1. राजस्थान इतिहास, कला-संस्कृति PYQ — RAS Pre 2016-2024 (76 प्रश्न)
नीचे पूरा प्रश्न पत्र पढ़ें — हर प्रश्न के साथ सही उत्तर हरे रंग में और व्याख्या साथ में। Timed practice करना चाहें तो इसी paper का quiz attempt करें।
प्रश्न 1
प्राचीन नगर जो महाभारत और महाभाष्य दोनों में उल्लेखित है [RAS प्री 2016]
(A) विराटनगर (बैराठ)
(B) मध्यमिका (नगरी)
(C) रैढ़
(D) कर्कोट
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — मध्यमिका (नगरी, चित्तौड़गढ़) का उल्लेख महाभारत तथा पतंजलि के महाभाष्य दोनों में मिलता है; यह शिवि जनपद की राजधानी थी। विकल्प 1 विराटनगर (बैराठ) मत्स्य जनपद की राजधानी एवं अशोककालीन बौद्ध केन्द्र है। विकल्प 3 रैढ़ (टोंक) मालव सिक्कों एवं लौह सामग्री के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प 4 कर्कोट का इन ग्रन्थों में ऐसा संयुक्त उल्लेख नहीं मिलता।
प्रश्न 2
अभिलेख, जो प्राचीन राजस्थान में भागवत सम्प्रदाय के प्रभाव की पुष्टि करता है [RAS प्री 2016]
(A) घटियाला अभिलेख
(B) हेलियोदोरस का बेसनगर अभिलेख
(C) बुचकला अभिलेख
(D) घोसुण्डी अभिलेख
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — घोसुण्डी अभिलेख (चित्तौड़गढ़) संकर्षण एवं वासुदेव की पूजा तथा नारायण वाटिका का उल्लेख कर भागवत सम्प्रदाय के प्राचीन राजस्थान में प्रभाव की पुष्टि करता है। विकल्प 2 हेलियोदोरस का बेसनगर अभिलेख भी भागवत धर्म का साक्ष्य है, किन्तु वह विदिशा (मध्य प्रदेश) का है, राजस्थान का नहीं — यही निर्णायक बिन्दु है। विकल्प 1 घटियाला एवं विकल्प 3 बुचकला अभिलेख प्रतिहारकालीन हैं।
प्रश्न 3
राजस्थान के निम्नलिखित मंदिरों में से गुर्जर-प्रतिहार काल में निर्मित मंदिरों को चुनिए - (i) आहड़ का आदिवराह मंदिर (ii) आभानेरी का हर्षतमाता मंदिर (iii) राजोरगढ़ का नीलकंठ मंदिर (iv) ओसियाँ का हरिहर मंदिर [RAS प्री 2016]
(A) (i) और (iv)
(B) (i), (ii) और (iv)
(C) (ii) और (iv)
(D) (i), (ii), (iii) और (iv)
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — चारों मंदिर गुर्जर-प्रतिहार कालीन स्थापत्य के उदाहरण हैं: आहड़ का आदिवराह मंदिर, आभानेरी (दौसा) का हर्षतमाता मंदिर, राजोरगढ़ (अलवर) का नीलकंठ मंदिर तथा ओसियाँ (जोधपुर) का हरिहर मंदिर। शेष तीनों विकल्प इनमें से एक या अधिक को छोड़ देने के कारण अधूरे रह जाते हैं; ओसियाँ प्रतिहार स्थापत्य का सर्वाधिक प्रसिद्ध केन्द्र है।
प्रश्न 4
निम्नलिखित में से कौन सा विद्वान कुम्भा के दरबार में नहीं था [RAS प्री 2016]
(A) टिल्ला भट्ट
(B) मुनि सुन्दर सूरी
(C) मुनि जिन विजय सूरी
(D) नाथा
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — मुनि जिन विजय सूरी महाराणा कुम्भा के दरबार से सम्बद्ध नहीं थे। विकल्प 1 टिल्ला भट्ट, विकल्प 2 मुनि सुन्दर सूरी तथा विकल्प 4 नाथा (शिल्पी) कुम्भा के दरबार से जुड़े रहे; मुनि सुन्दर सूरी को कुम्भा ने सम्मानित किया था तथा नाथा कीर्तिस्तम्भ के निर्माण से सम्बन्धित शिल्पी थे।
प्रश्न 5
निम्नलिखित में से राजस्थान के किस क्षेत्र से अलीबक्षी ख्याल सम्बद्ध है [RAS प्री 2016]
(A) करौली
(B) चिड़ावा
(C) अलवर
(D) चित्तौड़
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — अलीबक्षी ख्याल का सम्बन्ध अलवर क्षेत्र से है, जिसके प्रवर्तक अली बक्श थे। विकल्प 1 करौली से हाथरस ख्याल, विकल्प 2 चिड़ावा (झुंझुनूँ) से चिड़ावा ख्याल तथा विकल्प 4 चित्तौड़ से अन्य लोकनाट्य परम्पराएँ जुड़ी हैं। ख्याल राजस्थान का प्रमुख लोकनाट्य रूप है, जिसकी कई क्षेत्रीय शैलियाँ हैं।
प्रश्न 6
राजस्थान का शंकरिया नृत्य किससे संबंधित है [RAS प्री 2016]
(A) कालबेलिया
(B) भील
(C) सहरिया
(D) तेरहताली
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — शंकरिया कालबेलिया जनजाति का प्रसिद्ध युगल नृत्य है, जो प्रेम-कथा पर आधारित होता है। विकल्प 2 भीलों के प्रमुख नृत्य गैर, गवरी एवं घूमरा हैं। विकल्प 3 सहरिया जनजाति का शिकारी नृत्य प्रसिद्ध है। विकल्प 4 तेरहताली स्वयं एक नृत्य है (कामड़ जाति द्वारा, रामदेवजी की भक्ति में), जाति नहीं — यही तार्किक विसंगति उसे निरस्त कर देती है।
प्रश्न 7
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सुमेलित है (नाम - ग्रंथ) [RAS प्री 2016]
(A) पुंडरीक विट्ठल - रागमाला
(B) पंडित भावभट्ट - संगीतराज
(C) कुम्भा - राग कल्पद्रुम
(D) उस्ताद चाँद खान - राग चंद्रिका
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — पुंडरीक विट्ठल 'रागमाला' के रचयिता थे। शेष तीनों युग्म परस्पर उलझे हुए हैं — 'संगीतराज' महाराणा कुम्भा की कृति है, पंडित भावभट्ट की नहीं; 'राग कल्पद्रुम' कुम्भा की रचना नहीं है; तथा 'राग चंद्रिका' का सम्बन्ध उस्ताद चाँद खान से नहीं है। इसी कारण विकल्प 2, 3 एवं 4 अशुद्ध हैं।
प्रश्न 8
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म गलत सुमेलित है (कृषक आंदोलन - नेता) [RAS प्री 2016]
(A) बेगूं - रामनारायण चौधरी
(B) बूंदी - नयनूराम शर्मा
(C) बिजोलिया - विजय सिंह पथिक
(D) बीकानेर - नरोत्तम लाल जोशी
व्याख्या: विकल्प 4 अभीष्ट (गलत सुमेलित) युग्म है — बीकानेर के किसान आन्दोलन का नेतृत्व नरोत्तम लाल जोशी से नहीं जोड़ा जाता। शेष तीनों युग्म सही हैं — बेगूं किसान आन्दोलन का नेतृत्व रामनारायण चौधरी ने, बूंदी का नयनूराम शर्मा ने तथा बिजोलिया का विजय सिंह पथिक ने किया। बिजोलिया राजस्थान का सर्वाधिक दीर्घकालीन किसान आन्दोलन रहा।
प्रश्न 9
राजस्थान के इतिहास में पट्टा रेख से क्या अभिप्राय है [RAS प्री 2016]
(A) आकलित राजस्व
(B) सैन्य कर
(C) आयात-निर्यात कर
(D) बेगार
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — 'पट्टा रेख' से अभिप्राय पट्टे में अंकित आकलित राजस्व से है, अर्थात् वह अनुमानित आय जिसके आधार पर ठिकानेदार से माँग निर्धारित होती थी। विकल्प 2 सैन्य कर हेतु पृथक् शब्दावली (चाकरी/रेख) प्रयुक्त होती थी। विकल्प 3 आयात-निर्यात कर 'सायर' कहलाता था तथा विकल्प 4 बेगार 'लाग-बाग' श्रेणी में आती थी।
प्रश्न 10
शेखावटी ब्रिगेड का मुख्यालय कहाँ स्थित था [RAS प्री 2016]
(A) सीकर
(B) झुंझुनूं
(C) खेतड़ी
(D) फतेहपुर
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — शेखावटी ब्रिगेड का मुख्यालय झुंझुनूँ में स्थित था; इसका गठन 1835 ई. में शेखावाटी क्षेत्र में शान्ति-व्यवस्था बनाए रखने हेतु हुआ था। विकल्प 1 सीकर, विकल्प 3 खेतड़ी एवं विकल्प 4 फतेहपुर भी शेखावाटी अंचल के प्रमुख ठिकाने हैं, इसीलिए वे भ्रामक लगते हैं, किन्तु ब्रिगेड का मुख्यालय झुंझुनूँ ही रहा।
प्रश्न 11
स्वतंत्रतापूर्व राजस्थान का निम्नलिखित में से कौन सा समाचार-पत्र आर्य समाजी विचारधारा का संवर्धक नहीं था [RAS प्री 2016]
(A) देश हितेषी
(B) जनहितकारक
(C) परोपकारक
(D) राजपूताना गजट
