5. भारतीय संविधान व राजव्यवस्था PYQ — RAS Pre 2016-2024 (53 प्रश्न)
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प्रश्न 1
संविधान में मौलिक कर्तव्यों को कब सम्मिलित किया गया [RAS प्री 2016]
(A) 1975 में
(B) 1976 में
(C) 1978 में
(D) 1979 में
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संविधान संशोधन, 1976 द्वारा अनुच्छेद 51क में मूल कर्तव्य जोड़े गए; प्रारम्भ में इनकी संख्या दस थी, जो 86वें संशोधन 2002 से बढ़कर ग्यारह हो गई। शेष विकल्प (1975, 1978 एवं 1979) निकटवर्ती वर्ष हैं — 1978 का 44वाँ संशोधन सम्पत्ति के अधिकार से सम्बन्धित है, यही सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है।
प्रश्न 2
केन्द्रीय सूचना आयुक्त का कार्यकाल होता है [RAS प्री 2016]
(A) 5 वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक
(B) 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक
(C) 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक
(D) 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — प्रश्नकाल में केन्द्रीय सूचना आयुक्त का कार्यकाल 5 वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो, निर्धारित था। शेष विकल्पों में अवधि अथवा आयु-सीमा बदलकर भ्रम उत्पन्न किया गया है। ध्यान रखें कि सूचना का अधिकार (संशोधन) अधिनियम 2019 के बाद कार्यकाल केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाने लगा — अतः यह उत्तर परीक्षा-वर्ष के सन्दर्भ में ही मान्य है।
प्रश्न 3
निम्नलिखित में से किस विधायी सदन को समाप्त किया जा सकता है [RAS प्री 2016]
(A) लोक सभा
(B) राज्य सभा
(C) विधान परिषद्
(D) विधान सभा
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — विधान परिषद् एकमात्र ऐसा सदन है जिसे अनुच्छेद 169 के अन्तर्गत राज्य विधानसभा के संकल्प पर संसद द्वारा समाप्त (अथवा सृजित) किया जा सकता है। विकल्प 2 राज्यसभा एक स्थायी सदन है, जो कभी भंग नहीं होता। विकल्प 1 लोकसभा एवं विकल्प 4 विधानसभा भंग तो हो सकती हैं, किन्तु उनका अस्तित्व समाप्त नहीं किया जा सकता — 'भंग होना' और 'समाप्त होना' का यही अन्तर निर्णायक है।
प्रश्न 4
राज्यों के निम्नांकित में से किस समूह पर पेसा [पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम], 1996 प्रवर्तनीय नहीं है [RAS प्री 2016]
(A) असम-मेघालय-तमिलनाडु
(B) राजस्थान-तेलंगाना-महाराष्ट्र
(C) हिमाचल प्रदेश-गुजरात-छत्तीसगढ़
(D) आंध्र प्रदेश-झारखंड-ओडिशा
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — पेसा अधिनियम 1996 केवल पाँचवीं अनुसूची क्षेत्रों वाले राज्यों पर लागू होता है; असम, मेघालय एवं तमिलनाडु में पाँचवीं अनुसूची क्षेत्र नहीं हैं (पूर्वोत्तर राज्यों में छठी अनुसूची लागू है), अतः वहाँ यह प्रवर्तनीय नहीं। शेष तीनों विकल्पों के सभी राज्य — राजस्थान, तेलंगाना, महाराष्ट्र, हिमाचल, गुजरात, छत्तीसगढ़, आन्ध्र, झारखंड एवं ओडिशा — पेसा लागू राज्यों की सूची में आते हैं।
प्रश्न 5
निम्नलिखित राज्यों / संघ शासित क्षेत्र के समूह में से किसकी लोक सभा में केवल एक सीट है [RAS प्री 2016]
(A) अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, लक्षद्वीप
(B) गोवा, मेघालय, नागालैंड
(C) चंडीगढ़, सिक्किम, मिजोरम
(D) मणिपुर, दादरा और नगर हवेली, पुदुचेरी
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — चंडीगढ़, सिक्किम एवं मिज़ोरम तीनों की लोकसभा में केवल एक-एक सीट है। विकल्प 1 अशुद्ध है क्योंकि अरुणाचल प्रदेश की दो सीटें हैं। विकल्प 2 में गोवा (2), मेघालय (2) एवं नागालैंड (1) हैं, अतः वह भी अशुद्ध है। विकल्प 4 में मणिपुर की दो सीटें हैं। एक ही अपवाद पूरे विकल्प को निरस्त कर देता है — यही ऐसे प्रश्नों की जाँच-विधि है।
प्रश्न 6
सूची-I को सूची-II से मेल कीजिए - (a) उपाधियों का निषेध (b) धार्मिक मामलों के प्रबंध की स्वतंत्रता (c) अल्पसंख्यकों की भाषा का संरक्षण (d) शिक्षा का अधिकार / (i) अनुच्छेद 29 (ii) अनुच्छेद 21क (iii) अनुच्छेद 18 (iv) अनुच्छेद 26 [RAS प्री 2016]
(A) a-ii, b-iii, c-iv, d-i
(B) a-iii, b-ii, c-i, d-iv
(C) a-iii, b-iv, c-i, d-ii
(D) a-iv, b-iii, c-ii, d-i
व्याख्या: सही सुमेलन — उपाधियों का निषेध अनुच्छेद 18 (iii), धार्मिक मामलों के प्रबंध की स्वतंत्रता अनुच्छेद 26 (iv), अल्पसंख्यकों की भाषा का संरक्षण अनुच्छेद 29 (i) तथा शिक्षा का अधिकार अनुच्छेद 21क (ii)। यह क्रम विकल्प 3 में है। संकेत: अनुच्छेद 21क 86वें संशोधन 2002 से जुड़ा है और 18 समानता के अधिकार के अन्तर्गत आता है — इन दो को पहचानते ही शेष विकल्प निरस्त हो जाते हैं।
प्रश्न 7
भारत के राष्ट्रपति के महाभियोग की प्रक्रिया है [RAS प्री 2016]
(A) न्यायिक प्रक्रिया
(B) अर्ध-न्यायिक प्रक्रिया
(C) विधायी प्रक्रिया
(D) कार्यपालिका-प्रक्रिया
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — राष्ट्रपति के महाभियोग की प्रक्रिया अर्ध-न्यायिक है, क्योंकि इसमें आरोप संसद के एक सदन द्वारा लगाए जाते हैं और दूसरे सदन द्वारा उनकी जाँच होती है, जिसमें राष्ट्रपति को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अधिकार है। विकल्प 1 पूर्णतः न्यायिक कहना गलत है क्योंकि इसमें न्यायालय की भूमिका नहीं होती। विकल्प 3 विशुद्ध विधायी तथा विकल्प 4 कार्यपालिका प्रक्रिया कहना भी अपूर्ण है।
प्रश्न 8
दो अथवा दो से अधिक राज्यों के लिये संयुक्त लोक सेवा आयोग अध्यक्ष की नियुक्ति कौन करता है [RAS प्री 2016]
(A) सबसे बड़े राज्य के राज्यपाल के द्वारा
(B) भारत के राष्ट्रपति के द्वारा
(C) सभी सम्बन्धित राज्यों के राज्यपालों की समिति द्वारा
(D) सम्बन्धित राज्यपालों की सिफारिश पर भारत के राष्ट्रपति के द्वारा
