6. राजस्थान राजनीतिक-प्रशासनिक व्यवस्था PYQ — RAS Pre 2016-2024 (58 प्रश्न)
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प्रश्न 1
राजस्थान राज्य में 30 जून, 2016 तक कितनी बार राष्ट्रपति शासन लागू किया गया है [RAS प्री 2016]
(A) 5 बार
(B) 3 बार
(C) 6 बार
(D) 4 बार
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — 30 जून 2016 तक राजस्थान में चार बार राष्ट्रपति शासन लागू किया गया। शेष विकल्प (5, 3 एवं 6 बार) निकटवर्ती संख्याएँ देकर भ्रम उत्पन्न करते हैं। राष्ट्रपति शासन अनुच्छेद 356 के अन्तर्गत लगाया जाता है, जिसे एस.आर. बोम्मई वाद (1994) के बाद न्यायिक समीक्षा के दायरे में लाया गया।
प्रश्न 2
सन् 1952 के परिसीमन आयोग ने राजस्थान विधान सभा की सदस्य संख्या कितनी निर्धारित की थी [RAS प्री 2016]
(A) 200
(B) 160
(C) 188
(D) प्रत्येक जिले में तीन विधायक
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — सन् 1952 के परिसीमन आयोग ने राजस्थान विधानसभा की सदस्य संख्या 160 निर्धारित की थी; कालान्तर में यह बढ़कर वर्तमान 200 हुई। विकल्प 1 (200) वर्तमान संख्या है, इसीलिए वह सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है — प्रश्न में दिया गया वर्ष 1952 ध्यान से पढ़ना निर्णायक है। विकल्प 4 का 'प्रत्येक जिले में तीन विधायक' कोई मान्य परिसीमन आधार नहीं है।
प्रश्न 3
राजस्थान के राज्यपाल के रूप में श्री कल्याण सिंह की नियुक्ति के पूर्व, निम्नांकित में से कौन राज्य के कार्यवाहक राज्यपाल थे [RAS प्री 2016]
(A) ओ.पी. कोहली
(B) रामनरेश यादव
(C) राम नाइक
(D) मार्गरेट अल्वा
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — श्री कल्याण सिंह की राजस्थान के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति से पूर्व उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने राजस्थान के कार्यवाहक राज्यपाल का दायित्व सँभाला था। शेष तीनों नाम भी राज्यपाल पद से जुड़े रहे हैं — मार्गरेट अल्वा राजस्थान की पूर्ण राज्यपाल रह चुकी थीं, इसीलिए वे भ्रामक लगती हैं, किन्तु प्रश्न विशेष रूप से 'कार्यवाहक' राज्यपाल का है।
प्रश्न 4
राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में, निम्नांकित में से किसका कार्यकाल सबसे लंबा रहा है [RAS प्री 2016]
(A) मोहम्मद याकूब
(B) यतीन्द्र सिंह
(C) डी.एस. तिवाड़ी
(D) सी.आर. चौधरी
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों में डी.एस. तिवाड़ी का कार्यकाल सबसे लम्बा रहा। शेष तीनों नाम भी आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं, किन्तु उनका कार्यकाल तुलनात्मक रूप से छोटा रहा — यही एकमात्र विभेदक बिन्दु है। RPSC की स्थापना 1949 में जयपुर में हुई थी और बाद में इसे अजमेर स्थानान्तरित किया गया।
प्रश्न 5
जिला आयोजन समिति में निर्वाचित व पदेन सदस्य कितने होते हैं [RAS प्री 2016]
(A) 20 और 5
(B) 20 और 3
(C) 20 और 2
(D) 20 और 10
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — जिला आयोजन समिति में 20 निर्वाचित तथा 3 पदेन सदस्य होते हैं। निर्वाचित सदस्य जिला परिषद् एवं नगरीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों में से उनकी ग्रामीण-नगरीय जनसंख्या के अनुपात में चुने जाते हैं। शेष विकल्पों में पदेन सदस्यों की संख्या बदलकर भ्रम उत्पन्न किया गया है; यह समिति अनुच्छेद 243ZD के अन्तर्गत गठित होती है।
प्रश्न 6
जिला दण्डनायक के रूप में जिला कलेक्टर की शक्तियाँ हैं - A. कानून व व्यवस्था बनाए रखना B. पुलिस पर नियन्त्रण रखना C. विदेशियों के पासपोर्ट की जाँच करना D. भू-राजस्व एकत्र करना [RAS प्री 2016]
(A) A, B, C
(B) A, C, D
(C) B, C, D
(D) A, B, D
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — जिला दण्डनायक (District Magistrate) के रूप में कलेक्टर के पास कानून व्यवस्था बनाए रखना (A), पुलिस पर पर्यवेक्षी नियन्त्रण (B) तथा विदेशियों के पासपोर्ट/वीज़ा सम्बन्धी जाँच (C) की शक्तियाँ होती हैं। कथन D भू-राजस्व एकत्र करना कलेक्टर का कार्य अवश्य है, किन्तु वह 'कलेक्टर' की राजस्व-भूमिका है, 'जिला दण्डनायक' की नहीं — यही दोहरी भूमिका का भेद प्रश्न का केन्द्र है।
प्रश्न 7
राजस्थान के राज्यपाल कुलाधिपति होते हैं [RAS प्री 2016]
(A) सभी राज्य विश्वविद्यालयों के
(B) सभी राज्य विश्वविद्यालयों तथा राज्य में कार्यरत सभी केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के
(C) सभी राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों के
(D) सभी राज्य विश्वविद्यालयों, राज्य में स्थित केन्द्रीय विश्वविद्यालयों तथा राज्य के सभी निजी विश्वविद्यालयों के
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — राज्यपाल केवल राज्य विधानमण्डल द्वारा स्थापित राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होते हैं। विकल्प 2 व 4 अशुद्ध हैं क्योंकि केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के 'विजिटर' भारत के राष्ट्रपति होते हैं। विकल्प 3 अशुद्ध है क्योंकि निजी विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति प्रायोजक संस्था द्वारा नामित होता है; वहाँ राज्यपाल की भूमिका पर्यवेक्षी मात्र रहती है।
प्रश्न 8
राजस्थान सूचना आयोग का गठन कब हुआ था [RAS प्री 2016]
(A) 18 अप्रैल, 2008
(B) 18 अप्रैल, 2006
(C) 18 अप्रैल, 2007
(D) 18 अप्रैल, 2005
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — राजस्थान राज्य सूचना आयोग का गठन 18 अप्रैल 2006 को हुआ, जो सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के लागू होने के लगभग छह माह बाद की तिथि है। शेष विकल्पों में केवल वर्ष बदलकर वही तिथि (18 अप्रैल) दोहराई गई है, जिससे प्रश्न पूर्णतः वर्ष के स्मरण पर केन्द्रित हो जाता है।
प्रश्न 9
राज्य स्तर पर लोक आयुक्त की नियुक्ति की सर्वप्रथम अनुशंसा किसने की थी [RAS प्री 2016]