व्याख्या: विकल्प 4 सही उत्तर है — 'राजपूताना गजट' आर्य समाजी विचारधारा का संवर्धक नहीं था। शेष तीनों — देश हितेषी, जनहितकारक एवं परोपकारक — आर्य समाजी विचारों के प्रसार से जुड़े पत्र रहे। ध्यान रखें कि स्वतंत्रता-पूर्व राजस्थान के पत्रों को उनकी वैचारिक पृष्ठभूमि (आर्य समाजी, राष्ट्रवादी अथवा राजभक्त) के आधार पर वर्गीकृत करने का अभ्यास ऐसे प्रश्नों में सहायक होता है।
प्रश्न 12
राजस्थान के कौन से क्षेत्र में चैत्र-शुक्ल पंचमी को गुलाबी गणगौर मनायी जाती है [RAS प्री 2016]
(A) नाथद्वारा
(B) उदयपुर
(C) बूंदी
(D) जोधपुर
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — नाथद्वारा (राजसमन्द) में चैत्र शुक्ल पंचमी को गुलाबी गणगौर मनाई जाती है, जो श्रीनाथजी की परम्परा से जुड़ी विशिष्ट स्थानीय गणगौर है। विकल्प 2 उदयपुर में धिंधोल गणगौर एवं गणगौर घाट की सवारी प्रसिद्ध है, विकल्प 3 बूंदी में सामान्य गणगौर तथा विकल्प 4 जोधपुर में भी पारम्परिक गणगौर मनाई जाती है — किन्तु 'गुलाबी' विशेषण केवल नाथद्वारा से जुड़ा है।
प्रश्न 13
सुमेलित कीजिये - संस्था (A. राजस्थान सेवा संघ B. देश हितेषी सभा C. अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद् D. चैंबर ऑफ प्रिन्सेज) - स्थापना वर्ष (1. 1921 2. 1927 3. 1877 4. 1919) [RAS प्री 2016]
(A) A-4, B-3, C-2, D-1
(B) A-2, B-4, C-1, D-3
(C) A-1, B-2, C-4, D-3
(D) A-4, B-2, C-3, D-1
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — राजस्थान सेवा संघ की स्थापना 1919 (4), देश हितेषिणी सभा की 1877 (3), अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद् की 1927 (2) तथा चैंबर ऑफ प्रिन्सेज की 1921 (1) में हुई, अर्थात् A-4, B-3, C-2, D-1। शेष विकल्पों में देश हितेषिणी सभा (1877, सबसे प्राचीन) का वर्ष गलत बैठ रहा है — सबसे पुरानी संस्था की पहचान ही यहाँ सबसे तेज़ जाँच-विधि है।
प्रश्न 14
निम्नलिखित में से सर्वप्रथम किसने राजस्थान के राजसी शासक वर्ग के लिये पृथक् शिक्षा संस्थान की आवश्यकता पर बल दिया था [RAS प्री 2016]
(A) कर्नल लोच
(B) लॉर्ड लैंसडाउन
(C) कैप्टन वाल्टर
(D) लॉर्ड मेयो
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — कैप्टन वाल्टर ने सर्वप्रथम राजस्थान के राजसी शासक वर्ग हेतु पृथक् शिक्षा संस्थान की आवश्यकता पर बल दिया, जिसके फलस्वरूप मेयो कॉलेज (अजमेर) की स्थापना हुई। विकल्प 4 लॉर्ड मेयो के नाम पर ही यह महाविद्यालय बना, इसीलिए वे सर्वाधिक भ्रामक विकल्प हैं — किन्तु 'सर्वप्रथम बल देने' का श्रेय वाल्टर को जाता है। विकल्प 1 व 2 का इस प्रस्ताव से सम्बन्ध नहीं।
प्रश्न 15
राजस्थानी साहित्य की एक प्रारंभिक रचना हंसावली रचित है [RAS प्री 2016]
(A) हेमचन्द्र द्वारा
(B) असाईत द्वारा
(C) श्रीधर व्यास द्वारा
(D) ईसरदास द्वारा
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — राजस्थानी/पश्चिमी भारतीय साहित्य की प्रारम्भिक रचना 'हंसावली' के रचयिता असाईत हैं। विकल्प 1 हेमचन्द्र 'सिद्धहेम शब्दानुशासन' के लिए, विकल्प 3 श्रीधर व्यास 'रणमल छन्द' के लिए तथा विकल्प 4 ईसरदास 'हरिरस' के लिए प्रसिद्ध हैं — चारों नाम राजस्थानी-गुजराती साहित्य परम्परा के होने से यह प्रश्न विशेष सावधानी माँगता है।
प्रश्न 16
निम्नलिखित में से किस स्थल से शासक मिनेण्डर के सोलह सिक्के प्राप्त हुए हैं [RAS प्री 2018]
(A) बैराठ
(B) नगरी
(C) रैढ़
(D) नगर
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — बैराठ (विराटनगर, जयपुर) से इंडो-ग्रीक शासक मिनेण्डर के सोलह चाँदी के सिक्के प्राप्त हुए हैं, जो राजस्थान के यवन-सम्पर्क का महत्त्वपूर्ण साक्ष्य हैं। विकल्प 2 नगरी (मध्यमिका) शिवि जनपद के सिक्कों के लिए, विकल्प 3 रैढ़ मालव सिक्कों एवं लौह सामग्री के लिए तथा विकल्प 4 नगर (नैनवाँ) भी मालव मुद्राओं के लिए प्रसिद्ध है — चारों पुरास्थल होने से यह प्रश्न सावधानी माँगता है।
प्रश्न 17
निम्नलिखित में से कौन सा शासक गुर्जर-प्रतिहार राजवंश से संबंधित नहीं है [RAS प्री 2018]
(A) नागभट्ट-II
(B) महेन्द्रपाल-I
(C) देवपाल
(D) भरत्रभट्ट-I
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — भरत्रभट्ट (भर्तृभट्ट) प्रथम गुर्जर-प्रतिहार वंश से सम्बन्धित नहीं माने जाते। विकल्प 1 नागभट्ट द्वितीय एवं विकल्प 2 महेन्द्रपाल प्रथम प्रतिहार वंश के प्रतापी शासक थे। विकल्प 3 देवपाल नाम पाल वंश के प्रसिद्ध शासक का भी है, इसीलिए वह भ्रामक लग सकता है, किन्तु प्रतिहार वंश में भी यह नाम मिलता है — आयोग की कुंजी के अनुसार अपवाद विकल्प 4 ही है।
प्रश्न 18
राजस्थान के पूर्व मध्यकालीन राज्यों में नैमित्तिक पदनाम का प्रयोग किया जाता था [RAS प्री 2018]
(A) राजकीय कवि के लिए
(B) लोक स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख के लिए
(C) राजकीय ज्योतिष के लिए
(D) मुख्य न्यायिक अधिकारी के लिए
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — राजस्थान के पूर्व मध्यकालीन राज्यों में 'नैमित्तिक' पदनाम राजकीय ज्योतिषी के लिए प्रयुक्त होता था, जो शुभ मुहूर्त एवं शकुन बताने का कार्य करता था। विकल्प 1 राजकीय कवि हेतु 'कविराज', विकल्प 4 मुख्य न्यायिक अधिकारी हेतु 'न्यायाधीश/धर्माधिकारी' तथा विकल्प 2 के लिए पृथक् पदनाम प्रचलित थे। शब्द-व्युत्पत्ति (निमित्त = शकुन) ही यहाँ निर्णायक संकेत है।
प्रश्न 19
क्रांतिकारी, जिसे महन्त प्यारेलाल हत्याकांड में सजा मिली थी [RAS प्री 2018]
(A) जोरावरसिंह
(B) श्यामजी कृष्ण वर्मा
(C) केसरीसिंह बारहठ
(D) विजयसिंह पथिक
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — केसरीसिंह बारहठ को महन्त प्यारेलाल हत्याकांड में सजा मिली थी। विकल्प 1 जोरावरसिंह बारहठ उन्हीं के छोटे भाई थे और दिल्ली बम कांड (1912) से जुड़े रहे। विकल्प 2 श्यामजी कृष्ण वर्मा इंडिया हाउस, लंदन के संस्थापक थे तथा विकल्प 4 विजयसिंह पथिक बिजोलिया किसान आन्दोलन के नेता रहे — चारों राजस्थान के क्रांतिकारी होने से नाम-मिलान ही निर्णायक है।
प्रश्न 20
निम्नलिखित में से किसने राजपूताना की देशी रियासतों के साथ 1817-18 की अधीनस्थ संधि की बातचीत की थी [RAS प्री 2018]
(A) डेविड ऑक्टरलोनी
(B) चार्ल्स मैटकॉफ
(C) आर्थर वेलेजली
(D) जॉन जॉर्ज
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — चार्ल्स मैटकॉफ ने 1817-18 में राजपूताना की देशी रियासतों के साथ अधीनस्थ पार्थक्य (सब्सिडियरी अलायंस) की सन्धियों की वार्ता की। विकल्प 1 डेविड ऑक्टरलोनी भी इस काल में सक्रिय रहे, इसीलिए वे सर्वाधिक भ्रामक विकल्प हैं। विकल्प 3 आर्थर वेलेजली मराठा युद्धों से तथा विकल्प 4 जॉन जॉर्ज का इन सन्धियों से सम्बन्ध नहीं। ये सन्धियाँ लॉर्ड हेस्टिंग्ज की नीति के अन्तर्गत हुईं।
प्रश्न 21
देशी रियासत, जो 25 मार्च, 1948 को गठित संयुक्त राजस्थान का हिस्सा नहीं थी [RAS प्री 2018]
(A) बूँदी
(B) प्रतापगढ़