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — अनुच्छेद 315(2) के अन्तर्गत गठित संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। यही इस आयोग को सामान्य राज्य लोक सेवा आयोग से अलग करता है, जहाँ नियुक्ति राज्यपाल करता है — यही तुलनात्मक बिन्दु प्रश्न का केन्द्र है। विकल्प 1, 3 एवं 4 में राज्यपालों की भूमिका जोड़कर भ्रम उत्पन्न किया गया है।
प्रश्न 9
भारतीय संविधान सभा के सम्बन्ध में निम्नांकित में से कौन से कथन सही हैं - (A) यह वयस्क मताधिकार पर आधारित नहीं थी (B) यह प्रत्यक्ष निर्वाचन का परिणाम थी (C) यह बहुदलीय संरचना नहीं थी (D) यह कई समितियों के माध्यम से कार्यरत थी [RAS प्री 2018]
(A) (A) और (D)
(B) (A) और (B)
(C) (B) और (C)
(D) (A), (B), (C) और (D)
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — कथन (A) एवं (D) सही हैं: संविधान सभा वयस्क मताधिकार पर आधारित नहीं थी तथा वह अनेक समितियों के माध्यम से कार्य करती थी। कथन (B) अशुद्ध है क्योंकि सदस्य प्रान्तीय विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से चुने गए थे। कथन (C) भी अशुद्ध है क्योंकि सभा में कांग्रेस के अतिरिक्त मुस्लिम लीग एवं अन्य दलों के सदस्य भी थे, अतः वह बहुदलीय थी।
प्रश्न 10
भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की आयु ऐसे प्राधिकारी द्वारा और ऐसी रीति से अवधारित की जाएगी, जिसे संसद विधि द्वारा उपबन्ध करे - अन्तःस्थापित किया गया [RAS प्री 2018]
(A) 15वें संविधान संशोधन द्वारा
(B) 16वें संविधान संशोधन द्वारा
(C) 17वें संविधान संशोधन द्वारा
(D) 18वें संविधान संशोधन द्वारा
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की आयु के निर्धारण सम्बन्धी उपबन्ध 15वें संविधान संशोधन (1963) द्वारा अन्तःस्थापित किया गया; इसी संशोधन ने उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु भी 60 से 62 वर्ष की। विकल्प 2 का 16वाँ संशोधन शपथ-प्रारूप एवं अखण्डता से, विकल्प 3 का 17वाँ भूमि अधिग्रहण से तथा विकल्प 4 का 18वाँ राज्य पुनर्गठन की व्याख्या से सम्बन्धित है।
प्रश्न 11
मूल अधिकारों से सम्बन्धित निम्नांकित निर्णयों का सही कालानुक्रम चुनिए - (A) गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य (B) केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (C) मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ (D) ए.के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य [RAS प्री 2018]
(A) (D), (B), (C), (A)
(B) (A), (B), (C), (D)
(C) (D), (A), (B), (C)
(D) (D), (C), (B), (A)
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — सही कालानुक्रम है ए.के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य (D, 1950), गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य (A, 1967), केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (B, 1973) तथा मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ (C, 1980)। सबसे सरल जाँच यह है कि गोपालन वाद संविधान लागू होने के तत्काल बाद का है, अतः वह प्रथम आएगा और मिनर्वा मिल्स सर्वाधिक परवर्ती — इन दो छोरों को पकड़ते ही शेष विकल्प निरस्त हो जाते हैं।
प्रश्न 12
निम्नांकित में कौन स्वर्णसिंह समिति (1976) के सदस्य रहे हैं - (A) ए.आर. अन्तुले (B) एस.एस. रे (C) हरिदेव जोशी (D) सी.एम. स्टीफन [RAS प्री 2018]
(A) (A), (B), (C) और (D)
(B) (A), (B) और (C)
(C) (A), (B) और (D)
(D) (B), (C) और (D)
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — स्वर्ण सिंह समिति (1976) के सदस्यों में ए.आर. अन्तुले (A), एस.एस. रे (B) तथा सी.एम. स्टीफन (D) सम्मिलित थे। कथन (C) हरिदेव जोशी इस समिति के सदस्य नहीं थे — यही एकमात्र निर्णायक अपवाद है, जिससे विकल्प 1, 2 एवं 4 निरस्त हो जाते हैं। इसी समिति की सिफारिश पर 42वें संविधान संशोधन द्वारा मूल कर्तव्य जोड़े गए थे।
प्रश्न 13
भारत के संविधान के अनुच्छेद 240 के अन्तर्गत कुछ संघ राज्य क्षेत्रों के लिए विनियम बनाने की राष्ट्रपति की शक्ति के सन्दर्भ में निम्न में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है [RAS प्री 2018]
(A) 240(1)(क) - अंडमान और निकोबार द्वीप
(B) 240(1)(ख) - लक्षद्वीप
(C) 240(1)(ग) - पुडुचेरी
(D) 240(1)(घ) - दमण और दीव
व्याख्या: विकल्प 3 अभीष्ट (असुमेलित) युग्म है — अनुच्छेद 240 के अन्तर्गत राष्ट्रपति की विनियम बनाने की शक्ति में पुडुचेरी का उल्लेख इस उपखण्ड-क्रम में नहीं आता; वहाँ विधानमण्डल की स्थापना के बाद यह शक्ति सीमित हो जाती है। शेष तीनों युग्म सही हैं — अंडमान और निकोबार द्वीप, लक्षद्वीप तथा दमण एवं दीव उन संघ राज्य क्षेत्रों में हैं जिनके लिए राष्ट्रपति विनियम बना सकते हैं।
प्रश्न 14
निम्नांकित में से कौन सी तारीख को भारत के राष्ट्रपति ने अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए उद्घोषणा द्वारा यह घोषणा की कि गंभीर आपात् विद्यमान है, जिसके कारण आन्तरिक अशांति से भारत की सुरक्षा को गंभीर खतरा है [RAS प्री 2018]
(A) 26 अक्टूबर, 1962
(B) 3 दिसम्बर, 1971
(C) 25 जून, 1975
(D) 26 जून, 1975
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — 25 जून 1975 को राष्ट्रपति ने 'आन्तरिक अशांति' के आधार पर आपात् की उद्घोषणा की, जो भारत का तीसरा तथा सर्वाधिक विवादित राष्ट्रीय आपातकाल था। विकल्प 1 (26 अक्टूबर 1962) चीन युद्ध तथा विकल्प 2 (3 दिसम्बर 1971) पाकिस्तान युद्ध से जुड़े बाह्य आक्रमण आधारित आपातकाल हैं। विकल्प 4 (26 जून 1975) एक दिन का अन्तर देकर बनाया गया निकटतम भ्रामक विकल्प है।
प्रश्न 15
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 87 के अन्तर्गत भारत का राष्ट्रपति अभिभाषण देता है [RAS प्री 2018]
(A) संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में
(B) संसद के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में