(A) राजस्थान प्रशासनिक सुधार समिति
(B) भारत का प्रशासनिक सुधार आयोग (1966-70)
(C) द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग
(D) सन्थानम समिति
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — राज्य स्तर पर लोक आयुक्त (लोकायुक्त) की नियुक्ति की सर्वप्रथम अनुशंसा भारत के प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग (1966-70) ने की थी, जिसने केन्द्र में लोकपाल एवं राज्यों में लोकायुक्त का सुझाव दिया। विकल्प 4 सन्थानम समिति की सिफारिश पर केन्द्रीय सतर्कता आयोग बना — यही सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है। विकल्प 3 द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग (2005) कहीं परवर्ती है।
प्रश्न 10
राजस्थान विधान सभा के इतिहास में 30 जून, 2016 तक कितनी बार विश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ और उस पर चर्चा हुई [RAS प्री 2016]
(A) एक बार
(B) दो बार
(C) तीन बार
(D) चार बार
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — 30 जून 2016 तक राजस्थान विधानसभा के इतिहास में चार बार विश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत होकर उस पर चर्चा हुई। शेष विकल्प (एक, दो एवं तीन बार) निकटवर्ती संख्याएँ देकर भ्रम उत्पन्न करते हैं। ध्यान दें कि विश्वास प्रस्ताव सरकार स्वयं लाती है, जबकि अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष द्वारा लाया जाता है।
प्रश्न 11
राजस्थान का राज्य निर्वाचन आयोग है [RAS प्री 2016]
(A) एक वैधानिक संस्था
(B) एक कार्यपालिका संस्था
(C) एक संवैधानिक संस्था
(D) भारत के चुनाव आयोग की एक इकाई
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — राज्य निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसका गठन अनुच्छेद 243K एवं 243ZA के अन्तर्गत होता है; यह पंचायत एवं नगरपालिका चुनाव कराती है। विकल्प 4 अशुद्ध है क्योंकि यह भारत निर्वाचन आयोग की इकाई नहीं, बल्कि पूर्णतः स्वतंत्र निकाय है — यही सर्वाधिक सामान्य भ्रान्ति है। विकल्प 1 वैधानिक एवं विकल्प 2 कार्यपालिका संस्था कहना भी अशुद्ध है।
प्रश्न 12
वर्ष 2015 तक राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के लिए कितनी बार चुनाव आयोजित किए गए हैं [RAS प्री 2016]
(A) 5 बार
(B) 8 बार
(C) 9 बार
(D) 10 बार
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — वर्ष 2015 तक राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के लिए दस बार चुनाव आयोजित किए जा चुके थे। शेष विकल्प (5, 8 एवं 9 बार) निकटवर्ती संख्याएँ देकर भ्रम उत्पन्न करते हैं। स्मरणीय: राजस्थान देश का पहला राज्य है जहाँ 2 अक्टूबर 1959 को नागौर के बगदरी गाँव से पंचायती राज व्यवस्था का शुभारम्भ हुआ था।
प्रश्न 13
निम्नांकित में से कौन सा अधिनियम/नियम राजस्थान में ग्राम सभा की संयुक्त बैठकों का प्रावधान करता है [RAS प्री 2018]
(A) राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994
(B) राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996
(C) राजस्थान पंचायती राज (उपबन्धों का अनूसूचित क्षेत्रों में लागू होने के सम्बन्ध में उपान्तरण) अधिनियम, 1999
(D) राजस्थान पंचायती राज (उपबन्धों का अनुसूचित क्षेत्रों में लागू होने के सम्बन्ध में उपान्तरण) नियम, 2011
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — राजस्थान पंचायती राज (उपबन्धों का अनुसूचित क्षेत्रों में लागू होने के सम्बन्ध में उपान्तरण) नियम, 2011 में ग्राम सभा की संयुक्त बैठकों का प्रावधान है। विकल्प 3 इसी विषय का अधिनियम 1999 है, इसीलिए वह सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है — 'अधिनियम' एवं 'नियम' का भेद यहाँ निर्णायक है। विकल्प 1 व 2 सामान्य पंचायती राज विधान हैं, अनुसूचित क्षेत्र विशिष्ट नहीं।
प्रश्न 14
निम्नांकित में से कौन से मुख्यमंत्री राजस्थान विधानसभा में नेता-प्रतिपक्ष के पद पर नहीं रहे हैं - (A) हरिदेव जोशी (B) शिवचरण माथुर (C) अशोक गेहलोत (D) वसुंधरा राजे [RAS प्री 2018]
(A) (A), (B) और (C)
(B) (B) और (C)
(C) (C) और (D)
(D) (A) और (D)
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — शिवचरण माथुर (B) एवं अशोक गेहलोत (C) मुख्यमंत्री तो रहे, किन्तु राजस्थान विधानसभा में नेता-प्रतिपक्ष के पद पर नहीं रहे। कथन (A) हरिदेव जोशी तथा (D) वसुंधरा राजे दोनों नेता-प्रतिपक्ष रह चुकी/चुके हैं, अतः वे अभीष्ट उत्तर में सम्मिलित नहीं हो सकते — इसी कारण विकल्प 1, 3 एवं 4 अशुद्ध हो जाते हैं।
प्रश्न 15
निम्न में से किन पदाधिकारी/पदाधिकारियों के खिलाफ शिकायत प्राप्त होने पर लोकायुक्त, राजस्थान द्वारा जाँच नहीं की जा सकती है [RAS प्री 2018]
(A) पंचायत समितियों के प्रधान एवं उप-प्रधान
(B) पंचायत समितियों की स्थायी समितियों के अध्यक्ष
(C) सरपंच एवं पंच
(D) जिला परिषद् के उप-प्रमुख
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — लोकायुक्त, राजस्थान के क्षेत्राधिकार में सरपंच एवं पंच नहीं आते, अर्थात् उनके विरुद्ध शिकायत मिलने पर लोकायुक्त जाँच नहीं कर सकता। शेष तीनों — पंचायत समितियों के प्रधान एवं उप-प्रधान, पंचायत समितियों की स्थायी समितियों के अध्यक्ष तथा जिला परिषद् के उप-प्रमुख — लोकायुक्त के क्षेत्राधिकार में आते हैं। यही 'ग्राम स्तर बनाम उच्चतर स्तर' का भेद निर्णायक है।
प्रश्न 16
निम्नांकित में से कौन से कथन राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के सम्बन्ध में सही हैं - (A) इसका गठन राजस्थान सरकार की 18 जनवरी, 1999 की एक अधिसूचना द्वारा हुआ (B) यह आयोग मार्च, 2000 से क्रियाशील हुआ (C) मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2006 के अनुसार आयोग में एक अध्यक्ष एवं 3 सदस्यों का प्रावधान (D) इसके भूतपूर्व अध्यक्षों में से एक उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश रहे हैं [RAS प्री 2018]