(C) उदयपुर
(D) शाहपुरा
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — 25 मार्च 1948 को गठित 'संयुक्त राजस्थान' में बूँदी, प्रतापगढ़, शाहपुरा, कोटा, झालावाड़, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, टोंक एवं किशनगढ़ सम्मिलित थे; उदयपुर (मेवाड़) इसका भाग नहीं था। मेवाड़ 18 अप्रैल 1948 को इसमें मिला, जिसके बाद इसे 'संयुक्त राजस्थान' कहा गया और भूपाल सिंह महाराजप्रमुख बने — यही तिथि-क्रम प्रश्न का निर्णायक बिन्दु है।
प्रश्न 22
त्याग भूमि के संपादक कौन थे [RAS प्री 2018]
(A) हरिभाऊ उपाध्याय
(B) जयनारायण व्यास
(C) देवी दत्त त्रिपाठी
(D) ऋषि दत्त मेहता
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — 'त्याग भूमि' पत्रिका के सम्पादक हरिभाऊ उपाध्याय थे, जो अजमेर से प्रकाशित होती थी और राष्ट्रीय चेतना के प्रसार में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती थी। विकल्प 2 जयनारायण व्यास 'तरुण राजस्थान' एवं 'अखण्ड भारत' से, विकल्प 3 देवी दत्त त्रिपाठी तथा विकल्प 4 ऋषि दत्त मेहता अन्य पत्रों से जुड़े रहे — राजस्थान के पत्र-सम्पादक युग्म परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं।
प्रश्न 23
सुमेलित कीजिए (मंदिर - जिला) - i. कामेश्वर महादेव ii. शीतलेश्वर iii. पीपला माता iv. नीलकंठ / a. अलवर b. जोधपुर c. झालावाड़ d. पाली [RAS प्री 2018]
(A) i-a, ii-c, iii-d, iv-b
(B) i-d, ii-c, iii-b, iv-a
(C) i-d, ii-b, iii-c, iv-a
(D) i-a, ii-b, iii-c, iv-d
व्याख्या: सही सुमेलन — कामेश्वर महादेव पाली (d), शीतलेश्वर झालावाड़ (c), पीपला माता जोधपुर (b) तथा नीलकंठ अलवर (a)। यह क्रम विकल्प 2 में है। सबसे सरल जाँच नीलकंठ मन्दिर से होती है, जो राजोरगढ़ (अलवर) में स्थित प्रसिद्ध प्रतिहारकालीन मन्दिर है — इसे पहचानते ही विकल्प 1 व 4 तत्काल निरस्त हो जाते हैं। झालावाड़ का शीतलेश्वर (झालरापाटन) राजस्थान का तिथियुक्त प्राचीनतम मन्दिर माना जाता है।
प्रश्न 24
चितौड़गढ़ किले के निम्नलिखित मंदिरों में से कौन सा एक जैन मंदिर है [RAS प्री 2018]
(A) कुंभश्याम मंदिर
(B) सातवीश देवरी
(C) समिद्धेश्वर मंदिर
(D) तुलजा भवानी मंदिर
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित 'सातवीश देवरी' जैन मन्दिर समूह है, जिसमें अनेक जैन देवालय बने हैं। शेष तीनों हिन्दू मन्दिर हैं — कुंभश्याम मन्दिर वैष्णव, समिद्धेश्वर मन्दिर शैव तथा तुलजा भवानी मन्दिर शाक्त परम्परा का है। चित्तौड़गढ़ दुर्ग में कीर्तिस्तम्भ (जैन) एवं विजयस्तम्भ (हिन्दू) दोनों परम्पराओं के स्मारक साथ-साथ मिलते हैं।
प्रश्न 25
निम्नलिखित में से कौन सा चित्रकार अलवर शैली की चित्रकला से संबंधित नहीं है [RAS प्री 2018]
(A) जमनादास
(B) बकसाराम
(C) नानकराम
(D) नंदराम
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — नानकराम अलवर शैली के चित्रकार नहीं माने जाते। विकल्प 1 जमनादास, विकल्प 2 बकसाराम तथा विकल्प 4 नंदराम अलवर शैली से जुड़े चित्रकार रहे; इस शैली के अन्य प्रमुख नाम डालूराम, बलदेव एवं सालिगराम हैं। अलवर शैली जयपुर शैली की उपशैली के रूप में विकसित हुई और महाराजा विनयसिंह का काल इसका स्वर्णकाल रहा।
प्रश्न 26
निम्नलिखित में से कौन सा सुमेलित नहीं है (रचना - लेखक) [RAS प्री 2018]
(A) बोल भारमली - यादवेन्द्र शर्मा
(B) पागी - चंद्रप्रकाश देवल
(C) कोडमदे - मेघराज मुकुल
(D) पगफेरो - मणि मधुकर
व्याख्या: विकल्प 1 अभीष्ट (असुमेलित) युग्म है — 'बोल भारमली' के लेखक यादवेन्द्र शर्मा 'चन्द्र' नहीं माने गए; आयोग की कुंजी के अनुसार यही युग्म गलत है। शेष तीनों युग्म सही हैं — 'पागी' चंद्रप्रकाश देवल की, 'कोडमदे' मेघराज मुकुल की तथा 'पगफेरो' मणि मधुकर की कृति है। ये सभी आधुनिक राजस्थानी साहित्य की महत्त्वपूर्ण रचनाएँ हैं।
प्रश्न 27
गवरी देवी जिस गायन शैली से संबद्ध थी [RAS प्री 2018]
(A) लंगा
(B) मांड
(C) तालबंदी
(D) ठुमरी
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — गवरी देवी मांड गायन शैली की प्रसिद्ध गायिका थीं; बीकानेर से सम्बद्ध इस गायिका को मांड की महारानी कहा जाता है। विकल्प 1 लंगा एक गायक जाति है, शैली नहीं। विकल्प 3 तालबंदी एवं विकल्प 4 ठुमरी भिन्न गायन परम्पराएँ हैं। मांड राजस्थान की शास्त्रीय-लोक गायन शैली है, जिसकी अन्य प्रसिद्ध गायिकाएँ अल्लाह जिलाई बाई एवं माँगी बाई रहीं।
प्रश्न 28
नारी संत दयाबाई शिष्या थी [RAS प्री 2018]
(A) संत चरणदास की
(B) संत निम्बार्काचार्य की
(C) संत रैदास की
(D) संत रामचरण की
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — नारी सन्त दयाबाई सन्त चरणदास की शिष्या थीं; सहजोबाई भी उन्हीं की शिष्या थीं। विकल्प 2 निम्बार्काचार्य द्वैताद्वैत सम्प्रदाय के प्रवर्तक, विकल्प 3 सन्त रैदास (रविदास) निर्गुण भक्ति के सन्त तथा विकल्प 4 सन्त रामचरण रामस्नेही सम्प्रदाय (शाहपुरा) के प्रवर्तक थे। चरणदास सम्प्रदाय का केन्द्र डेहरा (अलवर) क्षेत्र से जुड़ा है।
प्रश्न 29
गरासिया जनजाति से संबंधित नृत्य शैली है [RAS प्री 2018]
(A) गवरी
(B) लूर
(C) बम
(D) तेरहताली
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — 'लूर' नृत्य गरासिया जनजाति की स्त्रियों द्वारा किया जाता है, जो प्रायः वर की खोज के प्रसंग से जुड़ा माना जाता है। विकल्प 1 गवरी भील जनजाति का प्रसिद्ध नृत्य-नाट्य है। विकल्प 3 'बम' नृत्य भरतपुर-अलवर क्षेत्र का होली नृत्य है। विकल्प 4 तेरहताली कामड़ जाति द्वारा रामदेवजी की भक्ति में किया जाने वाला नृत्य है — जनजाति एवं नृत्य का मिलान ही निर्णायक है।
प्रश्न 30
विजयदान देथा के बारे में अधोलिखित कथनों पर विचार कीजिए - (A) विजयदान देथा राजस्थान के प्रसिद्ध लेखक थे, जिनकी कहानी चरणदास चोर नामक नाटक के रूप में रूपान्तरित की गयी (B) विजयदान देथा रूपायण संस्थान के सह-संस्थापक थे [RAS प्री 2018]
(A) केवल (A) सत्य है
(B) केवल (B) सत्य है
(C) न तो (A) ना ही (B) सत्य है
(D) दोनों (A) और (B) सत्य हैं
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — दोनों कथन सत्य हैं। विजयदान देथा 'बिज्जी' राजस्थानी के प्रख्यात कथाकार थे, जिनकी कहानी पर आधारित नाटक 'चरणदास चोर' हबीब तनवीर द्वारा प्रसिद्ध हुआ; साथ ही वे कोमल कोठारी के साथ बोरुन्दा (जोधपुर) स्थित रूपायन संस्थान के सह-संस्थापक थे। इसी कारण विकल्प 1, 2 एवं 3 किसी एक सत्य कथन को नकारने से अशुद्ध हैं।
प्रश्न 31
रूमा देवी के बारे में निम्न में से कौनसा कथन सही नहीं है? [RAS प्री 2021]
(A) उन्हें हस्तशिल्प के क्षेत्र में जाना जाता है।
(B) वे जसरापुर (खेतड़ी) गाँव में पली–बढ़ी।
(C) उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा 2018 में 'नारी शक्ति पुरस्कार' से सम्मानित किया गया।
(D) उन्होंने हजारों महिलाओं को रोजगार बढ़ावा देने में अहम भागीदारी निभाई।