(C) संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में
(D) एक साथ समवेत संसद के दोनों सदनों में
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — अनुच्छेद 87 की संवैधानिक शब्दावली के अनुसार राष्ट्रपति 'एक साथ समवेत संसद के दोनों सदनों में' अभिभाषण देता है। शेष तीनों विकल्प — संयुक्त बैठक, संयुक्त अधिवेशन एवं संयुक्त सत्र — प्रचलित तो हैं, किन्तु संविधान की मूल शब्दावली नहीं हैं; विशेषतः 'संयुक्त बैठक' अनुच्छेद 108 की भिन्न प्रक्रिया है, जो विधेयक पर गतिरोध की स्थिति में होती है। यही शब्दावली-भेद प्रश्न का केन्द्र है।
प्रश्न 16
लोकसभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन नियम के अन्तर्गत नियम 377 के अधीन लोकसभा के सदस्यों द्वारा एक दिन में अधिकतम कितने मामले उठाए जा सकते हैं [RAS प्री 2018]
(A) 19
(B) 20
(C) 21
(D) 22
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — लोकसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के नियम 377 के अधीन एक दिन में अधिकतम 20 मामले उठाए जा सकते हैं; इसके अन्तर्गत सदस्य ऐसे लोक महत्त्व के विषय उठाते हैं जो प्रश्नकाल या अन्य प्रक्रियाओं के अन्तर्गत नहीं आते। शेष विकल्प (19, 21 एवं 22) निकटवर्ती संख्याएँ देकर भ्रम उत्पन्न करते हैं।
प्रश्न 17
निम्नांकित में से कौन सी भारतीय संसद की वित्तीय समितियाँ हैं - (A) प्राक्कलन समिति (B) लोक लेखा समिति (C) लोक उपक्रम समिति (D) संसद सदस्यों के वेतन तथा भत्तों संबंधी संयुक्त समिति [RAS प्री 2018]
(A) (A), (C) और (D)
(B) (A), (B) और (D)
(C) (A), (B) और (C)
(D) (B), (C) और (D)
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — भारतीय संसद की तीन वित्तीय समितियाँ हैं: प्राक्कलन समिति (A), लोक लेखा समिति (B) तथा लोक उपक्रम समिति (C)। कथन (D) संसद सदस्यों के वेतन-भत्तों सम्बन्धी संयुक्त समिति वित्तीय समिति की श्रेणी में नहीं आती — यही एकमात्र निर्णायक अपवाद है। स्मरणीय: लोक लेखा समिति की अध्यक्षता परम्परागत रूप से विपक्ष के सदस्य को दी जाती है।
प्रश्न 18
भारत के नियन्त्रक एवं महालेखा परीक्षक को उसके पद से हटाए जाने की प्रक्रिया निम्नांकित में से किसके समान है [RAS प्री 2018]
(A) लोकसभा अध्यक्ष
(B) भारत का महान्यायवादी
(C) उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश
(D) संघ लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — नियन्त्रक एवं महालेखा परीक्षक को उसी रीति एवं आधार पर पद से हटाया जाता है जिस प्रकार उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को, अर्थात् संसद के दोनों सदनों के विशेष बहुमत से सिद्ध कदाचार अथवा असमर्थता के आधार पर। यही प्रावधान CAG की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है। विकल्प 4 UPSC अध्यक्ष को हटाने की प्रक्रिया भिन्न है, जिसमें उच्चतम न्यायालय की जाँच के बाद राष्ट्रपति आदेश देते हैं।
प्रश्न 19
केन्द्रीय सतर्कता आयोग की स्थापना किसकी अनुशंसा पर की गई [RAS प्री 2018]
(A) गोरवाला प्रतिवेदन
(B) कृपलानी समिति
(C) सन्थानम समिति
(D) भारतीय प्रशासनिक सुधार आयोग
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — केन्द्रीय सतर्कता आयोग की स्थापना 1964 में सन्थानम समिति (भ्रष्टाचार निवारण समिति) की अनुशंसा पर की गई; 2003 में इसे वैधानिक दर्जा मिला। विकल्प 4 प्रशासनिक सुधार आयोग ने लोकपाल एवं लोकायुक्त की सिफारिश की थी — यही सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है। विकल्प 1 गोरवाला प्रतिवेदन एवं विकल्प 2 कृपलानी समिति का सम्बन्ध प्रशासनिक सुधारों के अन्य पक्षों से रहा।
प्रश्न 20
जनहित याचिका की अवधारणा की शुरुआत किस देश में हुई है [RAS प्री 2018]
(A) कनाडा
(B) संयुक्त राज्य अमेरिका
(C) यूनाइटेड किंगडम
(D) ऑस्ट्रेलिया
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — जनहित याचिका (Public Interest Litigation) की अवधारणा का उद्भव संयुक्त राज्य अमेरिका में हुआ, जहाँ यह 'सामाजिक कार्रवाई मुकदमेबाजी' के रूप में विकसित हुई; भारत में इसे न्यायमूर्ति पी.एन. भगवती एवं वी.आर. कृष्ण अय्यर ने 1980 के दशक में प्रचलित किया। शेष तीनों देश सामान्य विधि परम्परा के हैं, इसीलिए भ्रामक लगते हैं, किन्तु इस अवधारणा का मूल स्रोत अमेरिका ही है।
प्रश्न 21
निम्नांकित में से कौन सी शब्दावली सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की उद्देशिका में उल्लिखित है - (A) सूचना की पारदर्शिता (B) सूचना का प्रकटन (C) ससूचित नागरिकता (D) लोकतांत्रिक आदर्श की प्रभुता [RAS प्री 2018]
(A) केवल (A)
(B) (A) और (B)
(C) (A), (B) और (C)
(D) (A), (B), (C) और (D)
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की उद्देशिका में चारों अभिव्यक्तियाँ किसी न किसी रूप में आती हैं: सूचना की पारदर्शिता, सूचना का प्रकटन, ससूचित नागरिकता तथा लोकतांत्रिक आदर्श की प्रभुता। चूँकि कोई भी अभिव्यक्ति बाहर नहीं है, अतः समावेशी विकल्प ही अभीष्ट उत्तर है और विकल्प 1, 2 एवं 3 अधूरे रह जाने से निरस्त हो जाते हैं।
प्रश्न 22
सूची-I (लेखक) को सूची-II (पुस्तकें) से सुमेलित कीजिये - (A) अतुल कोहली (B) ग्रेनविल ऑस्टिन (C) पेन्डेरल मून (D) एलन ग्लेडहिल / (i) डिवाइड एण्ड क्विट (ii) दी सक्सेस ऑफ इण्डियाज़ डेमोक्रेसी (iii) दी रिपब्लिक ऑफ इण्डिया (iv) वर्किंग ए डेमोक्रेटिक कॉन्स्टीट्यूशन [RAS प्री 2018]
(A) A-iii, B-iv, C-i, D-ii
(B) A-ii, B-i, C-iii, D-iv
(C) A-ii, B-iv, C-i, D-iii
(D) A-i, B-ii, C-iii, D-iv