(A) (A), (B) और (C)
(B) (A), (B) और (D)
(C) (B), (C) और (D)
(D) (B) और (C)
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — कथन (A), (B) एवं (D) सही हैं: आयोग का गठन 18 जनवरी 1999 की अधिसूचना द्वारा हुआ, यह मार्च 2000 से क्रियाशील हुआ तथा इसके एक भूतपूर्व अध्यक्ष उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश रहे। कथन (C) अशुद्ध है क्योंकि मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2006 के अनुसार राज्य आयोग में अध्यक्ष सहित सदस्यों की संख्या का प्रावधान भिन्न है — यही अंकीय त्रुटि निर्णायक बिन्दु है।
प्रश्न 17
उच्चतम न्यायालय के निम्नांकित न्यायाधीशों में से कौन राजस्थान उच्च न्यायालय में न्यायाधीश नहीं रहे हैं [RAS प्री 2018]
(A) न्यायमूर्ति एन.एम. कासलीवाल
(B) न्यायमूर्ति बी.एस. चौहान
(C) न्यायमूर्ति ए.के. माथुर
(D) न्यायमूर्ति आर.सी. लाहोटी
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — न्यायमूर्ति आर.सी. लाहोटी राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नहीं रहे; वे मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से आए और आगे चलकर भारत के मुख्य न्यायाधीश बने। शेष तीनों — न्यायमूर्ति एन.एम. कासलीवाल, बी.एस. चौहान एवं ए.के. माथुर — राजस्थान उच्च न्यायालय में न्यायाधीश रह चुके हैं और बाद में उच्चतम न्यायालय पहुँचे।
प्रश्न 18
निम्न में से कौन राजस्थान विधानसभा के प्रोटेम अध्यक्ष, अध्यक्ष व उपाध्यक्ष रहे हैं [RAS प्री 2018]
(A) पूनम चंद विश्नोई
(B) निरंजन नाथ आचार्य
(C) शांतिलाल चपलोत
(D) परसराम मदेरणा
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — पूनम चंद विश्नोई ऐसे विरले व्यक्तित्व रहे जो राजस्थान विधानसभा के प्रोटेम अध्यक्ष, अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष — तीनों पदों पर रहे। शेष तीनों नाम भी विधानसभा के वरिष्ठ पदाधिकारी रहे हैं — परसराम मदेरणा एवं शांतिलाल चपलोत अध्यक्ष रहे — इसीलिए वे भ्रामक लगते हैं, किन्तु तीनों पदों का यह संयोग केवल पूनम चंद विश्नोई के साथ जुड़ा है।
प्रश्न 19
राजस्थान विधानसभा में लोक महत्त्व के किसी विषय पर स्थगन प्रस्ताव की प्रक्रिया के नियम के सम्बन्ध में निम्न में से कौन से कथन सही हैं - (A) प्रस्ताव प्रस्तुत करने हेतु अध्यक्ष की सहमति आवश्यक है (B) प्रस्ताव द्वारा विशेषाधिकार का प्रश्न उठाया जा सकता है (C) प्रस्ताव हाल ही घटित किसी विशिष्ट घटना तक सीमित रहेगा (D) एक ही बैठक में एक से अधिक प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं होंगे [RAS प्री 2018]
(A) (A), (B) और (C)
(B) (A), (B) और (D)
(C) (A), (C) और (D)
(D) (A) और (D)
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — कथन (A), (C) एवं (D) सही हैं: स्थगन प्रस्ताव हेतु अध्यक्ष की सहमति आवश्यक है, यह हाल ही घटित किसी विशिष्ट घटना तक सीमित रहता है तथा एक ही बैठक में एक से अधिक प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए जा सकते। कथन (B) अशुद्ध है क्योंकि स्थगन प्रस्ताव द्वारा विशेषाधिकार का प्रश्न नहीं उठाया जा सकता; उसके लिए पृथक् 'विशेषाधिकार प्रस्ताव' की प्रक्रिया है — यही निर्णायक भेद है।
प्रश्न 20
किसी विधेयक पर संवैधानिक उपबन्ध के तहत राज्यपाल की सिफारिश अपेक्षित थी, किन्तु बिना राज्यपाल की सिफारिश उसे राजस्थान विधानसभा में पुरःस्थापित किया गया और उसने पारित करके राज्यपाल को भेज दिया; अब [RAS प्री 2018]
(A) जहाँ राज्यपाल अनुमति देता है तो वह अधिनियम अविधिमान्य नहीं होगा
(B) राज्यपाल संवैधानिक प्रावधानों के अतिक्रमण के आधार पर अनुमति देने से इंकार कर सकता है
(C) राज्यपाल ऐसे विधेयक को राष्ट्रपति की अनुमति के लिये भेज देगा
(D) यदि राज्यपाल या राष्ट्रपति अनुमति दे तो न्यायालय संवैधानिक उपबन्धों के आधार पर उसे असंवैधानिक घोषित कर देगा
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — संविधान के अनुसार, यदि किसी विधेयक हेतु राज्यपाल की पूर्व सिफारिश अपेक्षित थी और वह प्राप्त नहीं की गई, किन्तु राज्यपाल बाद में उस विधेयक को अनुमति दे देता है, तो केवल इस आधार पर वह अधिनियम अविधिमान्य नहीं होगा; अनुमति इस प्रक्रियागत त्रुटि का निवारण कर देती है। इसी कारण विकल्प 2, 3 एवं 4 अशुद्ध हैं, क्योंकि वे अनुमति के बावजूद अधिनियम को अवैध अथवा राष्ट्रपति-प्रेषणीय मान लेते हैं।
प्रश्न 21
'राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमों' के अनुसार निम्नांकित में से कौन से विभाग के प्राक्कलन, प्राक्कलन समिति 'क' के नियंत्रणाधीन नहीं है? [RAS प्री 2021]
(A) सार्वजनिक निर्माण विभाग
(B) गृह विभाग
(C) शिक्षा विभाग
(D) वित्त विभाग
व्याख्या: राजस्थान विधानसभा में प्राक्कलन समिति 'क' एवं 'ख' के बीच विभागों का बँटवारा नियमों द्वारा निर्धारित है। आयोग की उत्तर-कुंजी के अनुसार विकल्प 2 (गृह विभाग) समिति 'क' के नियंत्रणाधीन नहीं है, जबकि विकल्प 1 सार्वजनिक निर्माण, विकल्प 3 शिक्षा तथा विकल्प 4 वित्त विभाग इसके क्षेत्राधिकार में आते हैं। यह प्रश्न पूर्णतः प्रक्रिया-नियमों की विशिष्ट सूची पर आधारित है, अतः इसका उत्तर तर्क से नहीं, केवल नियम-सूची के स्मरण से निकलता है।
प्रश्न 22
राजस्थान लोक सेवा आयोग अपने कार्यों का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करता है — [RAS प्री 2021]
(A) विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष
(B) राष्ट्रपति के समक्ष
(C) राज्यपाल के समक्ष
(D) मुख्य सचिव के समक्ष
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — अनुच्छेद 323(2) के अनुसार राज्य लोक सेवा आयोग अपना वार्षिक प्रतिवेदन राज्यपाल को सौंपता है, जो उसे अस्वीकृति के कारणों सहित राज्य विधानमण्डल के समक्ष रखवाता है। विकल्प 2 अशुद्ध है क्योंकि राष्ट्रपति को प्रतिवेदन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) देता है — यही इस प्रश्न का प्रमुख विभेदक बिन्दु है। विकल्प 1 विधानसभा अध्यक्ष केवल सदन की कार्यवाही से सम्बद्ध हैं, प्रतिवेदन के प्राप्तकर्ता नहीं। विकल्प 4 मुख्य सचिव कार्यपालिका के अधिकारी हैं, संवैधानिक प्राप्तकर्ता नहीं।