व्याख्या: प्रश्न 'सही नहीं है' पूछता है, अतः असत्य कथन चुनना है। विकल्प 2 अभीष्ट उत्तर है — रूमा देवी बाड़मेर जिले से हैं, खेतड़ी (झुंझुनूँ) से नहीं; यही एकमात्र भौगोलिक रूप से गलत कथन है। विकल्प 1 सत्य है — वे हस्तशिल्प (कशीदाकारी) के क्षेत्र की जानी-मानी हस्ती हैं। विकल्प 3 सत्य है — उन्हें वर्ष 2018 का नारी शक्ति पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया गया। विकल्प 4 सत्य है — 'ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान' के माध्यम से उन्होंने हजारों ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ा।
प्रश्न 32
बखनाजी, संतदास जी, जगन्नाथ दास और माधोदास नामक संतों का संबंध निम्नलिखित में से किस सम्प्रदाय के साथ था? [RAS प्री 2021]
(A) दादू पंथ
(B) लालदासी सम्प्रदाय
(C) जसनाथी सम्प्रदाय
(D) रामस्नेही सम्प्रदाय
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — ये चारों संत दादूदयाल के प्रमुख शिष्य थे और दादू पंथ की '52 शाखाओं (बावन स्तम्भ)' परम्परा से जुड़े थे। विकल्प 2 लालदासी सम्प्रदाय के प्रवर्तक संत लालदास थे, जिनका कार्यक्षेत्र मेवात रहा। विकल्प 3 जसनाथी सम्प्रदाय के प्रवर्तक जसनाथजी थे, जिनका केन्द्र कतरियासर (बीकानेर) है और यह अग्नि नृत्य के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प 4 रामस्नेही सम्प्रदाय की चार प्रमुख शाखाएँ — शाहपुरा, सिंहथल, रैण एवं खेड़ापा — हैं, जिनका इन नामों से सम्बन्ध नहीं।
प्रश्न 33
सूची–I (त्यौहार) एवं सूची–II (उत्सव की तिथि/माह) को सुमेलित कीजिए — (A) बूंदी की कजली तीज (B) होली (C) पर्युषण पर्व (D) गणगौर; (i) भाद्रपद कृष्ण तृतीया (ii) फाल्गुन पूर्णिमा (iii) भाद्रपद माह (iv) चैत्र माह [RAS प्री 2021]
(A) A-(i), B-(ii), C-(iv), D-(iii)
(B) A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv)
(C) A-(iii), B-(iv), C-(i), D-(ii)
(D) A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i)
व्याख्या: सही सुमेलन — बूंदी की कजली तीज भाद्रपद कृष्ण तृतीया (i) को, होली फाल्गुन पूर्णिमा (ii) को, जैन पर्युषण पर्व भाद्रपद माह (iii) में तथा गणगौर चैत्र माह (iv) में मनाई जाती है। यह क्रम विकल्प 2 में है। विकल्प 1 में केवल C व D आपस में बदल गए हैं — यही सबसे भ्रामक विकल्प है। विकल्प 3 व 4 में A व B दोनों ही गलत बैठ रहे हैं, अतः वे प्रथम दृष्टि में ही निरस्त हो जाते हैं। स्मरणीय: जयपुर की तीज श्रावण शुक्ल तृतीया को होती है, जबकि बूंदी की कजली तीज उसके ठीक पन्द्रह दिन बाद पड़ती है।
प्रश्न 34
राजस्थान के रीति–रिवाजों में 'आंणौ' क्या है? [RAS प्री 2021]
(A) कुँआ पूजन
(B) दुल्हन के परिवार द्वारा वर की बारात का डेरा देखने जाना
(C) विवाह के पश्चात् दुल्हन को दूसरी बार ससुराल भेजना
(D) जलझूलनी की एकादशी पूजा
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — 'आंणौ/आणा' वह रस्म है जिसमें विवाह के बाद वधू को दूसरी बार ससुराल भेजा जाता है (गौना)। विकल्प 1 कुँआ पूजन विवाह के बाद की एक भिन्न रस्म है, जिसमें नववधू कुएँ की पूजा करती है। विकल्प 2 जिस रस्म का वर्णन कर रहा है वह 'डेरा/जनवासा देखना' है, आंणौ नहीं। विकल्प 4 जलझूलनी एकादशी भाद्रपद शुक्ल एकादशी का पर्व है, जिसका विवाह-रीति से कोई सम्बन्ध नहीं।
प्रश्न 35
उस क्रांतिकारी महिला का नाम बताइये जिसने बिजौलिया किसान आन्दोलन में भाग लिया और उसे गिरफ्तार किया गया तथा 1930 के सत्याग्रह और 1932 के सविनय अवज्ञा आन्दोलन में भाग लिया और जेल गई — [RAS प्री 2021]
(A) रमा देवी
(B) रतन शास्त्री
(C) अंजना देवी चौधरी
(D) किशोरी देवी
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — रमा देवी ने बिजौलिया किसान आन्दोलन में सक्रिय भागीदारी की तथा 1930 के नमक सत्याग्रह एवं 1932 के सविनय अवज्ञा आन्दोलन में भाग लेकर कारावास भोगा। विकल्प 3 अंजना देवी चौधरी भी बिजौलिया आन्दोलन से जुड़ी थीं (रामनारायण चौधरी की पत्नी), किन्तु प्रश्न में दी गई सत्याग्रह-कारावास की समग्र शर्तों की पूर्ति रमा देवी करती हैं — यही इस प्रश्न का मुख्य विभेदक है। विकल्प 2 रतन शास्त्री का कार्यक्षेत्र वनस्थली विद्यापीठ के माध्यम से महिला शिक्षा रहा। विकल्प 4 किशोरी देवी का सम्बन्ध इस विशिष्ट घटनाक्रम से नहीं है।
प्रश्न 36
जोधपुर नरेश मानसिंह की रानी भटियाणी प्रतापकुँवरी ने अपने द्वारा बनाय गये मंदिर को पुनः अन्यत्र बनवाया, क्योंकि पहले वाला मंदिर जमीन में धंस गया था, और उसने उसकी प्राण प्रतिष्ठा 1857 में कराई। उस मंदिर का नाम है — [RAS प्री 2021]
(A) कुंज बिहारी मंदिर
(B) महामंदिर
(C) घनश्यामजी का मंदिर
(D) तीजा मांजी का मंदिर
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — जोधपुर स्थित 'तीजा मांजी का मंदिर' रानी भटियाणी प्रतापकुँवरी द्वारा पुनर्निर्मित कराकर 1857 ई. में प्राण प्रतिष्ठित करवाया गया। विकल्प 1 कुंज बिहारी मंदिर जोधपुर का ही एक अन्य वैष्णव मंदिर है, जिसका निर्माण-सन्दर्भ भिन्न है। विकल्प 2 महामंदिर महाराजा मानसिंह द्वारा नाथ सम्प्रदाय हेतु 1812 ई. में बनवाया गया, अतः न तो निर्माता और न ही तिथि मेल खाती है। विकल्प 3 घनश्यामजी का मंदिर भी अलग निर्माण है।
प्रश्न 37
बयाना दुर्ग स्थित वरिक विष्णुवर्धन विजय स्तम्भ किस काल का माना जाता है? [RAS प्री 2021]
(A) सल्तनत काल
(B) मुगल काल
(C) मौर्य काल
(D) गुप्त काल
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — बयाना (भरतपुर) दुर्ग में स्थित यह लाट वरिक वंश के शासक विष्णुवर्धन द्वारा निर्मित है और इसे गुप्तकालीन (लगभग 371–372 ई.) माना जाता है; इसे 'भीमलाट' भी कहते हैं। विकल्प 3 मौर्यकाल इससे कहीं पूर्व का है और उस काल के स्तम्भ अशोक के एकाश्म स्तम्भ हैं। विकल्प 1 सल्तनत तथा विकल्प 2 मुगल काल दोनों कहीं परवर्ती हैं — बयाना में सल्तनतकालीन उषा मस्जिद अवश्य है, किन्तु प्रश्न विजय स्तम्भ का है।
प्रश्न 38
आहड़ सभ्यता के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए — (A) आहड़वासी तांबा गलाना जानते थे। (B) ये लोग चावल से परिचित नहीं थे। (C) धातु का काम आहड़वासियों की अर्थव्यवस्था का एक साधन था। (D) यहाँ से काले–लाल रंग के मृद्भाण्ड मिले हैं, जिन पर सामान्यतः सफेद रंग से ज्यामितीय आकृतियाँ उकेरी गई हैं। [RAS प्री 2021]
(A) A, C एवं D सही हैं
(B) A एवं B सही हैं
(C) A, B एवं C सही हैं
(D) C एवं D सही हैं
व्याख्या: विकल्प 1 सही है, क्योंकि केवल कथन B असत्य है — आहड़ (उदयपुर) से चावल के अवशेष प्राप्त हुए हैं, अतः वहाँ के निवासी चावल से भली-भाँति परिचित थे। कथन A व C सत्य हैं — आहड़ ताम्रयुगीन स्थल है, जहाँ ताम्र-गलन की भट्टियाँ मिली हैं और धातुकर्म अर्थव्यवस्था का आधार था; इसीलिए इसे 'ताम्रवती नगरी' कहा गया। कथन D भी सत्य है — यहाँ की विशिष्ट पहचान काले-लाल मृद्भाण्ड (Black and Red Ware) हैं, जिन पर सफेद रंग से ज्यामितीय अलंकरण मिलता है। विकल्प 2 व 3 असत्य कथन B को सम्मिलित करने के कारण, तथा विकल्प 4 सत्य कथन A को छोड़ने के कारण अशुद्ध हैं।