व्याख्या: सही सुमेलन — अतुल कोहली 'दी सक्सेस ऑफ इण्डियाज़ डेमोक्रेसी' (ii), ग्रेनविल ऑस्टिन 'वर्किंग ए डेमोक्रेटिक कॉन्स्टीट्यूशन' (iv), पेन्डेरल मून 'डिवाइड एण्ड क्विट' (i) तथा एलन ग्लेडहिल 'दी रिपब्लिक ऑफ इण्डिया' (iii)। यह क्रम विकल्प 3 में है। सबसे सरल जाँच पेन्डेरल मून से होती है, जिनकी 'डिवाइड एण्ड क्विट' विभाजन पर लिखी प्रसिद्ध कृति है — इसे पहचानते ही विकल्प 2 एवं 4 निरस्त हो जाते हैं।
प्रश्न 23
भारत के संविधान के अनुच्छेद 368(2) के उपबन्धों के तहत यदि कोई विधेयक भारत की संसद द्वारा पारित होने के पश्चात राजस्थान विधानसभा के पास संकल्प द्वारा अनुसमर्थन के लिये आता है, तो - (A) विधानसभा संकल्प पारित कर सकती है (B) विधानसभा संकल्प अस्वीकार कर सकती है (C) ऐसे संकल्प में कोई संशोधन प्रस्तावित नहीं किया जा सकता है [RAS प्री 2018]
(A) केवल (A)
(B) (B) और (C)
(C) (A) और (C)
(D) (A), (B) और (C)
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — तीनों कथन सही हैं। अनुच्छेद 368(2) के परन्तुक के अन्तर्गत आने वाले विधेयक पर राज्य विधानसभा संकल्प पारित कर सकती है (A), उसे अस्वीकार भी कर सकती है (B), किन्तु ऐसे संकल्प में कोई संशोधन प्रस्तावित नहीं किया जा सकता (C), क्योंकि राज्यों की भूमिका केवल अनुसमर्थन अथवा अस्वीकृति तक सीमित है। यही 'हाँ या ना' की सीमित भूमिका प्रश्न का मर्म है।
प्रश्न 24
भारत के उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति का सही क्रम है — [RAS प्री 2021]
(A) बी.पी. सिन्हा, पी.बी. गजेन्द्रगडकर, एस.आर. दास
(B) के.जी. बालकृष्णन, एस.एच. कापड़िया, एच.एल. दत्तु
(C) रंजन गोगोई, एन.वी. रमण, दीपक मिश्रा
(D) एच.एल. दत्तु, टी.एस. ठाकुर, जगदीश सिंह खेहर
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — एच.एल. दत्तु (2014–15), टी.एस. ठाकुर (2015–17) तथा जगदीश सिंह खेहर (2017) इसी क्रम में मुख्य न्यायाधीश रहे। विकल्प 1 का क्रम उल्टा है — एस.आर. दास पहले, फिर बी.पी. सिन्हा, तत्पश्चात् गजेन्द्रगडकर आए। विकल्प 2 में बालकृष्णन व कापड़िया का क्रम तो सही है, किन्तु उनके बीच अल्तमस कबीर के अतिरिक्त क्रम-भंग है और दत्तु सीधे उनके बाद नहीं आते। विकल्प 3 में दीपक मिश्रा रंजन गोगोई से पहले आए थे, अतः क्रम उल्टा है।
प्रश्न 25
राज्य विधान परिषद् के उत्सादन के लिए राज्य विधानसभा द्वारा संविधान के अनुच्छेद 169 के अंतर्गत स्वीकृत संकल्प के बारे में निम्नांकित में से कौनसा कथन सही है? [RAS प्री 2021]
(A) राज्यपाल पर बाध्यता अधिरोपित करता है कि वह संकल्प को राष्ट्रपति के विचार हेतु आरक्षित करें।
(B) केन्द्र सरकार पर कोई बाध्यता अधिरोपित नहीं करता है कि वह संसद में विधि निर्माण हेतु कार्यवाही करें।
(C) राज्यपाल पर कोई बाध्यता अधिरोपित नहीं करता है कि वह संकल्प को राष्ट्रपति के विचार हेतु आरक्षित करें।
(D) केन्द्र सरकार पर बाध्यता अधिरोपित करता है कि वह संसद में विधि निर्माण हेतु कार्यवाही करें।
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — अनुच्छेद 169 के अन्तर्गत विधानसभा का संकल्प केवल एक सिफारिश है; संसद उस पर विधि बनाने के लिए बाध्य नहीं है, विवेकाधिकार संसद के पास रहता है। विकल्प 4 इसी का उल्टा कथन है, अतः अशुद्ध है। विकल्प 1 व 3 राज्यपाल की भूमिका पर केन्द्रित हैं, जो प्रश्न का मुख्य विधिक बिन्दु नहीं है — अनुच्छेद 169 की प्रक्रिया राज्य विधानसभा से सीधे संसद तक जाती है। स्मरणीय: संकल्प विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित एवं मतदान करने वालों के दो-तिहाई बहुमत से पारित होना आवश्यक है।
प्रश्न 26
निम्नलिखित में से नागरिक अधिकार पत्र के मूल तत्व में कौन सम्मिलित नहीं है? [RAS प्री 2021]
(A) विभाग अथवा अभिकरण द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं का विवरण
(B) सेवाओं का लाभ उठाने के लिए विभिन्न विधियों को प्रचारित करना
(C) किसी लोक अभिलेख की अपेक्षा
(D) अभिकरण के कार्य के निरीक्षण का प्रावधान
व्याख्या: विकल्प 3 सही उत्तर है — 'किसी लोक अभिलेख की अपेक्षा' सूचना के अधिकार का विषय है, नागरिक अधिकार पत्र का मूल तत्व नहीं। विकल्प 1, 2 एवं 4 सिटीजन चार्टर के मान्य अवयव हैं — सेवाओं का विवरण, उन तक पहुँच की विधियों का प्रचार तथा कार्य-निरीक्षण/जवाबदेही का प्रावधान।
प्रश्न 27
कथन (A): नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का कर्तव्य न केवल व्यय की वैधता सुनिश्चित करना है अपितु औचित्य भी है। कारण (R): उसे वित्तीय प्रशासन के क्षेत्र में संविधान और संसद के कानूनों को बनाए रखना है। [RAS प्री 2021]
(A) (A) गलत है लेकिन (R) सही है
(B) (A) और (R) दोनों सही हैं एवं (R), (A) की सही व्याख्या है
(C) (A) सही है लेकिन (R) गलत है
(D) (A) और (R) दोनों सही हैं किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — CAG वैधता लेखापरीक्षा के साथ औचित्य लेखापरीक्षा (propriety audit) भी करता है, और इसका कारण ठीक यही है कि वह वित्तीय प्रशासन के क्षेत्र में संविधान एवं संसदीय विधियों का संरक्षक है; अतः (R) वस्तुतः (A) की सही व्याख्या है। विकल्प 4 सम्बन्ध को नकारता है, विकल्प 1 व 3 किसी एक कथन को गलत मानते हैं — तीनों अशुद्ध हैं।
प्रश्न 28
सूची–I (संविधान सभा समिति) को सूची–II (अध्यक्ष) से मिलान कीजिए — (A) मूल अधिकार (B) कार्य संचालन (C) संघ शक्ति (D) प्रारूप; (i) बी.आर. अम्बेडकर (ii) जवाहरलाल नेहरू (iii) के.एम. मुंशी (iv) सरदार पटेल [RAS प्री 2021]
(A) A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i)
(B) A-(ii), B-(iv), C-(iii), D-(i)
(C) A-(iii), B-(iv), C-(ii), D-(i)
(D) A-(ii), B-(iii), C-(iv), D-(i)
व्याख्या: सही मिलान — मूल अधिकार समिति के सरदार पटेल (iv), कार्य संचालन समिति के के.एम. मुंशी (iii), संघ शक्ति समिति के जवाहरलाल नेहरू (ii) तथा प्रारूप समिति के बी.आर. अम्बेडकर (i)। यह क्रम विकल्प 1 में है। शेष तीनों विकल्पों में प्रारूप–अम्बेडकर तो सही है, किन्तु मूल अधिकार समिति गलत व्यक्ति से जुड़ रही है — यही निर्णायक जाँच-बिन्दु है।
