 53
कृष्णदेवराय के दरबार में कवि मल्लनार्य ने 'भाव चिंता रत्न' एवं 'वीरशैवामृत' ग्रन्थ किस भाषा में लिखे थे? [RAS प्री 2024]
(A) संस्कृत
(B) तमिल
(C) तेलुगू
(D) कन्नड़
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — कृष्णदेवराय के दरबारी कवि मल्लनार्य ने 'भाव चिंता रत्न' एवं 'वीरशैवामृत' ग्रन्थ कन्नड़ भाषा में लिखे। विकल्प 3 तेलुगू सर्वाधिक भ्रामक है, क्योंकि कृष्णदेवराय स्वयं तेलुगू के संरक्षक थे और उनके अष्टदिग्गज तेलुगू कवि थे — किन्तु मल्लनार्य कन्नड़ के वीरशैव साहित्य से जुड़े थे। विजयनगर दरबार में कन्नड़, तेलुगू, तमिल एवं संस्कृत — चारों को संरक्षण मिला।
प्रश्न 54
1952 में भारत सरकार ने निम्नलिखित में से किसको माध्यमिक शिक्षा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था? [RAS प्री 2024]
(A) एस. राधाकृष्णन
(B) डी.एस. कोठारी
(C) पी.सी. महलनोबिस
(D) लक्ष्मण स्वामी मुदालियर
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — 1952 में भारत सरकार ने माध्यमिक शिक्षा आयोग का अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मण स्वामी मुदालियर को नियुक्त किया, अतः इसे 'मुदालियर आयोग' भी कहते हैं। विकल्प 1 एस. राधाकृष्णन विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग (1948) के तथा विकल्प 2 डी.एस. कोठारी शिक्षा आयोग (1964-66) के अध्यक्ष रहे — यही तीनों शिक्षा आयोगों का क्रम स्मरण रखना आवश्यक है। विकल्प 3 महलनोबिस सांख्यिकी एवं योजना से जुड़े थे।
प्रश्न 55
भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन के उदारवादी चरण (1885–1905 ई.) सम्बन्धी निम्न कथनों को पढ़िये: A. आधुनिक यूरोप की समृद्ध लोकतांत्रिक एवं वैज्ञानिक संस्कृति का समर्थन किया था। B. ब्रिटिश साम्राज्यवाद के आर्थिक पहलू की कड़ी आलोचना की थी। [RAS प्री 2024]
(A) केवल A सत्य है।
(B) केवल B सत्य है।
(C) A और B दोनों सत्य हैं।
(D) न तो A और न ही B सत्य है।
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — दोनों कथन सत्य हैं। उदारवादी नेताओं ने आधुनिक यूरोप की लोकतांत्रिक एवं वैज्ञानिक संस्कृति का समर्थन किया तथा दादाभाई नौरोजी के 'धन-निष्कासन सिद्धांत' के माध्यम से ब्रिटिश साम्राज्यवाद के आर्थिक पहलू की कड़ी आलोचना भी की। यही उनका सबसे स्थायी बौद्धिक योगदान माना जाता है। इसी कारण विकल्प 1, 2 एवं 4 किसी एक अथवा दोनों सत्य कथनों को नकारने से अशुद्ध हैं।

पूरी तैयारी — विषयवार MCQ, test series, one-liner व revision notes

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