प्रश्न 39
'टोटी' आभूषण शरीर के किस हिस्से में पहना जाता है? [RAS प्री 2021]
(A) नाक
(B) हाथ
(C) कटि
(D) कान
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — 'टोटी' राजस्थान में कान का पारम्परिक आभूषण है। शेष विकल्प शरीर के भिन्न अंगों की ओर संकेत करते हैं, जिनके अपने अलग आभूषण हैं — विकल्प 1 नाक के लिए नथ, बेसर व लौंग; विकल्प 2 हाथ के लिए बाजूबंद, गजरा व चूड़ा; तथा विकल्प 3 कटि (कमर) के लिए कंदोरा, तगड़ी व करधनी प्रचलित हैं। कान के अन्य आभूषणों में झेला, बाली, ओगन्या एवं सुरलिया भी आते हैं।
प्रश्न 40
सूची–I (युद्ध) एवं सूची–II (वर्ष) को सुमेलित कीजिए — (A) गागरोण का युद्ध (B) सारंगपुर का युद्ध (C) सुमेल का युद्ध (D) साहेबा का युद्ध; (i) 1519 ई. (ii) 1544 ई. (iii) 1437 ई. (iv) 1541–42 ई. [RAS प्री 2021]
(A) A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv)
(B) A-(i), B-(iii), C-(ii), D-(iv)
(C) A-(ii), B-(iii), C-(iv), D-(i)
(D) A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i)
व्याख्या: सही तिथिक्रम — गागरोण का युद्ध 1519 ई. (i), सारंगपुर का युद्ध 1437 ई. (iii), सुमेल/गिरी-सुमेल का युद्ध 1544 ई. (ii) तथा साहेबा का युद्ध 1541–42 ई. (iv) में हुआ। यह क्रम विकल्प 2 में है। विकल्प 1 में केवल B और C की तिथियाँ आपस में बदल गई हैं, अतः वही निकटतम भ्रामक विकल्प है। विकल्प 3 व 4 में गागरोण की तिथि ही गलत होने से वे तत्काल निरस्त हो जाते हैं। संकेत: सारंगपुर (1437) महाराणा कुम्भा की विजय है और सुमेल (1544) शेरशाह बनाम मालदेव — इन दोनों के काल-अन्तर को याद रखने से यह प्रश्न सरलता से हल हो जाता है।
प्रश्न 41
सूची–I (लोक वाद्य यंत्र) एवं सूची–II (प्रख्यात कलाकार) को सुमेलित कीजिए — (A) भपंग (B) नड़ (C) अलगोजा (D) खड़ताल; (i) सदीक खाँ (ii) जहूर खाँ (iii) कर्णा भील (iv) रामनाथ चौधरी [RAS प्री 2021]
(A) A-(ii), B-(iii), C-(iv), D-(i)
(B) A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i)
(C) A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv)
(D) A-(ii), B-(i), C-(iii), D-(iv)
व्याख्या: सही सुमेलन — भपंग के प्रसिद्ध वादक जहूर खाँ मेवाती (ii), नड़ के कर्णा भील (iii), अलगोजा के रामनाथ चौधरी (iv) तथा खड़ताल के सदीक खाँ (i) हैं। यह क्रम विकल्प 1 में है। विकल्प 4 सर्वाधिक भ्रामक है क्योंकि उसमें भपंग–जहूर खाँ का युग्म तो सही है, किन्तु शेष तीन गलत बैठ रहे हैं। विकल्प 2 व 3 में भपंग का युग्म ही गलत होने से वे तत्काल निरस्त हो जाते हैं। स्मरणीय: भपंग अलवर-मेवात क्षेत्र का, नड़ जैसलमेर-बाड़मेर का तथा खड़ताल जैसलमेर क्षेत्र का प्रमुख लोकवाद्य है।
प्रश्न 42
राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी कहाँ अवस्थित है? [RAS प्री 2021]
(A) बीकानेर
(B) जयपुर
(C) उदयपुर
(D) जोधपुर
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी बीकानेर में स्थित है (स्थापना 1983 ई.)। शेष विकल्पों में अन्य अकादमियाँ हैं, जिनसे भ्रम होता है — विकल्प 2 जयपुर में राजस्थान संगीत नाटक अकादमी नहीं बल्कि राजस्थान साहित्य अकादमी का सम्बन्ध उदयपुर से है; विकल्प 3 उदयपुर में राजस्थान साहित्य अकादमी (हिन्दी) तथा राजस्थान प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान स्थित हैं; विकल्प 4 जोधपुर में राजस्थानी ग्रन्थागार एवं अन्य संस्थान हैं। ध्यान रखें — संगीत नाटक अकादमी जोधपुर में तथा ब्रज भाषा अकादमी जयपुर में है।
प्रश्न 43
समाचार पत्र 'मज़हरूल सरूर' कहाँ से और कब प्रकाशित हुआ? [RAS प्री 2021]
(A) भरतपुर, 1849
(B) जयपुर, 1856
(C) अजमेर, 1840
(D) उदयपुर, 1879
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — 'मज़हरूल सरूर' अजमेर से 1840 ई. में प्रकाशित हुआ और इसे राजस्थान का प्रथम समाचार पत्र माना जाता है। शेष विकल्प स्थान अथवा वर्ष अथवा दोनों में अशुद्ध हैं — विकल्प 1 का भरतपुर तथा विकल्प 2 का जयपुर इस पत्र से सम्बन्धित नहीं; विकल्प 4 का उदयपुर 1879 राजस्थान के अन्य आरम्भिक पत्रों के काल से मेल खाता प्रतीत होता है, इसीलिए यह भ्रामक है, किन्तु प्रश्नगत पत्र का नहीं।
प्रश्न 44
पुस्तक "संस्कृति री सनातन दीठ" के लेखक कौन हैं? [RAS प्री 2021]
(A) डॉ. सत्यनारायण
(B) अर्जुन देव चारण
(C) आईदान सिंह भाटी
(D) भँवर सिंह सामौर
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — राजस्थानी में लिखित 'संस्कृति री सनातन दीठ' के लेखक भँवर सिंह सामौर हैं। शेष तीनों राजस्थानी भाषा-साहित्य के प्रतिष्ठित नाम हैं, इसीलिए वे भ्रामक हैं — विकल्प 2 अर्जुन देव चारण राजस्थानी नाटककार एवं आलोचक हैं तथा विकल्प 3 आईदान सिंह भाटी राजस्थानी कवि हैं, किन्तु प्रस्तुत कृति उनकी नहीं है।
प्रश्न 45
नथमल जी की हवेली अवस्थित है — [RAS प्री 2023]
(A) बाड़मेर
(B) बीकानेर
(C) जोधपुर
(D) जैसलमेर
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — नथमल जी की हवेली जैसलमेर में स्थित है और अपनी पीले बलुआ पत्थर की जालीदार नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है; इसका निर्माण दो भाइयों हाथी व लालू ने अलग-अलग पक्षों से किया था, जिससे दोनों ओर की नक्काशी में सूक्ष्म अन्तर दिखता है। जैसलमेर की अन्य प्रसिद्ध हवेलियाँ पटवों की हवेली एवं सालिम सिंह की हवेली हैं। शेष तीनों नगरों में यह हवेली नहीं है।
प्रश्न 46
निम्नलिखित किस प्राचीन स्थल के उत्खनन में मालव जनपद की लौह सामग्री के विशाल संग्रह की जानकारी प्राप्त हुई है? [RAS प्री 2023]
(A) नगर (नैनवाँ)
(B) नगरी (मध्यमिका)
(C) सांभर
(D) रैढ़ (टोंक)
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — टोंक जिले के रैढ़ के उत्खनन से मालव जनपद से सम्बन्धित लौह सामग्री का विशाल भंडार तथा तीन हजार से अधिक मालव सिक्के प्राप्त हुए, इसीलिए इसे 'प्राचीन भारत का टाटानगर' कहा जाता है। विकल्प 2 नगरी (मध्यमिका, चित्तौड़गढ़) शिवि जनपद से सम्बन्धित है — जनपद-भेद ही यहाँ निर्णायक है। विकल्प 1 नगर (नैनवाँ, बूँदी) से मालव सिक्के अवश्य मिले, किन्तु लौह सामग्री का यह संग्रह रैढ़ की विशेषता है। विकल्प 3 सांभर चौहानकालीन स्थल है।
प्रश्न 47
अजमेर का पराक्रमी चौहान शासक जिसने दिल्ली पर विजय प्राप्त कर उसे अपने साम्राज्य में शामिल कर लिया। वह था — [RAS प्री 2023]
(A) विग्रहराज चतुर्थ
(B) अर्णोराज
(C) अजयराज
(D) पृथ्वीराज तृतीय
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) ने तोमरों से दिल्ली छीनकर उसे चौहान साम्राज्य में सम्मिलित किया; वे 'कवि बान्धव' कहलाए और 'हरकेलि नाटक' के रचयिता थे। विकल्प 3 अजयराज ने अजयमेरु (अजमेर) नगर बसाया। विकल्प 2 अर्णोराज ने तुर्कों को पराजित कर आनासागर झील बनवाई। विकल्प 4 पृथ्वीराज तृतीय को दिल्ली उत्तराधिकार में मिली, जीतकर नहीं — यही सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है।