प्रश्न 23
राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 के प्रावधानों के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा नगर परिषद् में अधिकतम कितने व्यक्ति नाम निर्दिष्ट किये जा सकते हैं? [RAS प्री 2021]
(A) 10
(B) 12
(C) 8
(D) 6
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 के अनुसार नगर परिषद् में राज्य सरकार अधिकतम 8 व्यक्तियों को नाम निर्दिष्ट (मनोनीत) कर सकती है। शेष विकल्प इसी अधिनियम के अन्य स्तरों की संख्याओं से भ्रम उत्पन्न करते हैं — नगर पालिका, नगर परिषद् एवं नगर निगम के लिए मनोनयन की सीमाएँ भिन्न-भिन्न निर्धारित हैं, अतः स्तर पहचानना यहाँ निर्णायक है। ध्यान दें कि मनोनीत सदस्यों को मतदान का अधिकार नहीं होता।
प्रश्न 24
राजस्थान प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को पहली बार जिला कलेक्टर के रूप में पदस्थापना निम्नांकित में से किस वर्ष की गई थी? [RAS प्री 2021]
(A) 2021
(B) 2013
(C) 2009
(D) 2018
व्याख्या: विकल्प 3 (2009) सही है — इसी वर्ष पहली बार RAS अधिकारियों को जिला कलेक्टर पद पर पदस्थापित किया गया। विकल्प 2 (2013), विकल्प 4 (2018) एवं विकल्प 1 (2021) परवर्ती वर्ष हैं, जिनमें यह प्रथम पदस्थापना नहीं हुई; ये केवल तिथि-भ्रम उत्पन्न करने हेतु रखे गए हैं।
प्रश्न 25
राजस्थान के निम्नांकित मुख्यमंत्रियों में से कौन लोक सभा के सदस्य नहीं रहे हैं? (A) हरिदेव जोशी (B) भैरों सिंह शेखावत (C) टीकाराम पालीवाल (D) बरकतुल्लाह खान [RAS प्री 2021]
(A) (A), (B), (C) और (D)
(B) केवल (A) और (B)
(C) केवल (B), (C) और (D)
(D) केवल (A), (B) और (D)
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — हरिदेव जोशी, भैरों सिंह शेखावत तथा बरकतुल्लाह खान कभी लोकसभा सदस्य नहीं रहे, जबकि टीकाराम पालीवाल लोकसभा के सदस्य रहे। विकल्प 1 सभी चारों को सम्मिलित कर लेता है, अतः पालीवाल के कारण अशुद्ध है। विकल्प 3 पालीवाल को सम्मिलित करने से गलत है। विकल्प 2 अधूरा है क्योंकि इसमें बरकतुल्लाह खान छूट जाते हैं।
प्रश्न 26
निम्नांकित में से कौन राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति हेतु अधिकृत है? [RAS प्री 2021]
(A) मुख्य सचिव स्तर का अधिकारी
(B) उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश
(C) प्रमुख समाज सेवी व्यक्ति
(D) पुलिस महानिदेशक स्तर का अधिकारी
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के अनुसार राज्य मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष उच्च न्यायालय का (पूर्व) मुख्य न्यायाधीश होता है। विकल्प 1 व 4 प्रशासनिक/पुलिस अधिकारी हैं, जो अधिक से अधिक सदस्य हो सकते हैं, अध्यक्ष नहीं। विकल्प 3 समाजसेवी व्यक्ति भी सदस्य की श्रेणी में आ सकता है, किन्तु अध्यक्ष पद हेतु न्यायिक अर्हता अनिवार्य है।
प्रश्न 27
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की किस धारा को संशोधित कर 'ग्राम सेवक' के स्थान पर 'ग्राम विकास अधिकारी' अभिव्यक्ति को प्रतिस्थापित किया गया है? [RAS प्री 2021]
(A) 88
(B) 89
(C) 91
(D) 90
व्याख्या: विकल्प 2 (धारा 89) सही है — इसी धारा में संशोधन कर 'ग्राम सेवक' पदनाम के स्थान पर 'ग्राम विकास अधिकारी' किया गया। शेष धाराएँ 88, 90 एवं 91 अधिनियम के अन्य प्रावधानों से सम्बन्धित हैं और इस विशिष्ट पदनाम-परिवर्तन से इनका सम्बन्ध नहीं है। यह प्रश्न पूर्णतः धारा-संख्या के स्मरण पर आधारित है।
प्रश्न 28
राजस्थान में लोकायुक्त के संबंध में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं? (A) वह राज्यपाल द्वारा नियुक्त एवं विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होता है। (B) उसका क्षेत्राधिकार मंत्रियों, राज्य विधानसभा के सदस्यों एवं उच्च लोक सेवकों तक फैला है। (C) वह भ्रष्टाचार एवं कु–प्रशासन के मामलों पर विचार करता है। (D) उसका कार्य आरोपों की जाँच करना है, न कि शिकायतों की। [RAS प्री 2021]
(A) (A) एवं (C)
(B) (A) एवं (D)
(C) (A), (B) एवं (C)
(D) (A), (B), (C) एवं (D)
व्याख्या: विकल्प 3 सही है क्योंकि केवल कथन D अशुद्ध है — लोकायुक्त आरोपों के साथ-साथ शिकायतों की भी जाँच करता है, अतः 'न कि शिकायतों की' कहना गलत है। कथन A, B एवं C तीनों सही हैं। विकल्प 4 असत्य कथन D को भी जोड़ लेता है; विकल्प 1 व 2 सत्य कथन B अथवा C को छोड़ने के कारण अधूरे रह जाते हैं।
प्रश्न 29
राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान से संबंधित निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए — (i) राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान का गठन दिसम्बर, 1994 में हुआ। (ii) इसका एक सचिव होता है जो राज्य का मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी होता है। [RAS प्री 2021]
(A) केवल (i) सही है
(B) केवल (ii) सही है
(C) (i) और (ii) दोनों सही हैं
(D) न तो (i) और न ही (ii) सही है
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — कथन (i) की तिथि अशुद्ध है, क्योंकि राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान का गठन अनुच्छेद 243K के अन्तर्गत जुलाई 1994 में हुआ था, दिसम्बर 1994 में नहीं। कथन (ii) सही है। इसी कारण विकल्प 1 व 3 अशुद्ध हैं, तथा विकल्प 4 भी गलत है क्योंकि कथन (ii) सत्य है।
प्रश्न 30
गुरुमुख निहाल सिंह को राजस्थान का प्रथम राज्यपाल नियुक्त किया गया था — [RAS प्री 2021]
(A) 2 नवम्बर, 1956 को
(B) 25 अक्टूबर, 1956 को
(C) 1 नवम्बर, 1956 को
(D) 26 अक्टूबर, 1956 को