प्रश्न 29
भारत के संविधान के अनुच्छेद 103 के तहत, राष्ट्रपति लोकसभा सदस्यों की निरर्हताओं से संबंधित किसी भी प्रश्न पर कोई निर्णय देने से पूर्व निम्नांकित में से किसकी राय लेगा? [RAS प्री 2021]
(A) लोकसभाध्यक्ष
(B) निर्वाचन आयोग
(C) उच्चतम न्यायालय
(D) महान्यायवादी
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — अनुच्छेद 103(2) के अनुसार राष्ट्रपति निर्वाचन आयोग की राय लेगा और उसी के अनुसार कार्य करेगा। विकल्प 1 अशुद्ध है क्योंकि दल-बदल आधारित निरर्हता (दसवीं अनुसूची) में अध्यक्ष निर्णय करते हैं, किन्तु अनुच्छेद 103 का प्रकरण भिन्न है — यही मुख्य विभेदक है। विकल्प 3 उच्चतम न्यायालय की सलाहकारी भूमिका अनुच्छेद 143 में है, तथा विकल्प 4 महान्यायवादी विधिक सलाहकार मात्र हैं।
प्रश्न 30
राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग से संबंधित कौन से संविधान संशोधन अधिनियम को उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ ने असंवैधानिक घोषित कर दिया था? [RAS प्री 2021]
(A) 98वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
(B) 97वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
(C) 99वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
(D) 100वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — 99वें संविधान संशोधन (2014) द्वारा NJAC की स्थापना हुई, जिसे उच्चतम न्यायालय ने 2015 में असंवैधानिक घोषित कर कॉलेजियम व्यवस्था बहाल की। विकल्प 2 का 97वाँ संशोधन सहकारी समितियों से, विकल्प 4 का 100वाँ संशोधन भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा समझौते से तथा विकल्प 1 का 98वाँ संशोधन हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र से सम्बन्धित है।
प्रश्न 31
विशाखा व अन्य बनाम राजस्थान राज्य व अन्य मुकदमा संबंधित है — [RAS प्री 2021]
(A) महिलाओं की तबादला नीति से
(B) कामकाजी महिलाओं के मातृत्व अवकाश से
(C) समाज में व्याप्त दहेज प्रथा के प्रचलन की रोकथाम से
(D) कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — विशाखा बनाम राजस्थान राज्य (1997) में उच्चतम न्यायालय ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम हेतु 'विशाखा दिशानिर्देश' जारी किए, जो आगे चलकर POSH अधिनियम 2013 का आधार बने। शेष तीनों विकल्प — तबादला नीति, मातृत्व अवकाश तथा दहेज प्रथा — महिला-सम्बन्धी अवश्य हैं, किन्तु इस वाद के विषय नहीं। मूल प्रकरण भँवरी देवी से जुड़ा था।
प्रश्न 32
संविधान में मूल कर्तव्यों को जिसकी सिफारिश पर सम्मिलित किया गया, वह हैं — [RAS प्री 2021]
(A) स्वर्ण सिंह समिति
(B) शाह आयोग
(C) प्रशासनिक सुधार आयोग
(D) संथानम समिति
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा अनुच्छेद 51क में मूल कर्तव्य जोड़े गए। विकल्प 2 शाह आयोग ने आपातकाल की ज्यादतियों की जाँच की। विकल्प 3 प्रशासनिक सुधार आयोग प्रशासनिक पुनर्गठन से सम्बन्धित है। विकल्प 4 संथानम समिति भ्रष्टाचार निवारण से जुड़ी थी, जिसकी सिफारिश पर केन्द्रीय सतर्कता आयोग बना।
प्रश्न 33
निम्नलिखित में से किसने कहा था, "एक संविधान एक मशीन की तरह बेजान चीज है, इसमें वे लोग जीवन फूंकते हैं जो इसका नियंत्रण करते हैं, भारत में बस कुछ ईमानदार लोगों की आवश्यकता है जिनके लिए राष्ट्रहित ही सर्वोपरि है"? [RAS प्री 2021]
(A) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
(B) जवाहर लाल नेहरू
(C) डॉ. बी.आर. अम्बेडकर
(D) महात्मा गांधी
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — यह कथन संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने 26 नवम्बर 1949 को अपने समापन भाषण में कहा था। विकल्प 3 अम्बेडकर का प्रसिद्ध कथन इससे भिन्न है — 'संविधान कितना भी अच्छा हो, यदि उसे लागू करने वाले बुरे हों तो वह बुरा सिद्ध होगा'; भाव मिलता-जुलता होने से यही सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है। विकल्प 2 व 4 से यह उद्धरण सम्बद्ध नहीं।
प्रश्न 34
सूचना के अधिकार अधिनियम के उद्देश्यों के संबंध में निम्नलिखित में से कौनसा सही नहीं है? [RAS प्री 2021]
(A) सरकार के कार्यकरण में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व को बढ़ाना
(B) हमारे लोकतंत्र को ऐसा बनाना ताकि वह वास्तव में लोगों के लिए काम करें
(C) समाज की महिलाओं एवं कमज़ोर तबकों (वर्गों) को सशक्त करने के लिए काम करना
(D) नागरिकों को सशक्त करना
व्याख्या: विकल्प 3 अभीष्ट उत्तर है — RTI अधिनियम 2005 सभी नागरिकों को समान रूप से सशक्त करता है; किसी विशिष्ट वर्ग (महिलाओं अथवा कमजोर तबकों) का सशक्तीकरण इसका घोषित उद्देश्य नहीं है। विकल्प 1, 2 एवं 4 अधिनियम की प्रस्तावना में स्पष्टतः वर्णित उद्देश्य हैं — पारदर्शिता व जवाबदेही, लोकतंत्र को वास्तविक रूप से जनोन्मुखी बनाना तथा नागरिकों का सशक्तीकरण।
प्रश्न 35
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किस संविधान संशोधन अधिनियम को 18 अगस्त, 2021 को मंजूरी दी? [RAS प्री 2021]
(A) 106वाँ
(B) 107वाँ
(C) 108वाँ
(D) 105वाँ
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — 105वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 2021, जिसे 18 अगस्त 2021 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली, राज्यों को अपनी सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों की सूची बनाने की शक्ति पुनः प्रदान करता है। शेष विकल्प (106वाँ, 107वाँ, 108वाँ) उस समय पारित ही नहीं हुए थे, अतः तिथि से मेल नहीं खाते — यह प्रश्न पूर्णतः संशोधन-क्रमांक के स्मरण पर आधारित है।
प्रश्न 36