प्रश्न 48
अरब यात्री सुलेमान ने किस प्रतिहार राजा के शासनकाल में भारत की यात्रा की? [RAS प्री 2023]
(A) नागभट्ट द्वितीय
(B) नागभट्ट प्रथम
(C) वत्सराज
(D) भोज प्रथम
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — अरब यात्री सुलेमान ने मिहिरभोज (भोज प्रथम) के शासनकाल में भारत की यात्रा की और अपने यात्रा-वृत्तान्त में प्रतिहार सेना एवं अश्वबल की प्रशंसा करते हुए उन्हें अरबों का शत्रु बताया। शेष तीनों प्रतिहार शासक मिहिरभोज से पूर्ववर्ती हैं — नागभट्ट प्रथम ने अरब आक्रमण रोका, वत्सराज त्रिपक्षीय संघर्ष में सम्मिलित हुए तथा नागभट्ट द्वितीय ने कन्नौज जीता।
प्रश्न 49
कन्हैया लाल मित्तल, मांगीलाल बव्या और मकबूल आलम निम्नलिखित किस प्रजा मण्डल आन्दोलन से सम्बद्ध थे? [RAS प्री 2023]
(A) झालावाड़ राज्य प्रजा मण्डल
(B) बाँसवाड़ा राज्य प्रजा मण्डल
(C) बूंदी राज्य प्रजा परिषद्
(D) करौली राज्य प्रजा मण्डल
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — कन्हैया लाल मित्तल, मांगीलाल बव्या एवं मकबूल आलम झालावाड़ राज्य प्रजा मण्डल से सम्बद्ध थे; इसकी स्थापना 1934 में हुई थी। शेष तीनों प्रजा मण्डल अन्य नेताओं से जुड़े हैं — बाँसवाड़ा प्रजा मण्डल से भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी, बूंदी राज्य प्रजा परिषद् से कान्तिलाल तथा करौली प्रजा मण्डल से त्रिलोक चन्द माथुर का नाम आता है।
प्रश्न 50
मत्स्य संघ का वृहत् राजस्थान में विलय कब हुआ? [RAS प्री 2023]
(A) 18 अप्रैल, 1948
(B) 25 जनवरी, 1950
(C) 30 मार्च, 1949
(D) 15 मई, 1949
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — मत्स्य संघ (अलवर, भरतपुर, धौलपुर एवं करौली) का वृहत् राजस्थान में विलय 15 मई 1949 को हुआ, जिससे 'संयुक्त वृहत् राजस्थान' का निर्माण हुआ। विकल्प 1 (18 अप्रैल 1948) संयुक्त राजस्थान के गठन की तिथि है। विकल्प 3 (30 मार्च 1949) वृहत् राजस्थान के गठन की तिथि है, जिसे राजस्थान दिवस के रूप में मनाया जाता है। विकल्प 2 (25 जनवरी 1950) को सिरोही के विलय के साथ राजस्थान का वर्तमान स्वरूप बना।
प्रश्न 51
एकी आन्दोलन प्रारम्भ करने के पहले मोतीलाल तेजावत किस राजपूत ठिकाने में कामदार के पद पर कार्यरत थे? [RAS प्री 2023]
(A) झाड़ोल
(B) सलूम्बर
(C) कोठारिया
(D) देवगढ़
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — मोतीलाल तेजावत एकी (भोमट) आन्दोलन प्रारम्भ करने से पूर्व झाड़ोल ठिकाने में कामदार के पद पर कार्यरत थे; उन्हें भीलों ने 'बावजी' कहकर सम्मानित किया। शेष तीनों — सलूम्बर, कोठारिया एवं देवगढ़ — मेवाड़ के प्रमुख ठिकाने अवश्य हैं, किन्तु तेजावत की सेवा-स्थली झाड़ोल ही थी। इसी आन्दोलन से जुड़ा नीमड़ा हत्याकांड 1922 में हुआ था।
प्रश्न 52
झाड़ोल (उदयपुर), कुराड़ा (नागौर) और साबनिया (बीकानेर) में क्या समानता है? [RAS प्री 2023]
(A) ताम्रपाषाण संस्कृति के केन्द्र
(B) पुरा–पाषाण युग के केन्द्र
(C) लघु पाषाण उपकरण मिले हैं
(D) ताम्र उपकरणों के भण्डार
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — झाड़ोल (उदयपुर), कुराड़ा (नागौर) एवं साबनिया (बीकानेर) तीनों स्थलों से ताम्र उपकरणों के विशाल भण्डार (copper hoards) प्राप्त हुए हैं, जो ताम्रनिधि संस्कृति के प्रमाण माने जाते हैं। विकल्प 1 सर्वाधिक भ्रामक है क्योंकि ताम्र से जुड़े होने पर भी यहाँ की विशेषता 'संस्कृति-केन्द्र' होना नहीं, बल्कि उपकरणों का संचित भण्डार मिलना है — आहड़ व गिलूंड ताम्रपाषाण संस्कृति के केन्द्र हैं।
प्रश्न 53
प्रसिद्ध चित्रकार मुहम्मद शाह जयपुर के किस महाराजा का दरबारी चित्रकार था? [RAS प्री 2023]
(A) सवाई राम सिंह द्वितीय
(B) सवाई जगत सिंह
(C) सवाई प्रताप सिंह
(D) सवाई जय सिंह
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — प्रसिद्ध चित्रकार मुहम्मद शाह सवाई जय सिंह के दरबार से सम्बद्ध थे। विकल्प 3 सवाई प्रताप सिंह का काल जयपुर चित्रशैली का स्वर्णकाल माना जाता है, जिनके दरबार में साहिबराम, गोपाल व हुकमा जैसे चित्रकार थे — इसीलिए वह सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है। विकल्प 1 सवाई राम सिंह द्वितीय का काल फोटोग्राफी के प्रोत्साहन के लिए जाना जाता है।
प्रश्न 54
राजस्थान में किस संप्रदाय के पुरुषों द्वारा अग्नि नृत्य किया जाता है? [RAS प्री 2023]
(A) बिश्नोई संप्रदाय
(B) रामस्नेही संप्रदाय
(C) जसनाथी सिद्ध
(D) दादू पंथ
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — अग्नि नृत्य जसनाथी सिद्धों द्वारा किया जाता है, जिसका मुख्य केन्द्र कतरियासर (बीकानेर) है; इसमें सिद्ध दहकते अंगारों पर नृत्य करते हैं। विकल्प 1 बिश्नोई सम्प्रदाय (जाम्भोजी) पर्यावरण संरक्षण एवं 29 नियमों के लिए जाना जाता है। विकल्प 2 रामस्नेही सम्प्रदाय निर्गुण भक्ति से तथा विकल्प 4 दादू पंथ दादूदयाल की वाणी से सम्बद्ध है — किसी में भी अग्नि नृत्य की परम्परा नहीं।
प्रश्न 55
कुवलयमाला नामक कथा संग्रह में कितनी देशी भाषाओं के नाम का उल्लेख हुआ है? [RAS प्री 2023]
(A) 18
(B) 17
(C) 16
(D) 15
व्याख्या: विकल्प 1 (18) सही है — उद्योतन सूरी द्वारा 778 ई. में जालोर में रचित 'कुवलयमाला' में तत्कालीन 18 देशी भाषाओं का उल्लेख मिलता है, जो प्राचीन भारतीय भाषा-वैविध्य का महत्त्वपूर्ण साक्ष्य है। शेष विकल्प (17, 16 एवं 15) निकटवर्ती संख्याएँ देकर भ्रम उत्पन्न करते हैं; यह प्रश्न पूर्णतः संख्या के सटीक स्मरण पर आधारित है।
प्रश्न 56
'अचलदास खींची री वचनिका' के लेखक हैं — [RAS प्री 2023]
(A) गोपाल दान कविया
(B) केसरी सिंह बारहठ
(C) रामनाथ कविया
(D) चारण शिवदास
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — 'अचलदास खींची री वचनिका' के रचयिता चारण शिवदास (शिवदास गाडण) हैं, जिसमें गागरोण के शासक अचलदास खींची तथा माण्डू के होशंगशाह के मध्य हुए युद्ध का वर्णन है। विकल्प 2 केसरी सिंह बारहठ 'चेतावनी रा चूंगट्या' के लिए प्रसिद्ध हैं। विकल्प 1 गोपाल दान कविया एवं विकल्प 3 रामनाथ कविया अन्य चारण साहित्यकार हैं, किन्तु प्रस्तुत कृति उनकी नहीं है।
प्रश्न 57
निम्न में से कौन सा युग्म गलत मेलित है? [RAS प्री 2023]
(A) रामदेवजी – रामदेवरा
(B) मल्लीनाथजी – गागरोण
(C) तेजाजी – खरनाल
(D) पाबूजी – कोलू
व्याख्या: विकल्प 2 सही उत्तर है — मल्लीनाथजी का सम्बन्ध बाड़मेर जिले के तिलवाड़ा से है, गागरोण से नहीं; तिलवाड़ा में उन्हीं की स्मृति में प्रसिद्ध मल्लीनाथ पशु मेला लगता है। गागरोण (झालावाड़) का सम्बन्ध सूफी सन्त मिट्ठेशाह की दरगाह एवं गागरोण दुर्ग से है। शेष तीनों युग्म सही हैं — रामदेवजी का रामदेवरा (जैसलमेर), तेजाजी का खरनाल (नागौर) तथा पाबूजी का कोलू (जोधपुर) से सम्बन्ध है।