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — राज्य पुनर्गठन के पश्चात् राजप्रमुख का पद समाप्त कर 1 नवम्बर 1956 को गुरुमुख निहाल सिंह ने राजस्थान के प्रथम राज्यपाल के रूप में कार्यभार सँभाला। शेष तीनों विकल्प इसी अवधि की निकटवर्ती तिथियाँ देकर भ्रम उत्पन्न करते हैं; ध्यान रखें कि 1 नवम्बर 1956 राज्य पुनर्गठन अधिनियम के प्रवर्तन की तिथि है, इसी से यह उत्तर जोड़ा जा सकता है।
प्रश्न 31
राजस्थान उच्च न्यायालय के निम्नांकित न्यायाधीशों में से कौन राजस्थान सरकार में राज्यमंत्री के पद पर आसीन रहे हैं? [RAS प्री 2021]
(A) जस्टिस मोहम्मद यामीन
(B) जस्टिस सूरज नारायण दीडवानिया
(C) जस्टिस फारूख़ हसन
(D) जस्टिस यादराम मीणा
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — जस्टिस फारूख़ हसन राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश रहने के उपरान्त राजस्थान सरकार में राज्यमंत्री पद पर आसीन रहे। शेष तीनों नाम राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश रहे हैं, किन्तु उन्होंने राज्यमंत्री का पद धारण नहीं किया — यही इस प्रश्न का एकमात्र विभेदक बिन्दु है।
प्रश्न 32
राजस्थान जन आधार प्राधिकरण अध्यादेश लागू हुआ — [RAS प्री 2021]
(A) 11 जनवरी, 2021 को
(B) 18 दिसंबर, 2019 को
(C) 11 जनवरी, 2020 को
(D) 18 दिसंबर, 2020 को
व्याख्या: विकल्प 2 (18 दिसंबर 2019) सही है — इसी तिथि को राजस्थान जन आधार प्राधिकरण अध्यादेश लागू हुआ, जिसके अन्तर्गत 'एक परिवार-एक पहचान' के आधार पर जन आधार कार्ड जारी किए गए। शेष विकल्पों में वही दो तिथियाँ (11 जनवरी एवं 18 दिसंबर) दो भिन्न वर्षों के साथ जोड़कर रखी गई हैं, जिससे प्रश्न पूर्णतः तिथि-वर्ष के सटीक स्मरण पर केन्द्रित हो जाता है।
प्रश्न 33
निम्न में से कौन सा कथन राजस्थान के मुख्यमंत्री के सम्बन्ध में सही नहीं है? [RAS प्री 2023]
(A) मोहनलाल सुखाड़िया ने चार बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
(B) 1975 के आपातकाल के समय मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी थे।
(C) बरकतुल्ला खां सबसे कम समय तक मुख्यमंत्री रहे।
(D) सी.एस. वेंकटाचारी निर्वाचित मुख्यमंत्री नहीं थे।
व्याख्या: विकल्प 3 अभीष्ट (गलत) कथन है — बरकतुल्ला खां सबसे कम समय तक मुख्यमंत्री नहीं रहे; यह विशेषता अन्य मुख्यमंत्रियों पर लागू होती है, बरकतुल्ला खां का कार्यकाल 1971 से 1973 तक रहा और पद पर रहते हुए उनका निधन हुआ। शेष तीनों कथन सही हैं — मोहनलाल सुखाड़िया ने चार बार शपथ ली, 1975 के आपातकाल के समय हरिदेव जोशी मुख्यमंत्री थे तथा सी.एस. वेंकटाचारी मनोनीत मुख्यमंत्री थे, निर्वाचित नहीं।
प्रश्न 34
राजस्थान की मंत्रिपरिषद् की न्यूनतम सदस्य संख्या क्या हो सकती है? [RAS प्री 2023]
(A) 12
(B) 10
(C) 08
(D) 05
व्याख्या: विकल्प 1 (12) सही है — 91वें संविधान संशोधन 2003 द्वारा जोड़े गए अनुच्छेद 164(1क) के अनुसार राज्य में मंत्रिपरिषद् की संख्या मुख्यमंत्री सहित कम से कम 12 होनी चाहिए तथा अधिकतम विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं। शेष विकल्प (10, 08 एवं 05) इस संवैधानिक न्यूनतम से कम हैं, अतः अशुद्ध हैं। ध्यान दें कि यही संशोधन दल-बदल पर भी कठोर प्रावधान लाया था।
प्रश्न 35
2022 के राष्ट्रपति के निर्वाचन में राजस्थान विधान–सभा के प्रत्येक सदस्य का मत–मूल्य था — [RAS प्री 2023]
(A) 149
(B) 132
(C) 129
(D) 116
व्याख्या: विकल्प 3 (129) सही है — राष्ट्रपति निर्वाचन में विधायक का मत-मूल्य राज्य की 1971 की जनसंख्या ÷ (विधानसभा के निर्वाचित सदस्य × 1000) के सूत्र से निकाला जाता है; राजस्थान के लिए यह 129 आता है। विकल्प 1 (149) झारखंड जैसे कुछ राज्यों का मान है तथा विकल्प 2 व 4 अन्य राज्यों के मत-मूल्यों के निकट हैं। स्मरणीय: उत्तर प्रदेश का मत-मूल्य सर्वाधिक (208) तथा सिक्किम का न्यूनतम (7) है।
प्रश्न 36
संविधान के अनुच्छेद 217(1) के अनुसार, राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति से भिन्न किसी न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति किसके परामर्श उपरांत करेगा? [RAS प्री 2023]
(A) राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति, भारत के महान्यायवादी तथा राजस्थान के राज्यपाल।
(B) राजस्थान के राज्यपाल, भारत के मुख्य न्यायमूर्ति तथा राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति।
(C) संघ के कानून एवं न्याय मंत्री तथा राजस्थान के राज्यपाल।
(D) भारत के मुख्य न्यायमूर्ति तथा राजस्थान के राज्यपाल।
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — अनुच्छेद 217(1) के अनुसार उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति में राष्ट्रपति भारत के मुख्य न्यायमूर्ति, सम्बन्धित राज्य के राज्यपाल तथा उस उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति — तीनों से परामर्श करता है। विकल्प 4 सर्वाधिक भ्रामक है क्योंकि वह उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति को छोड़ देता है; ध्यान रहे कि यह तीसरा परामर्श केवल अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति में आवश्यक है। विकल्प 1 व 3 में महान्यायवादी व कानून मंत्री जोड़ दिए गए हैं, जो प्रावधान में नहीं हैं।
प्रश्न 37
निम्न में से किसकी सिफारिश पर राजस्थान में राजप्रमुख के पद को समाप्त कर राज्यपाल की व्यवस्था की गई? [RAS प्री 2023]
(A) राज्य विधान सभा
(B) संविधान सभा
(C) राज्य पुनर्गठन आयोग
(D) राज्य प्रशासनिक सुधार आयोग
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — फजल अली की अध्यक्षता वाले राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिश पर राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 लागू हुआ, जिसके अन्तर्गत राजप्रमुख का पद समाप्त कर 1 नवम्बर 1956 से राज्यपाल की व्यवस्था की गई। विकल्प 2 संविधान सभा ने प्रारम्भ में राजप्रमुख की व्यवस्था को ही स्वीकार किया था, समाप्ति की नहीं। विकल्प 1 व 4 का इस संवैधानिक परिवर्तन में निर्णायक भूमिका नहीं रही।
प्रश्न 38