भारत की संविधान सभा के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिएँ — (i) संविधान सभा का अंतिम अधिवेशन 24 जनवरी, 1950 को हुआ। (ii) इस अंतिम अधिवेशन में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद भारत के राष्ट्रपति पद पर विधिवत निर्वाचित घोषित किए गए। [RAS प्री 2023]
(A) न तो (i) न ही (ii) सही है।
(B) (i) और (ii) दोनों सही हैं।
(C) केवल (ii) सही है।
(D) केवल (i) सही है।
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — दोनों कथन सत्य हैं। संविधान सभा का अन्तिम अधिवेशन 24 जनवरी 1950 को हुआ, जिसमें सदस्यों ने संविधान की प्रति पर हस्ताक्षर किए और इसी अधिवेशन में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को भारत का प्रथम राष्ट्रपति निर्वाचित घोषित किया गया। इसी दिन राष्ट्रगान 'जन गण मन' को भी अपनाया गया। शेष तीनों विकल्प किसी न किसी सत्य कथन को नकारने के कारण अशुद्ध हैं।
प्रश्न 37
भारत के संविधान की निम्नांकित में से कौन सी अनुसूची पहले संवैधानिक संशोधन द्वारा संविधान में जोड़ी गई थी? [RAS प्री 2023]
(A) छठी
(B) दसवीं
(C) नवीं
(D) सातवीं
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — प्रथम संविधान संशोधन 1951 द्वारा नवीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसका उद्देश्य भूमि सुधार कानूनों को न्यायिक समीक्षा से संरक्षित करना था। विकल्प 1 छठी एवं विकल्प 4 सातवीं अनुसूचियाँ मूल संविधान का ही भाग थीं। विकल्प 2 दसवीं अनुसूची 52वें संशोधन 1985 द्वारा दल-बदल निरोध हेतु जोड़ी गई — यही सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है।
प्रश्न 38
मेनका गांधी वाद, 1978 में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद अनुच्छेद 21 के न्यायिक निर्वचन के संबंध में त्रुटिपूर्ण कथन को पहचानिए। [RAS प्री 2023]
(A) यह भार याचिकाकर्ता पर है कि वह सिद्ध करे कि जिस कानून की प्रक्रिया से उसे उसके जीवन या दैहिक स्वतंत्रता से वंचित किया गया है, वह स्वेच्छाचारी है।
(B) 'कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया' संयुक्त राज्य अमेरिका में विद्यमान 'उचित प्रक्रिया' के मोटे तौर पर समानार्थक है।
(C) अनुच्छेद 21, 19 व 14 परस्पर अनन्य नहीं हैं।
(D) 'जीवन का अधिकार' में 'गरिमा के साथ जीने का अधिकार' शामिल है।
व्याख्या: विकल्प 1 त्रुटिपूर्ण कथन है — मेनका गांधी वाद के बाद विधि की प्रक्रिया का 'न्यायसंगत, उचित एवं युक्तियुक्त' होना राज्य को सिद्ध करना होता है; यह भार याचिकाकर्ता पर नहीं डाला जाता। शेष तीनों कथन इसी निर्णय के स्थापित सिद्धांत हैं — 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' को अमेरिकी 'ड्यू प्रोसेस' के समकक्ष पढ़ा गया, अनुच्छेद 14, 19 व 21 को परस्पर संयुक्त (स्वर्णिम त्रिकोण) माना गया तथा जीवन के अधिकार में गरिमापूर्ण जीवन सम्मिलित किया गया।
प्रश्न 39
राज्य सभा के संबंध में त्रुटिपूर्ण कथन को पहचानिए। [RAS प्री 2023]
(A) डॉ. एस. राधाकृष्णन राज्य सभा के एकमात्र सभापति हैं, जो लगातार दो कार्यकाल इस पद पर रहे।
(B) प्रथम संविधान संशोधन के लिए राज्य सभा का अनुसमर्थन नहीं लिया गया था।
(C) वर्तमान में संघ राज्य–क्षेत्रों से 8 सदस्य राज्य सभा में निर्वाचित होते हैं।
(D) तीन अवसरों पर राज्य सभा और लोक सभा की संयुक्त बैठक आयोजित हुई है।
व्याख्या: आयोग की उत्तर-कुंजी के अनुसार विकल्प 1 त्रुटिपूर्ण कथन है। शेष तीन कथन सही माने गए — प्रथम संविधान संशोधन 1951 के समय राज्यसभा अस्तित्व में ही नहीं आई थी (इसका गठन 1952 में हुआ), अतः उसका अनुसमर्थन प्रश्न ही नहीं उठता; संघ राज्य-क्षेत्रों से राज्यसभा में 8 सदस्य आते हैं; तथा अब तक तीन अवसरों (दहेज निषेध, बैंकिंग सेवा आयोग तथा POTA) पर दोनों सदनों की संयुक्त बैठक हुई है।
प्रश्न 40
निम्नलिखित सूची–P (निदेशक सिद्धांत) को सूची–R (अनुच्छेद) के साथ सुमेलित कीजिए — (A) समान न्याय और निःशुल्क कानूनी सहायता (B) पर्यावरण की सुरक्षा (C) काम करने का अधिकार (D) स्मारकों का संरक्षण; (I) अनुच्छेद 48A (II) अनुच्छेद 39A (III) अनुच्छेद 41 (IV) अनुच्छेद 49 [RAS प्री 2023]
(A) A-I, B-III, C-IV, D-II
(B) A-II, B-I, C-III, D-IV
(C) A-III, B-I, C-IV, D-II
(D) A-II, B-III, C-I, D-IV
व्याख्या: सही सुमेलन — समान न्याय एवं निःशुल्क विधिक सहायता अनुच्छेद 39A (II), पर्यावरण की सुरक्षा अनुच्छेद 48A (I), काम करने का अधिकार अनुच्छेद 41 (III) तथा स्मारकों का संरक्षण अनुच्छेद 49 (IV)। यह क्रम विकल्प 2 में है। संकेत: 39A एवं 48A दोनों 42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा जोड़े गए थे — इन्हें साथ याद रखने से आधा प्रश्न स्वतः हल हो जाता है। विकल्प 4 में केवल B व C बदले हैं, अतः वही निकटतम भ्रामक विकल्प है।
प्रश्न 41
सूचना का अधिकार अधिनियम की निम्न में से कौन सी धारा केन्द्रीय सूचना आयोग के कार्य और शक्तियों से सम्बन्धित नहीं है? [RAS प्री 2023]
(A) 25
(B) 19
(C) 18
(D) 12
व्याख्या: विकल्प 4 (धारा 12) सही उत्तर है — धारा 12 केन्द्रीय सूचना आयोग के गठन से सम्बन्धित है, उसके कार्यों एवं शक्तियों से नहीं। शेष तीनों धाराएँ आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़ी हैं — धारा 18 आयोग की जाँच सम्बन्धी शक्तियों को, धारा 19 अपील की प्रक्रिया को तथा धारा 25 वार्षिक प्रतिवेदन एवं निगरानी को नियंत्रित करती है। 'गठन' और 'कार्य-शक्तियाँ' का यही अन्तर प्रश्न का केन्द्र है।
प्रश्न 42
निम्नांकित में से किस आयोग ने अन्तर–राज्य परिषद् के स्थान अन्तर–सरकार परिषद् स्थापित करने की अनुशंसा की थी? [RAS प्री 2023]
(A) राजमन्नार आयोग
(B) पूंछी आयोग
(C) प्रशासनिक सुधार आयोग, 1969
(D) सरकारिया आयोग