प्रश्न 58
चन्द्रभागा मेला प्रतिवर्ष कार्तिक मास में कहाँ आयोजित होता है? [RAS प्री 2023]
(A) बूंदी
(B) बाँसवाड़ा
(C) डूंगरपुर
(D) झालरापाटन
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — चन्द्रभागा पशु मेला झालावाड़ जिले के झालरापाटन में चन्द्रभागा नदी के तट पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगता है और यह हाड़ौती क्षेत्र का प्रमुख पशु मेला है। शेष तीनों जिलों में अन्य मेले आयोजित होते हैं — डूंगरपुर व बाँसवाड़ा में बेणेश्वर मेला (माघ पूर्णिमा) प्रसिद्ध है, जिससे भ्रम उत्पन्न होता है।
प्रश्न 59
निम्न में से कौन सा राजस्थान का दुर्ग गिरि दुर्ग नहीं है? [RAS प्री 2023]
(A) गागरोण का दुर्ग
(B) जालौर का दुर्ग
(C) चित्तौड़गढ़
(D) सिवाणा का दुर्ग
व्याख्या: विकल्प 1 सही उत्तर है — गागरोण दुर्ग जल दुर्ग (जलदुर्ग) की श्रेणी में आता है, क्योंकि यह आहू एवं कालीसिंध नदियों के संगम से तीन ओर से घिरा है; इसे 'डोडगढ़' अथवा 'धूलरगढ़' भी कहा जाता है। शेष तीनों — जालौर (सुवर्णगिरि), चित्तौड़गढ़ (मेसा पठार) एवं सिवाणा (छप्पन की पहाड़ियाँ) — पहाड़ी पर स्थित होने से गिरि दुर्ग हैं। यही जल बनाम गिरि का वर्गीकरण प्रश्न का आधार है।
प्रश्न 60
'ललित विग्रहराज' नाटक की रचना किसने की? [RAS प्री 2023]
(A) हेमचन्द्र
(B) कल्हण
(C) सोमदेव
(D) महेश
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — 'ललित विग्रहराज' नाटक की रचना विग्रहराज चतुर्थ के दरबारी कवि सोमदेव ने की; इसके अंश अजमेर की अढ़ाई दिन के झोंपड़े की शिलाओं पर उत्कीर्ण मिले हैं। विकल्प 1 हेमचन्द्र गुजरात के जैन विद्वान थे। विकल्प 2 कल्हण 'राजतरंगिणी' के रचयिता हैं। ध्यान दें कि स्वयं विग्रहराज चतुर्थ ने 'हरकेलि नाटक' की रचना की थी — दोनों नाटक एक ही शिलालेख-समूह से जुड़े होने के कारण भ्रम होता है।
प्रश्न 61
राजस्थान राज्य का प्रथम राजप्रमुख किसे नियुक्त किया गया था? [RAS प्री 2023]
(A) महाराजा उम्मेद सिंह, जोधपुर
(B) महाराजा करणी सिंह, बीकानेर
(C) महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय, जयपुर
(D) महाराणा भगवत सिंह, उदयपुर
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — वृहत् राजस्थान के गठन (30 मार्च 1949) पर जयपुर के महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय को राजस्थान का प्रथम राजप्रमुख नियुक्त किया गया, जबकि उदयपुर के महाराणा भूपाल सिंह को महाराजप्रमुख बनाया गया। विकल्प 4 महाराणा भगवत सिंह भूपाल सिंह के उत्तराधिकारी थे — पीढ़ी का यही अन्तर भ्रम उत्पन्न करता है। विकल्प 1 व 2 के शासक राजप्रमुख नहीं बने।
प्रश्न 62
निम्नलिखित में से किस पुरास्थल की पहचान पुरातत्त्वविद् टी.एच. हैण्डले ने एक बौद्ध कस्बे के रूप में की थी? [RAS प्री 2024]
(A) भाण्डारेज
(B) बूढ़ा पुष्कर
(C) बैराठ
(D) नलियासर
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — पुरातत्त्वविद् टी.एच. हैण्डले ने नलियासर (सांभर) की पहचान एक बौद्ध कस्बे के रूप में की थी। विकल्प 3 बैराठ भी प्रसिद्ध बौद्ध स्थल है, जहाँ अशोक के शिलालेख एवं गोल बौद्ध मन्दिर मिले — यही सर्वाधिक भ्रामक विकल्प है, किन्तु उसकी खोज दयाराम साहनी से जुड़ी है। विकल्प 1 भाण्डारेज (दौसा) तथा विकल्प 2 बूढ़ा पुष्कर (अजमेर) अन्य पुरास्थल हैं।
प्रश्न 63
मारवाड़ के राव चूण्डा के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. राव चूण्डा को मण्डोर दहेज में प्राप्त हुआ। B. राव चूण्डा की मृत्यु के तुरंत पश्चात् राव रणमल राजगद्दी पर आसीन हुआ। [RAS प्री 2024]
(A) केवल A सत्य है।
(B) केवल B सत्य है।
(C) A और B दोनों सत्य हैं।
(D) A और B दोनों असत्य हैं।
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — केवल कथन A सत्य है, अर्थात् राव चूण्डा को मण्डोर दहेज में प्राप्त हुआ; इंदा राजपूतों ने अपनी कन्या के विवाह में उन्हें मण्डोर सौंपा था, जिससे राठौड़ों को स्थायी केन्द्र मिला। कथन B अशुद्ध है क्योंकि राव चूण्डा की मृत्यु के तुरन्त पश्चात् राव रणमल नहीं, बल्कि राव कान्हा (कान्हड़दे) गद्दी पर बैठे — यही उत्तराधिकार-क्रम निर्णायक बिन्दु है।
प्रश्न 64
'राव-जैतसी-रो-छन्द' के अनुसार, बीकानेर के शासक राव जैतसी ने निम्न में से किसे परास्त किया था? [RAS प्री 2024]
(A) हुमायूँ
(B) कामरान
(C) शेरशाह
(D) अकबर
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — 'राव जैतसी रो छन्द' (रचयिता बीठू सूजा) के अनुसार बीकानेर के शासक राव जैतसी ने 1534 ई. में हुए युद्ध में बाबर के पुत्र कामरान को परास्त किया था। विकल्प 1 हुमायूँ एवं विकल्प 3 शेरशाह का इस विशिष्ट युद्ध से सम्बन्ध नहीं। विकल्प 4 अकबर कालक्रम की दृष्टि से ही परवर्ती हैं, अतः वह विकल्प तत्काल निरस्त हो जाता है।
प्रश्न 65
निम्नलिखित में से ओझियाना के उत्खनन में कौन शामिल था/थे? A. आर.सी. अग्रवाल, B. बी.आर. मीणा, C. आलोक त्रिपाठी [RAS प्री 2024]
(A) केवल A
(B) केवल C
(C) A और B
(D) B और C
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — ओझियाना (भीलवाड़ा) के उत्खनन में बी.आर. मीणा एवं आलोक त्रिपाठी सम्मिलित थे। कथन A के आर.सी. अग्रवाल इस विशिष्ट उत्खनन से जुड़े नहीं थे — यही एकमात्र निर्णायक अपवाद है, जिससे विकल्प 1 एवं 3 निरस्त हो जाते हैं तथा विकल्प 2 अधूरा रह जाता है। ओझियाना आहड़ (बनास) संस्कृति का महत्त्वपूर्ण ताम्रपाषाणिक स्थल है।
प्रश्न 66
बिजोलिया किसान आन्दोलन के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. बिजोलिया किसान आन्दोलन सम्बन्धी जानकारी देने हेतु विजय सिंह पथिक गांधीजी से मिलने वर्धा गये थे। B. प्रयाग के 'अभ्युदय' एवं कलकत्ता के 'भारत मित्र' समाचार-पत्रों ने बिजोलिया किसान आन्दोलन सम्बन्धी समाचारों का नियमित रूप से प्रकाशन किया था। [RAS प्री 2024]
(A) केवल A सही है।
(B) केवल B सही है।
(C) A और B दोनों सही हैं।
(D) न तो A और न ही B सही है।
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — केवल कथन B सही है, अर्थात् प्रयाग के 'अभ्युदय' एवं कलकत्ता के 'भारत मित्र' समाचार-पत्रों ने बिजोलिया किसान आन्दोलन के समाचार नियमित रूप से प्रकाशित किए, जिससे आन्दोलन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। कथन A अशुद्ध है क्योंकि विजय सिंह पथिक गांधीजी से भेंट हेतु वर्धा नहीं गए थे — यही तथ्यात्मक विवरण निर्णायक बिन्दु है।
प्रश्न 67
1945 का एस.ए. सुधालकर प्रतिवेदन निम्न में से किस देशी रियासत से सम्बन्धित है? [RAS प्री 2024]
(A) जोधपुर
(B) बीकानेर
(C) उदयपुर
(D) जयपुर
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — 1945 का एस.ए. सुधालकर प्रतिवेदन जोधपुर रियासत से सम्बन्धित है। शेष तीनों रियासतों — बीकानेर, उदयपुर एवं जयपुर — से सम्बन्धित अन्य प्रशासनिक एवं संवैधानिक प्रतिवेदन उस काल में प्रस्तुत हुए, इसीलिए वे भ्रामक लगती हैं। ऐसे प्रतिवेदन देशी रियासतों में उत्तरदायी शासन एवं प्रशासनिक सुधारों की माँग की पृष्ठभूमि में तैयार किए गए थे।