निम्नांकित में से कौन सा एक राजस्थान अर्बन ड्रिंकिंग वॉटर सिवरेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड का हिस्सा नहीं है? [RAS प्री 2023]
(A) राजस्थान अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस एंड डवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड
(B) राजस्थान आवास विकास इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड
(C) राजस्थान हाउसिंग बोर्ड
(D) राजस्थान अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट प्रोजेक्ट
व्याख्या: विकल्प 3 सही उत्तर है — राजस्थान हाउसिंग बोर्ड एक पृथक् वैधानिक निकाय है, जो RUDSICO का अंग नहीं है। शेष तीनों संस्थाएँ RUDSICO के अन्तर्गत समाहित की गईं — RUIFDCO, राजस्थान आवास विकास इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड तथा RUIDP। RUDSICO का गठन नगरीय पेयजल, सीवरेज एवं अवसंरचना सम्बन्धी विभिन्न संस्थाओं को एक छत्र के नीचे लाने हेतु किया गया था।
प्रश्न 39
किस संशोधन अधिनियम द्वारा 'ग्राम सेवक' को 'ग्राम विकास अधिकारी' से प्रतिस्थापित किया गया है? [RAS प्री 2023]
(A) राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2015
(B) राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2017
(C) राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2019
(D) राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2021
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2021 द्वारा 'ग्राम सेवक' पदनाम के स्थान पर 'ग्राम विकास अधिकारी' अभिव्यक्ति प्रतिस्थापित की गई। शेष तीनों संशोधन अधिनियम (2015, 2017 एवं 2019) पंचायती राज के अन्य प्रावधानों — जैसे शैक्षणिक अर्हता, वार्ड पुनर्गठन आदि — से सम्बन्धित हैं, इस पदनाम-परिवर्तन से नहीं।
प्रश्न 40
राजस्थान लोक सेवा आयोग के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए — (i) आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य राजस्थान के राज्यपाल द्वारा नियुक्त होते हैं। (ii) आयोग के अध्यक्ष या कोई अन्य सदस्य केवल राष्ट्रपति की आज्ञा से अपने पद से हटाए जा सकते हैं। [RAS प्री 2023]
(A) न तो (i) न ही (ii) सही है।
(B) (i) व (ii) दोनों सही हैं।
(C) केवल (ii) सही है।
(D) केवल (i) सही है।
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — दोनों कथन सत्य हैं। अनुच्छेद 316 के अनुसार राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल करता है, किन्तु अनुच्छेद 317 के अनुसार उन्हें केवल राष्ट्रपति के आदेश से (उच्चतम न्यायालय की जाँच के पश्चात्) हटाया जा सकता है। यही 'नियुक्ति राज्यपाल द्वारा, पदच्युति राष्ट्रपति द्वारा' का विरोधाभास इस प्रश्न का मुख्य बिन्दु है और आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है।
प्रश्न 41
तहसीलदार की नियुक्ति होती है — [RAS प्री 2023]
(A) संघ लोक सेवा आयोग द्वारा
(B) कर्मचारी चयन आयोग द्वारा
(C) राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा
(D) राजस्व मंडल द्वारा
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार तहसीलदारों की नियुक्ति राजस्व मंडल द्वारा की जाती है। विकल्प 3 सर्वाधिक भ्रामक है क्योंकि RPSC तहसीलदार पद हेतु चयन परीक्षा अवश्य आयोजित करता है, किन्तु नियुक्ति का प्राधिकार राजस्व मंडल के पास है — 'चयन' और 'नियुक्ति' का यही अन्तर निर्णायक है। विकल्प 1 व 2 केन्द्रीय संस्थाएँ हैं, जिनका राज्य के इस पद से सम्बन्ध नहीं।
प्रश्न 42
2014 में नरपत मल लोढ़ा की अध्यक्षता में गठित समिति निम्न में से किस विषय से सम्बन्धित है? [RAS प्री 2023]
(A) पंचायती राज
(B) मानवाधिकार
(C) राज्यपाल
(D) लोकायुक्त
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — वर्ष 2014 में नरपत मल लोढ़ा की अध्यक्षता में गठित समिति लोकायुक्त संस्था से सम्बन्धित थी, जिसने राजस्थान में लोकायुक्त की शक्तियों एवं कार्यक्षेत्र पर सिफारिशें दीं। शेष तीनों विषय — पंचायती राज, मानवाधिकार एवं राज्यपाल — राज्य की अन्य संस्थाओं/निकायों से जुड़े हैं, जिनके लिए भिन्न समितियाँ एवं आयोग गठित किए गए।
प्रश्न 43
राजस्थान के राज्य निर्वाचन आयोग के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिये — (i) भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 ट के अधीन जुलाई, 1994 में इसका गठन किया गया। (ii) राज्य निर्वाचन आयुक्त के प्रधानत्व में यह एक–सदस्यीय आयोग है। [RAS प्री 2023]
(A) न तो (i) न ही (ii) सही है।
(B) (i) व (ii) दोनों सही हैं।
(C) केवल (ii) सही है।
(D) केवल (i) सही है।
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — दोनों कथन सत्य हैं। अनुच्छेद 243K (243 ट) के अन्तर्गत राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन जुलाई 1994 में हुआ तथा यह राज्य निर्वाचन आयुक्त के नेतृत्व में एक-सदस्यीय निकाय है, जो पंचायत एवं नगरपालिका चुनावों का संचालन करता है। ध्यान दें कि भारत निर्वाचन आयोग बहु-सदस्यीय है, जबकि राज्य निर्वाचन आयोग एकल-सदस्यीय — यही तुलनात्मक बिन्दु परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है।
प्रश्न 44
अप्रैल, 2023 में राज्य सरकार द्वारा राजस्थान राज्य सूचना आयोग की एक पीठ की स्थापना किस शहर में किया जाना स्वीकृत किया गया है? [RAS प्री 2023]
(A) अजमेर में
(B) कोटा में
(C) जोधपुर में
(D) उदयपुर में
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — अप्रैल 2023 में राजस्थान सरकार ने राजस्थान राज्य सूचना आयोग की एक पीठ जोधपुर में स्थापित करने की स्वीकृति दी, जिससे पश्चिमी राजस्थान के अपीलार्थियों को जयपुर आने की आवश्यकता न रहे। शेष तीनों नगर — अजमेर, कोटा एवं उदयपुर — राज्य के प्रमुख संभागीय केन्द्र हैं, इसीलिए भ्रामक लगते हैं, किन्तु यह पीठ जोधपुर हेतु ही स्वीकृत हुई।
प्रश्न 45
राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए — (i) मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2006 के प्रावधानानुसार आयोग में एक अध्यक्ष एवं चार सदस्य हैं। (ii) वर्तमान में न्यायमूर्ति गोपाल कृष्ण व्यास इसके अध्यक्ष हैं। [RAS प्री 2023]
(A) न तो (i) न ही (ii) सही है।
(B) (i) व (ii) दोनों सही हैं।
(C) केवल (ii) सही है।
(D) केवल (i) सही है।
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — केवल कथन (ii) सत्य है, अर्थात् परीक्षा के समय न्यायमूर्ति गोपाल कृष्ण व्यास राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष थे। कथन (i) अशुद्ध है क्योंकि संशोधित प्रावधानों के अनुसार राज्य आयोग में अध्यक्ष सहित सदस्यों की संख्या चार नहीं होती — यही अंकीय त्रुटि प्रश्न का निर्णायक बिन्दु है। इसी कारण विकल्प 1, 2 एवं 4 अशुद्ध हो जाते हैं।
प्रश्न 46
निम्नलिखित में से किस मुख्यमंत्री ने राजस्थान में अधिकतम बार राष्ट्रपति शासन का सामना किया? [RAS प्री 2024]
(A) हरिदेव जोशी
(B) भैरोंसिंह शेखावत
(C) जयनारायण व्यास
(D) शिवचरण माथुर
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — भैरोंसिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री रहते हुए राजस्थान में सर्वाधिक बार राष्ट्रपति शासन का सामना किया, अर्थात् उनकी सरकारें सर्वाधिक बार अनुच्छेद 356 के अन्तर्गत बर्खास्त हुईं। शेष तीनों — हरिदेव जोशी, जयनारायण व्यास एवं शिवचरण माथुर — भी मुख्यमंत्री रहे, किन्तु उनके कार्यकाल में यह स्थिति उतनी बार नहीं आई। राजस्थान में कुल चार बार राष्ट्रपति शासन लागू हुआ है।
प्रश्न 47
नवम्बर 2024 के अंत तक, राजस्थान की मंत्रिपरिषद् में कितनी महिलाएँ थीं? [RAS प्री 2024]
(A) केवल 1
(B) केवल 2
(C) केवल 3
(D) केवल 5
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — नवम्बर 2024 के अंत तक राजस्थान की मंत्रिपरिषद् में केवल 2 महिलाएँ थीं। शेष विकल्प (1, 3 एवं 5) निकटवर्ती संख्याएँ देकर भ्रम उत्पन्न करते हैं। ऐसे प्रश्न पूर्णतः समयबद्ध होते हैं, अतः इन्हें प्रश्न में दी गई तिथि के सन्दर्भ में ही स्मरण रखें; मंत्रिपरिषद् का संघटन समय-समय पर बदलता रहता है।
प्रश्न 48
राजस्थान विधान सभा में अधीनस्थ विधान संबंधी निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है? [RAS प्री 2024]
(A) अधीनस्थ विधान समिति संविधान के प्रावधान या ऐसे आदेश बनाने के लिए अधीनस्थ प्राधिकारी को शक्ति सौंपने वाले कानून के प्रावधानों के अनुसरण में बनाए गए सभी 'आदेशों' की जाँच करती है।
(B) समिति उन विधेयकों के प्रावधानों की जाँच कर सकती है जो आदेश देने के लिए शक्तियाँ सौंपने की माँग करते हैं।
(C) अध्यक्ष विधायी शक्तियों के प्रत्यायोजन के प्रावधान वाले विधेयकों को समिति को संदर्भित करता है।
(D) यह राजस्थान विधान सभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 240 द्वारा शासित होता है।
व्याख्या: विकल्प 4 सही नहीं है — राजस्थान विधानसभा में अधीनस्थ विधान समिति का संचालन नियम 240 द्वारा नहीं होता; उसके लिए भिन्न नियम निर्धारित है। शेष तीनों कथन सही हैं — समिति सभी 'आदेशों' की जाँच करती है, वह ऐसे विधेयकों के प्रावधानों की भी जाँच कर सकती है जो आदेश-निर्माण की शक्ति सौंपते हैं, तथा अध्यक्ष विधायी शक्तियों के प्रत्यायोजन वाले विधेयक समिति को संदर्भित करते हैं।
प्रश्न 49
राजस्थान के राज्यपाल के संबंध में निम्नांकित में से कौन सा कथन सही नहीं है? [RAS प्री 2024]
(A) राज्य पुनर्गठन आयोग की अनुशंसा के आधार पर राजप्रमुख के पद को समाप्त कर दिया गया।
(B) 7वें संविधान संशोधन से राजप्रमुख का पद समाप्त किया गया।
(C) गुरुमुख निहाल सिंह को 1 नवम्बर 1956 को राजस्थान का पहला राज्यपाल नियुक्त किया गया।
(D) हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने 31 जुलाई 2024 को राजस्थान के राज्यपाल का पदभार संभाला।
व्याख्या: विकल्प 3 सही नहीं है — गुरुमुख निहाल सिंह को राजस्थान का प्रथम राज्यपाल 1 नवम्बर 1956 को नियुक्त किया गया, यह कथन प्रश्न की माँग के अनुसार आयोग की कुंजी में असत्य ठहराया गया है। शेष तीनों कथन सही माने गए — राज्य पुनर्गठन आयोग की अनुशंसा पर राजप्रमुख का पद समाप्त हुआ, 7वें संविधान संशोधन से यह पद हटाया गया तथा हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने 31 जुलाई 2024 को राज्यपाल का पदभार सँभाला।
प्रश्न 50
राजस्थान में जिला आयोजना समिति का अध्यक्ष कौन बनता है? [RAS प्री 2024]
(A) जिला कलक्टर
(B) जिला परिषद् का मुख्य कार्यकारी अधिकारी
(C) संसद सदस्य
(D) जिला प्रमुख
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — राजस्थान में जिला आयोजना समिति का अध्यक्ष जिला प्रमुख होता है, जो जिला परिषद् का निर्वाचित प्रमुख है; यह व्यवस्था स्थानीय स्वशासन की निर्वाचित प्रतिनिधित्व-भावना के अनुरूप है। विकल्प 1 जिला कलक्टर प्रशासनिक अधिकारी हैं, अध्यक्ष नहीं — यही सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है। विकल्प 2 मुख्य कार्यकारी अधिकारी समिति के सचिव की भूमिका में रहते हैं तथा विकल्प 3 सांसद पदेन सदस्य हो सकते हैं।
प्रश्न 51
किस अधिनियम के द्वारा जयपुर विकास प्राधिकरण की स्थापना हुई थी? [RAS प्री 2024]
(A) जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1982
(B) जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1983
(C) जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1984
(D) जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1985
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — जयपुर विकास प्राधिकरण की स्थापना जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1982 द्वारा हुई; इसका उद्देश्य राजधानी क्षेत्र में नियोजित नगरीय विकास सुनिश्चित करना था। शेष विकल्पों में केवल वर्ष बदलकर (1983, 1984, 1985) भ्रम उत्पन्न किया गया है, जिससे प्रश्न पूर्णतः अधिनियम-वर्ष के सटीक स्मरण पर केन्द्रित हो जाता है।
प्रश्न 52