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — सरकारिया आयोग (1983) ने केन्द्र-राज्य सम्बन्धों की समीक्षा करते हुए अनुच्छेद 263 के अन्तर्गत एक स्थायी 'अन्तर-सरकार परिषद्' की स्थापना की सिफारिश की, जिसके फलस्वरूप 1990 में अन्तर-राज्य परिषद् गठित हुई। विकल्प 1 राजमन्नार समिति तमिलनाडु सरकार द्वारा गठित थी। विकल्प 2 पूंछी आयोग (2007) परवर्ती है। विकल्प 3 प्रशासनिक सुधार आयोग का कार्यक्षेत्र व्यापक प्रशासनिक सुधार था।
प्रश्न 43
निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए — (i) राजनीति शास्त्रियों द्वारा कही गई 'कांग्रेस प्रणाली' का 1989 के लोक सभा चुनावों के साथ अंत हो गया। (ii) 1989 के लोक सभा चुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सबसे बड़ी अकेली पार्टी के रूप में उभरी। [RAS प्री 2023]
(A) न तो (i) न ही (ii) सही है।
(B) (i) व (ii) दोनों सही हैं।
(C) केवल (ii) सही है।
(D) केवल (i) सही है।
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — दोनों कथन सत्य हैं। 1989 के चुनाव के साथ कांग्रेस के एकदलीय प्रभुत्व वाली 'कांग्रेस प्रणाली' का अन्त हुआ और गठबंधन राजनीति का युग आरम्भ हुआ; तथापि उसी चुनाव में कांग्रेस 197 सीटों के साथ सबसे बड़ी अकेली पार्टी रही, यद्यपि बहुमत न होने से वी.पी. सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय मोर्चा की सरकार बनी। यही 'सबसे बड़ी पार्टी बनाम सरकार बनाने वाली पार्टी' का अन्तर प्रश्न का मर्म है।
प्रश्न 44
निम्नलिखित सूची–P (CAG) को सूची–R (अनुच्छेद) के साथ सुमेलित कीजिए — (A) CAG की नियुक्ति (B) CAG के कर्तव्य और शक्तियाँ (C) संघ के खातों का प्रपत्र (D) ऑडिट रिपोर्ट; (I) अनुच्छेद 148 (II) अनुच्छेद 151 (III) अनुच्छेद 149 (IV) अनुच्छेद 150 [RAS प्री 2023]
(A) A-I, B-III, C-IV, D-II
(B) A-II, B-III, C-I, D-IV
(C) A-III, B-I, C-IV, D-II
(D) A-II, B-III, C-IV, D-I
व्याख्या: सही सुमेलन — CAG की नियुक्ति अनुच्छेद 148 (I), उसके कर्तव्य एवं शक्तियाँ अनुच्छेद 149 (III), संघ के खातों का प्रपत्र अनुच्छेद 150 (IV) तथा लेखापरीक्षा प्रतिवेदन अनुच्छेद 151 (II)। यह क्रम विकल्प 1 में है। संकेत: अनुच्छेद 148 से 151 तक क्रमबद्ध रूप से नियुक्ति → कर्तव्य → खातों का प्रपत्र → प्रतिवेदन की व्यवस्था है, अतः क्रम याद रखना ही पर्याप्त है। शेष तीनों विकल्प इस स्वाभाविक क्रम को तोड़ते हैं।
प्रश्न 45
निम्नलिखित अनुच्छेदों के किस समूह द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार केवल भारत के 'नागरिकों' को अनुदत्त हैं? [RAS प्री 2024]
(A) अनुच्छेद 14, 20, 23 और 30
(B) अनुच्छेद 15, 21, 25 और 28
(C) अनुच्छेद 20, 21, 25 और 30
(D) अनुच्छेद 15, 16, 19 और 30
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — अनुच्छेद 15, 16, 19 एवं 30 द्वारा प्रदत्त अधिकार केवल भारत के नागरिकों को उपलब्ध हैं। शेष विकल्पों में अनुच्छेद 14 (विधि के समक्ष समता), 20, 21, 23, 25 एवं 28 सम्मिलित हैं, जो नागरिकों के साथ-साथ विदेशियों को भी प्राप्त हैं — यही 'नागरिक बनाम सभी व्यक्ति' का भेद प्रश्न का केन्द्र है। सरल स्मरण-सूत्र: 15, 16, 19, 29 एवं 30 केवल नागरिकों के लिए हैं।
प्रश्न 46
किस वर्ष भारत के संविधान में यह अन्तःस्थापित किया गया कि राज्य आर्थिक या अन्य निर्योग्यताओं के कारण किसी नागरिक को निःशुल्क विधिक सहायता सुनिश्चित करेगा? [RAS प्री 2024]
(A) 1978
(B) 1976
(C) 1975
(D) 1979
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — 42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा अनुच्छेद 39क जोड़ा गया, जिसमें राज्य को यह निर्देश दिया गया कि वह आर्थिक अथवा अन्य निर्योग्यता के कारण किसी नागरिक को न्याय से वंचित न होने दे और निःशुल्क विधिक सहायता सुनिश्चित करे। विकल्प 1 (1978) का 44वाँ संशोधन सम्पत्ति के अधिकार से सम्बन्धित है — यही सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है। विकल्प 3 व 4 के वर्षों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं जोड़ा गया।
प्रश्न 47
सूची-A (वाद) का सूची-B (चुनौती दिया गया संशोधन) से मिलान कीजिये: A. इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण, B. मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ, C. किहोतो होलोहन बनाम जाचिल्लू, D. पी. संबामूर्ति बनाम आंध्रप्रदेश राज्य | i. 42वाँ संशोधन, ii. 52वाँ संशोधन, iii. 39वाँ संशोधन, iv. 32वाँ संशोधन [RAS प्री 2024]
(A) A-i, B-iii, C-iv, D-ii
(B) A-ii, B-iii, C-i, D-iv
(C) A-iv, B-ii, C-iii, D-i
(D) A-iii, B-i, C-ii, D-iv
व्याख्या: सही मिलान — इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण में 39वाँ संशोधन (iii), मिनर्वा मिल्स में 42वाँ संशोधन (i), किहोतो होलोहन में 52वाँ संशोधन (ii) तथा पी. संबामूर्ति में 32वाँ संशोधन (iv) चुनौती के विषय थे। यह क्रम विकल्प 4 में है। सबसे सरल जाँच किहोतो होलोहन से होती है, जो दल-बदल विरोधी 52वें संशोधन से जुड़ा प्रसिद्ध वाद है — इसे पहचानते ही शेष विकल्प निरस्त हो जाते हैं।
प्रश्न 48
भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है? [RAS प्री 2024]
(A) भारत के राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल के सदस्यों द्वारा किया जाता है जिसमें (अ) संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य और (ब) राज्यों की विधान सभाओं तथा विधान सभा वाले केन्द्रशासित प्रदेशों के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं।
(B) निर्वाचक मंडल के प्रत्येक सदस्य के लिए वोट का मूल्य 1971 की जनगणना के आधार पर निश्चित किया जाता है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक वर्ष 2026 के बाद पहली जनगणना की जनसंख्या प्रकाशित नहीं हो जाती है।
(C) चुनाव एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार आयोजित किए जाते हैं।
(D) किसी राज्य की विधान सभा के प्रत्येक निर्वाचित सदस्य के उतने मत होंगे जितने कि एक सौ के गुणक उस भागफल में हों जो राज्य की जनसंख्या को उस विधान सभा के निर्वाचित सदस्यों की कुल संख्या से भाग देने पर आये।