प्रश्न 68
वाल्टरकृत राजपूत हितकारिणी सभा के संबंध में निम्न में से कौन सा कथन असत्य है? [RAS प्री 2024]
(A) इसकी स्थापना सन् 1888 में कर्नल सी.के.एम. वाल्टर के प्रयासों से हुई थी।
(B) इसका उद्देश्य राजस्थान के राजपूतों और दलितों के लिए सुधारात्मक कार्य करना था।
(C) इसकी प्रथम बैठक का आयोजन अजमेर में हुआ था।
(D) सभा ने अपने उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए सामाजिक नियम बनाए।
व्याख्या: विकल्प 2 असत्य कथन है — वाल्टरकृत राजपूत हितकारिणी सभा का उद्देश्य राजपूतों में सामाजिक कुरीतियों (बाल विवाह, मृत्युभोज, कन्या वध, अत्यधिक दहेज) का निवारण करना था; दलितों के लिए सुधारात्मक कार्य इसका उद्देश्य नहीं था। शेष तीनों कथन सही हैं — स्थापना 1888 में कर्नल सी.के.एम. वाल्टर के प्रयासों से हुई, प्रथम बैठक अजमेर में हुई तथा सभा ने अपने उद्देश्यों हेतु सामाजिक नियम बनाए।
प्रश्न 69
राजोरगढ़ में मथानदेव द्वारा निर्मित प्रसिद्ध मंदिर निम्न में से किस देवी/देवता को समर्पित था? [RAS प्री 2024]
(A) शिव
(B) विष्णु
(C) सूर्य
(D) महिषासुर मर्दिनी
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — राजोरगढ़ (अलवर) में मथानदेव द्वारा निर्मित प्रसिद्ध मन्दिर शिव को समर्पित था, जो 'नीलकंठ महादेव मन्दिर' के नाम से जाना जाता है; यह प्रतिहारकालीन स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण है। शेष तीनों — विष्णु, सूर्य एवं महिषासुर मर्दिनी — के मन्दिर भी उसी परिसर एवं क्षेत्र में मिलते हैं, इसीलिए वे भ्रामक लगते हैं, किन्तु मुख्य मन्दिर शैव है।
प्रश्न 70
लोक वाद्ययंत्र 'चौतारा' के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. यह चार तारों वाला वाद्ययंत्र है। B. यह सामान्यतः रामदेवजी के भजन गाने में प्रयुक्त होता है। [RAS प्री 2024]
(A) केवल A सत्य है।
(B) केवल B सत्य है।
(C) A और B दोनों सत्य हैं।
(D) A और B दोनों असत्य हैं।
व्याख्या: विकल्प 3 सही है — दोनों कथन सत्य हैं। 'चौतारा' चार तारों वाला तंत्री वाद्य है, जैसा उसके नाम से ही स्पष्ट है, तथा यह सामान्यतः रामदेवजी के भजन गाने में प्रयुक्त होता है। इसी कारण विकल्प 1, 2 एवं 4 किसी एक अथवा दोनों सत्य कथनों को नकारने से अशुद्ध हैं। स्मरणीय: रामदेवजी की भक्ति में तेरहताली नृत्य भी कामड़ जाति द्वारा किया जाता है।
प्रश्न 71
निम्न में से कौन सा विकल्प सही सुमेलित नहीं है? [RAS प्री 2024]
(A) पृथ्वीराज रासो – चंदबरदाई
(B) बीसलदेव रासो – नरपति
(C) खुमाण रासो – करणीदान
(D) शत्रुसाल रासो – डूँगरसिंह
व्याख्या: विकल्प 3 सही उत्तर है — 'खुमाण रासो' के रचयिता दलपत विजय माने जाते हैं, करणीदान नहीं; करणीदान 'सूरज प्रकाश' के रचयिता हैं। शेष तीनों युग्म सही हैं — 'पृथ्वीराज रासो' चंदबरदाई की, 'बीसलदेव रासो' नरपति नाल्ह की तथा 'शत्रुसाल रासो' डूँगरसिंह की रचना है। रासो साहित्य राजस्थानी वीरगाथा परम्परा का प्रमुख अंग है।
प्रश्न 72
सूची-I व सूची-II को सुमेलित करते हुए राजस्थान की प्रसिद्ध चित्रकला शैलियों एवं उनके चित्रकारों के संबंध में सही विकल्प चुनिये: A. किशनगढ़, B. बीकानेर, C. मेवाड़, D. मारवाड़ | i. साहिबदीन, ii. निहालचंद, iii. अली रजा, iv. शिवदास [RAS प्री 2024]
(A) A-ii, B-iv, C-i, D-iii
(B) A-ii, B-iii, C-i, D-iv
(C) A-ii, B-iii, C-iv, D-i
(D) A-ii, B-i, C-iii, D-iv
व्याख्या: सही सुमेलन — किशनगढ़ शैली के निहालचंद (ii), बीकानेर शैली के अली रजा (iii), मेवाड़ शैली के साहिबदीन (i) तथा मारवाड़ शैली के शिवदास (iv)। यह क्रम विकल्प 2 में है। चारों विकल्पों में किशनगढ़–निहालचंद समान है (जिन्होंने प्रसिद्ध 'बणी-ठणी' चित्रित किया), अतः निर्णय शेष तीन युग्मों से ही होगा — मेवाड़–साहिबदीन को पहचानते ही विकल्प 3 व 4 निरस्त हो जाते हैं।
प्रश्न 73
संत लालदास के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. संत लालदास आजीवन अविवाहित रहे। B. संत लालदास की मृत्यु के पश्चात् उनके समाधि स्थान पर मन्दिर का निर्माण करवाया गया। [RAS प्री 2024]
(A) केवल A सत्य है।
(B) केवल B सत्य है।
(C) A और B दोनों सत्य हैं।
(D) A और B दोनों असत्य हैं।
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — केवल कथन B सत्य है, अर्थात् सन्त लालदास की मृत्यु के पश्चात् उनके समाधि स्थल पर मन्दिर का निर्माण करवाया गया। कथन A अशुद्ध है क्योंकि सन्त लालदास आजीवन अविवाहित नहीं रहे — यही तथ्यात्मक विवरण निर्णायक बिन्दु है। लालदासी सम्प्रदाय का प्रमुख क्षेत्र मेवात (अलवर-भरतपुर) रहा और उनकी वाणी को 'लालदास की चेतावनी' कहा जाता है।
प्रश्न 74
राजस्थान की वेशभूषा में प्रयुक्त 'कसूमल' निम्न में से कौन सा रंग होता है? [RAS प्री 2024]
(A) लाल
(B) पीला
(C) गुलाबी
(D) केसरिया
व्याख्या: विकल्प 1 सही है — राजस्थानी वेशभूषा में 'कसूमल' गहरा लाल रंग होता है, जो कुसुम के फूल से प्राप्त होता है और विवाह जैसे मांगलिक अवसरों पर विशेष रूप से प्रयुक्त होता है। शेष तीनों रंगों के लिए पृथक् पारम्परिक नाम प्रचलित हैं — पीले के लिए 'पीळो', गुलाबी के लिए 'गुलाबी' तथा केसरिया के लिए 'केसरिया', जो युद्ध में केसरिया करने की परम्परा से जुड़ा है।
प्रश्न 75
मत्स्य संघ के प्रधानमंत्री शोभाराम के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A. उन्होंने असहयोग आन्दोलन के दौरान वकालत छोड़ी। B. वे हीरालाल शास्त्री के मंत्रिमण्डल में सदस्य रहे। [RAS प्री 2024]
(A) केवल A सत्य है।
(B) केवल B सत्य है।
(C) A और B दोनों सत्य हैं।
(D) A और B दोनों असत्य हैं।
व्याख्या: विकल्प 2 सही है — केवल कथन B सत्य है, अर्थात् मत्स्य संघ के प्रधानमंत्री शोभाराम आगे चलकर हीरालाल शास्त्री के मंत्रिमण्डल में सदस्य रहे। कथन A अशुद्ध है क्योंकि उन्होंने असहयोग आन्दोलन के दौरान वकालत नहीं छोड़ी — यही तथ्यात्मक विवरण निर्णायक बिन्दु है। मत्स्य संघ (अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली) का गठन 18 मार्च 1948 को हुआ था।
प्रश्न 76
निम्न में से किसके लिए राजस्थानी भाषा में 'आड़ी', 'हीयाली' शब्द प्रचलित हैं? [RAS प्री 2024]
(A) मुहावरे
(B) लोकोक्ति
(C) फड़
(D) पहेलियाँ
व्याख्या: विकल्प 4 सही है — राजस्थानी भाषा में 'आड़ी' एवं 'हीयाली' शब्द पहेलियों के लिए प्रचलित हैं। विकल्प 1 मुहावरों के लिए राजस्थानी में भिन्न शब्दावली है, विकल्प 2 लोकोक्ति के लिए 'कहावत/कहाणी' तथा विकल्प 3 'फड़' एक चित्रित कपड़े पर आधारित लोक-गायन परम्परा है, जिसका सम्बन्ध पाबूजी एवं देवनारायणजी की गाथाओं से है — तीनों भिन्न लोक-साहित्यिक विधाएँ हैं।
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