निम्नलिखित में से रियासती राज्यों के किस समूह ने स्वाधीनता से पहले पंचायतों पर विधेयक पारित कर दिया था? [RAS प्री 2024]
(A) अलवर, बाँसवाड़ा, करौली, सिरोही
(B) बाँसवाड़ा, बीकानेर, भरतपुर, बूँदी
(C) जोधपुर, जयपुर, उदयपुर, सिरोही
(D) करौली, बूँदी, अलवर, जैसलमेर
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — जोधपुर, जयपुर, उदयपुर एवं सिरोही — इन रियासतों ने स्वाधीनता से पूर्व ही पंचायतों सम्बन्धी विधेयक पारित कर दिए थे, अर्थात् इन क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन का आरम्भ स्वतंत्रता से पहले हो चुका था। शेष विकल्पों में दी गई रियासतों के समूह में ऐसा नहीं था। यही पृष्ठभूमि आगे चलकर राजस्थान को देश का प्रथम पंचायती राज राज्य बनाने में सहायक बनी।
प्रश्न 53
संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राजस्थान सरकार के अधीन सेवारत व्यक्ति को प्रभावित करने वाले अनुशासनात्मक मामलों पर राजस्थान लोक सेवा आयोग से अनिवार्य परामर्श का प्रावधान है? [RAS प्री 2024]
(A) अनुच्छेद 320(3)
(B) अनुच्छेद 318(1)
(C) अनुच्छेद 322(2)
(D) अनुच्छेद 325(4)
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — अनुच्छेद 320(3) के अन्तर्गत सिविल सेवा से सम्बन्धित अनुशासनात्मक मामलों में राज्य लोक सेवा आयोग से परामर्श करना अनिवार्य है; यही प्रावधान RPSC को अनुशासनिक प्रकरणों में सलाहकार भूमिका देता है। विकल्प 2 अनुच्छेद 318 आयोग के सदस्यों की सेवा-शर्तों से सम्बन्धित है। विकल्प 3 व 4 में दिए गए अनुच्छेद-उपखण्ड इस विषय से सम्बद्ध नहीं हैं।
प्रश्न 54
निम्नलिखित में से किस दिनांक को प्रमिल कुमार माथुर ने राजस्थान उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल का कार्यभार संभाला? [RAS प्री 2024]
(A) 20 फरवरी 2024
(B) 20 मार्च 2024
(C) 20 अप्रैल 2024
(D) 20 मई 2024
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — प्रमिल कुमार माथुर ने 20 अप्रैल 2024 को राजस्थान उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल का कार्यभार सँभाला। शेष विकल्पों में केवल माह बदलकर (फरवरी, मार्च, मई) वही तिथि (20) दोहराई गई है, जिससे प्रश्न पूर्णतः माह के सटीक स्मरण पर केन्द्रित हो जाता है। ऐसे नियुक्ति-सम्बन्धी प्रश्न समयबद्ध होते हैं, अतः परीक्षा-वर्ष के सन्दर्भ में ही स्मरण रखें।
प्रश्न 55
राजस्थान लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 की धारा 7 के तहत, लोकायुक्त को कुछ मामलों में मंत्रियों और लोक सेवकों के खिलाफ आरोपों की जाँच करने का अधिकार है। निम्नलिखित में से कौन सा विषय उन जाँचों का हिस्सा नहीं है? [RAS प्री 2024]
(A) लोक सेवकों द्वारा पहुँचाई गई अकारण हानि या पीड़ा।
(B) अपने या किसी अन्य व्यक्ति के लिए अवैध लाभ प्राप्त करने के लिए एक लोक सेवक के रूप में अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग करना।
(C) महिलाओं का यौन उत्पीड़न, जातिगत भेदभाव और बच्चों के खिलाफ हिंसा।
(D) लोक सेवक की हैसियत से भ्रष्टाचार का दोषी होने या पारदर्शिता की कमी से संबंधित हो सकता है।
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — महिलाओं का यौन उत्पीड़न, जातिगत भेदभाव एवं बच्चों के विरुद्ध हिंसा राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम 1973 की धारा 7 के अन्तर्गत जाँच के विषय नहीं हैं; इनके लिए पृथक् विधियाँ एवं आयोग हैं। शेष तीनों विषय — लोक सेवकों द्वारा अकारण हानि/पीड़ा, पदीय स्थिति का दुरुपयोग कर अवैध लाभ तथा भ्रष्टाचार एवं पारदर्शिता की कमी — लोकायुक्त के क्षेत्राधिकार में आते हैं।
प्रश्न 56
सामान्य वर्ग के उम्मीदवार के लिए महापौर का चुनाव लड़ने हेतु अमानत राशि कितनी है? [RAS प्री 2024]
(A) ₹ 10,000
(B) ₹ 20,000
(C) ₹ 30,000
(D) ₹ 40,000
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — सामान्य वर्ग के उम्मीदवार हेतु महापौर का चुनाव लड़ने के लिए अमानत राशि ₹30,000 निर्धारित है; आरक्षित वर्गों के लिए यह राशि कम रखी जाती है। शेष विकल्प (₹10,000, ₹20,000 एवं ₹40,000) नगर निकायों के अन्य पदों की अमानत राशियों अथवा निकटवर्ती अंकों से भ्रम उत्पन्न करते हैं — पद एवं वर्ग दोनों का मिलान यहाँ आवश्यक है।
प्रश्न 57
राज्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा एक समिति की सिफारिश पर की जाती है। निम्नलिखित में से कौन इस समिति का सदस्य नहीं होता है? [RAS प्री 2024]
(A) मुख्यमंत्री
(B) राज्य विधान सभा में विपक्ष का नेता
(C) मुख्यमंत्री द्वारा मनोनीत केबिनेट मंत्री
(D) उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश राज्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति हेतु गठित समिति का सदस्य नहीं होता। इस त्रि-सदस्यीय समिति में मुख्यमंत्री (अध्यक्ष), विधानसभा में विपक्ष के नेता तथा मुख्यमंत्री द्वारा मनोनीत एक कैबिनेट मंत्री सम्मिलित होते हैं। ध्यान दें कि यही त्रिस्तरीय संरचना केन्द्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता एवं मनोनीत मंत्री के रूप में लागू होती है।
प्रश्न 58
राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग के निम्नलिखित अध्यक्षों में से किन्होंने पाँच वर्ष की पदावधि पूरी की? [RAS प्री 2024]
(A) न्यायमूर्ति श्रीमती कांता भटनागर
(B) न्यायमूर्ति एन.के. जैन
(C) न्यायमूर्ति एस. सगीर अहमद
(D) न्यायमूर्ति प्रकाश टाटिया
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — न्यायमूर्ति एन.के. जैन ने राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के रूप में पूरी पाँच वर्ष की पदावधि पूर्ण की। शेष तीनों — न्यायमूर्ति कांता भटनागर, एस. सगीर अहमद एवं प्रकाश टाटिया — भी आयोग के अध्यक्ष रहे, किन्तु उनका कार्यकाल पूरे पाँच वर्ष का नहीं रहा। न्यायमूर्ति कांता भटनागर आयोग की प्रथम अध्यक्ष थीं — यही तथ्य विकल्प 1 को भ्रामक बनाता है।
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