व्याख्या: विकल्प 4 गलत कथन है — अनुच्छेद 55 के अनुसार विधानसभा सदस्य का मत-मूल्य राज्य की जनसंख्या को निर्वाचित सदस्यों की संख्या से भाग देकर प्राप्त भागफल में 'एक हजार' के गुणकों की संख्या से निकाला जाता है, 'एक सौ' के नहीं — यही अंकीय त्रुटि प्रश्न का केन्द्र है। शेष तीनों कथन सही हैं — निर्वाचक मंडल की संरचना, 1971 की जनगणना का आधार तथा एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली।
प्रश्न 49
भारत के चुनाव आयोग के संबंध में सही कथन पहचानें। [RAS प्री 2024]
(A) भारत का चुनाव आयोग एक स्थायी संवैधानिक निकाय है और इसकी स्थापना 25 जनवरी 1950 को संविधान के अनुसार की गई थी।
(B) बहुमत द्वारा निर्णय लेने की शक्ति के साथ बहु-सदस्यीय आयोग की अवधारणा 1995 से लागू है।
(C) संविधान के अंतर्गत संसद और राज्य विधानमंडलों के सदस्यों की निर्वाचन पश्चात् निर्योग्यता के मामले में आयोग के पास परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार भी है।
(D) राष्ट्रपति मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करता है और उनका कार्यकाल पाँच वर्ष या 60 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, होता है।
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — संविधान के अन्तर्गत निर्वाचन आयोग को संसद एवं राज्य विधानमंडल सदस्यों की निर्वाचन-पश्चात् निर्योग्यता के मामलों में परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार प्राप्त है; राष्ट्रपति/राज्यपाल उसी की राय के अनुसार निर्णय करते हैं। विकल्प 1 अशुद्ध है क्योंकि आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 को हुई, किन्तु वह संविधान लागू होने से एक दिन पूर्व की तिथि है। विकल्प 2 में वर्ष तथा विकल्प 4 में कार्यकाल की आयु-सीमा (65 वर्ष) गलत दी गई है।
प्रश्न 50
लोक सभा के अध्यक्ष की शक्तियों के बारे में निम्न में से कौन से कथन सही हैं? (i) लोक सभा अध्यक्ष संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करते हैं। (ii) जब एक वित्त विधेयक निचले सदन से उच्च सदन को भेजा जाता है तो अध्यक्ष द्वारा उस विधेयक को धन विधेयक के तौर पर प्रमाणपत्र दिया जाता है। (iii) जब अध्यक्ष को हटाये जाने का प्रस्ताव विचाराधीन हो, तब अध्यक्ष न तो अध्यक्षता करेंगे और न ही कार्यवाहियों में भाग लेंगे। (iv) मतों की समानता के अलावा, अध्यक्ष सदन में मतदान नहीं करते। [RAS प्री 2024]
(A) केवल (i) और (iii)
(B) केवल (i) और (ii)
(C) केवल (i), (ii) और (iv)
(D) केवल (i), (ii) और (iii)
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — कथन (i), (ii) एवं (iv) सही हैं: अध्यक्ष दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करते हैं, धन विधेयक का प्रमाणन उन्हीं का विशेषाधिकार है तथा वे केवल मत-समता की स्थिति में निर्णायक मत देते हैं। कथन (iii) अशुद्ध है क्योंकि अपने विरुद्ध प्रस्ताव पर अध्यक्ष यद्यपि अध्यक्षता नहीं करते, किन्तु वे सदन की कार्यवाही में भाग ले सकते हैं और बोल भी सकते हैं — यही सूक्ष्म अन्तर निर्णायक है।
प्रश्न 51
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (a) 2004 के चुनाव में कांग्रेस ने 145 लोक सभा स्थानों पर विजय प्राप्त की। (b) 2004 के चुनाव में भाजपा ने 133 लोक सभा स्थानों पर विजय प्राप्त की। (c) 2004 के चुनाव में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने 48 लोक सभा स्थानों पर विजय प्राप्त की। [RAS प्री 2024]
(A) केवल (a) सही है।
(B) केवल (a) और (b) सही हैं।
(C) केवल (b) और (c) सही हैं।
(D) केवल (a) और (c) सही हैं।
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — केवल कथन (a) सही है, अर्थात् 2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 145 स्थान जीते और सबसे बड़ी पार्टी बनकर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार बनाई। कथन (b) अशुद्ध है क्योंकि भाजपा ने 138 स्थान जीते थे, 133 नहीं। कथन (c) भी अशुद्ध है क्योंकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने 43 स्थान जीते थे, 48 नहीं — दोनों में निकटवर्ती अंक देकर भ्रम उत्पन्न किया गया है।
प्रश्न 52
केन्द्रीय सतर्कता आयोग की स्थापना निम्नलिखित में से किस समिति की सिफारिशों के आधार पर हुई थी? [RAS प्री 2024]
(A) संथानम समिति
(B) केलकर समिति
(C) स्वर्ण सिंह समिति
(D) बख्शी टेकचंद समिति
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — केन्द्रीय सतर्कता आयोग की स्थापना 1964 में सन्थानम समिति (भ्रष्टाचार निवारण समिति) की सिफारिश पर हुई; 2003 में इसे वैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ। विकल्प 3 स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर मूल कर्तव्य जोड़े गए — यही सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है। विकल्प 2 केलकर समिति कर सुधारों से तथा विकल्प 4 बख्शी टेकचंद समिति अन्य विषय से सम्बन्धित रही।
प्रश्न 53
सिटिजन चार्टर का उद्देश्य नहीं है – [RAS प्री 2024]
(A) गुणात्मक और समयबद्ध सेवा प्रदान करना
(B) नागरिक उन्मुखी शासन
(C) उत्तरदायी सरकार
(D) जनता की माँगों की प्रभावी सुनवाई का तंत्र सृजित करना
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — 'जनता की माँगों की प्रभावी सुनवाई का तंत्र सृजित करना' सिटिजन चार्टर का उद्देश्य नहीं है; वह शिकायत निवारण अथवा सुनवाई के अधिकार से जुड़ी पृथक् व्यवस्था है। शेष तीनों — गुणात्मक एवं समयबद्ध सेवा, नागरिक उन्मुखी शासन तथा उत्तरदायी सरकार — सिटिजन चार्टर के घोषित उद्देश्य हैं। चार्टर मूलतः सेवा-मानकों की सार्वजनिक घोषणा है, न कि सुनवाई का मंच।
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